देश मे सबसे अधिक दुरी तय करने वाली रेल गाड़ी -विवेक एक्सप्रेसे


क्या आप देश की सबसे अधिक दुरी तय करने वाली रेलगाड़ी के बारे में जानते हे या नहीं अगर नहीं तो आज मै आपको भारत की सबसे अधिक दुरी तय करने वाली रेलगाड़ी के बारे में बताता हूँ 
भारत की सर्वाधिक दुरी तय करने वाली दुरी रेलगाड़ी अब विवेक एक्सप्रेस है।  यह गाड़ी असम को कन्याकुमारी से जोड़ती है इस गाड़ी का परिचालन १९ नवम्बर २०११ को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंद्रागाँधी जी की जयंती से शुरू हुआ. केन्द्र सरकार के पूर्वोत्तर क्षेत्र  डिब्रूगढ़ जो (असम) से कन्याकुमारी तक कुल 4286 किमी० की दुरी को यह गाड़ी 82.30 घण्टे में तय करती है. सप्ताह में एक बार चलने वाली ये रेलगाड़ी प्रत्येक शानिवार रात्रि 11.45 बजे डिब्रूगढ़ से रवाना होकर बुद्धवार प्रातः 10.25 बजे कन्याकुमारी पहुचती है तथा इतने ही समय में यह वापसी की यात्रा करती है इस रेलगाड़ी के परिचालन से पहले जम्मू तवी व कन्याकुमारी के बीच 3715 किमी० की दुरी तय करने वाली रेलगाड़ी हिमसागर एक्सप्रेस देश की सबसे अधिक दुरी तय करने वाली रेलगाड़ी थी।    

आठ दिशाये


1 पूर्व 
2 ईशान 
3 उत्तर 
4 वायव्य 
5 पश्चिम 
6 नैऋत्य 
7 दक्षिण 
8 आग्नेय

हिन्दू धर्म

हिन्दू धर्म विश्व के सबसे  बड़े धर्मो में से एक है हिन्दू धर्म को मानने वाले सबसे ज्यादा लोग हिंदुस्तान में है   हिन्दू  (Hindu) शब्द  मूल रूप से सिन्धु शब्द का फारसी रूपान्तर है  ये माना जाता है की हिन्दू  शब्द  छठी  शताब्दी  ई० पू० एक आस पास अस्तित्व  में  आया  होगा  जब सिन्धु नदी के आस-पास का क्षेत्र  फारस साम्राज्य का भाग  रहा होगा कई  शताब्दियों के बाद पश्चिमोतर से आये मुस्लिम आक्रमनकारियो के साथ यह नाम दोबारा से  भारत में आया होगा उस समय तक हिन्दू  शब्द के अर्थ रूप में हिन्दू  धर्म का कोई  लक्षण  नही था मुस्लिम शासको  के शासन काल में इस हिन्दू शब्द  में धार्मिक भावना का समावेश होने  लगा था  तथा अंग्रेजो    के शासन काल के दौरान यह शब्द केवल उन लोगो के लिए प्रयोग में लाया जाने लगा था जो भारत में प्राचीन काल से चले आ रहे हिन्दू धर्म के मानने वाले  अनुयायियों के लिएथा  हिन्दू धर्म का आधार वेद है.

हिन्दू माह

आज हम हिंदुस्तान में जिस कैलेंडर का प्रयोग करते है उस कलेंडर में हम साल के महीनो को जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रेल, मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितम्बर,  अकटूबर,  नवम्बर,  दिसम्बर नामो से जानते है। 
लेकिन क्या आपको पता है की हमारे भारत वर्ष के कैलेंडर के अनुसार इन महीनो को किन नामो से जाना जाता है अगर आप नहीं जानते जो मैं आपको बताता हु की हमारे हिन्दू कैलेंडर के अनुसार हमारे हिंदी महीने कौन कौन से है। 


1. चेत्र (चैत )
2. वैशाख (बैशाख)
3. ज्येश्ठ (जेठ)
4. आशाढ़
5. श्रावण (सावन )
6. भाद्रपक्ष ( भादो)
7. आश्विन (क्वार)
8. कार्तिक
9. मृगशिर्ष (अगहन)
10. पौश
11. माघ
12. फाल्गुन

आपरेशन मेघदूत


क्या आप आपरेशन मेघदूत के बारे में जानते है अगर नहीं तो चलो मैं आज आपको एक ऐसे अभियान के बारे में बताता हूँ जो भारत की आर्मी के द्वारा चलाया गया जो बहुत ही खास था यह अभियान या आपरेशन भारतीय सेना के द्वारा उस समय चलाया गया था जब पाकिस्तान की सेना ने भारत में कश्मीर के सियाचिन ग्लेश्यर के क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लिया था और भारत की सेना के द्वारा सियाचिन ग्लेश्यर को मुक्त करने के लिए १३ अप्रेल १९८४ को आपरेशन मेघदूत चलाया गया था

जन लोकपाल बिल क्या है

 देश में बढ़ते हुए भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अन्ना हजारे ने जान लोकपाल बिल की मांग की जिसके समर्थन में देश की जनता ने पूरा सहयोग किया जन लोकपाल बिल को पारित करने के लिए समाज सेवी अन्ना हजारे जंतर मंतर पर आमरण आसान पर बैठ गए आइये जानते है आखिर ये जन लोकपाल बिल है क्या और इसकी मांग क्यों की गयी 
जन लोकपाल के लिए न्यायाधीश संतोष हेगड़े जी , प्रशांत भूषण जी तथा  अरविंद केजरीवाल जी  द्वारा बनाया गया यह विधेयक भारत की जनता द्वारा  वेबसाइट पर दी गई जनता की प्रतिक्रिया और देश की जनता के साथ विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है एक बिल है जिसमे भ्रष्टाचार को ख़तम करने के लिए कुछ नियमो और कानूनों को सम्मिलित किया गया है और हर राज्य में एक राज्यपाल नियुक्त किया जाये यह प्रस्ताव रखा । इस बिल को शांति भूषण जी , जे एम लिंग्दोह जी , किरन बेदी जी  और समाज सेवी अन्ना हजारे आदि का समर्थन प्राप्त है। इस बिल की प्रति प्रधानमंत्री एवं सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भेजा गयी थी। 
1. इस कानून (जन लोकपाल बिल ) के अंतर्गत, केंद्र में एक लोकपाल और प्रत्येक राज्य में लोकायुक्त का गठन होगा।
2. जन लोकपाल बिल की ये संस्था भारत के निर्वाचन आयोग और देश के सुप्रीम कोर्ट की तरह सरकार से स्वतंत्र होगी। तथा कोई भी मंत्री , नेता या सरकारी अधिकारी इसकी  जांच की प्रक्रिया को किसी भी प्रकार प्रभावित नहीं कर पाएगा।
3. और दोसी पाए गए भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कई सालों तक  कोई भी मुकदमा लम्बित नहीं रहेंगे। ऐसे  किसी भी मुकदमे की जांच एक साल के भीतर पूरी करनी होगी। और भ्रष्ट मंत्रियो , नेताओ  , अधिकारी या  न्यायाधीश को दो साल के भीतर जेल भेजा जाएगा।
4. दोषी पर अपराध सिद्ध होने के बाद भ्रष्टाचारियों के द्वारा सरकार को हुए घाटे को दोषी से वसूल किया जाएगा।
5. जन लोकपाल बिल कानून  आम नागरिक की कैसे मदद करेगा यदि किसी भी नागरिक का कोई काम तय समय सीमा में पूरा  नहीं होता हे , तो उस राज्य का गठित लोकपाल जिम्मेदार अधिकारी पर जुर्माना लगाएगा और वह जुर्माना शिकायतकर्ता को मुआवजे के रूप में प्राप्त होगा।
6. अगर किसी नागरिक का राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र या पासपोर्ट आदि निर्धारित समय सीमा के भीतर नहीं बनता है या पुलिस के द्वारा आपकी शिकायत दर्ज नहीं की जाती हे तो आप इसकी शिकायत लोकपाल से कर सकते हैं तथा उसे ये काम एक माह  के भीतर पूरा  कराना होगा।  कोई भी नागरिक किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार की शिकायत लोकपाल से कर सकता है सकता है जैसे मिलने वाले सरकारी राशन की कालाबाजारी , सड़क के  निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी होना , पंचायत निधि का दुरुपयोग होना । किसी भी लोकपाल को शिकायत की जांच एक साल में  पूरी करनी होगी। तथा केश सुनवाई अगले एक साल में पूरी करनी होगी और किसी भी दोषी को दो साल के भीतर जेल भेजना होगा।
7. क्या सरकार भ्रष्ट लोगों को जन लोकपाल का सदस्य नहीं बनाना चाहेगी?
इस मुमकिन नहीं है क्योंकि लोकपाल के सदस्यों का चयन भारत के न्यायाधीशों, नागरिकों और संवैधानिक संस्थानों द्वारा किया जाएगा न कि किस  नेताओं के समूह के द्वारा।लोकपाल की नियुक्ति पूर्ण रूप से पारदर्शी तरीके से और जनता की भागीदारी से की जाएगी।
8. लोकपाल में कार्यरत अधिकारी भ्रष्ट पाए जाते है तो?
लोकपाल / लोकायुक्तों का सम्पूर्ण  कामकाज पूरी तरह पारदर्शी  से होगा। लोकपाल के किसी भी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ शिकायत मिलने  पर उसकी जांच अधिकतम दो महीने में पूरी करके उसे बर्खास्त कर दिया जाएगा।
9. वर्तमान में मौजूदा भ्रष्टाचार निरोधक संस्थानों का क्या होगा?
सी.वी.सी., विजिलेंस विभाग तथा सीबीआई और भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (अंटी कारप्शन डिपार्टमेंट) का भी लोकपाल में ही विलय कर दिया जाएगा। किसी भी लोकपाल को किसी भी न्यायाधीश, नेता या किसी अधिकारी के खिलाफ जांच करने व मुकदमा चलाने के लिए पूर्ण शक्ति प्राप्त होगी