माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम को पूरी तरह से फ्री में चलने की अनुमति नहीं दी है, लेकिन वह कुछ विशेष परिस्थितियों और जरूरतों के लिए इसे मुफ्त में उपलब्ध कराता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:
1. पायरेसी (Piracy) को नियंत्रित करना: माइक्रोसॉफ्ट ने महसूस किया है कि पायरेसी के कारण विंडोज के अनधिकृत वर्जन का उपयोग बहुत बढ़ गया था। अगर लोगों को एक सीमित फ्री वर्जन या कम कीमत पर विंडोज मिल जाए, तो पायरेसी कम हो सकती है।
2. लोगों को विंडोज के प्रति आकर्षित करना: माइक्रोसॉफ्ट चाहता है कि अधिक से अधिक लोग विंडोज का इस्तेमाल करें। इसलिए, उसने विंडोज 10 और 11 जैसे संस्करणों को सीमित अवधि के लिए मुफ्त में अपग्रेड करने की पेशकश की थी। यह ग्राहकों को नए वर्जन पर लाने का एक तरीका था।
3. डेवलपर्स और छात्रों के लिए मुफ्त संस्करण: माइक्रोसॉफ्ट छात्रों और डेवलपर्स को विंडोज का उपयोग मुफ्त में करने की अनुमति देता है ताकि वे इसकी तकनीक का उपयोग सीख सकें और विकास कार्य कर सकें। इसके लिए माइक्रोसॉफ्ट ने Azure Dev Tools for Teaching और अन्य प्रोग्राम बनाए हैं।
4. प्रोमोशन और मार्केटिंग रणनीति: माइक्रोसॉफ्ट समझता है कि एक बार जब उपयोगकर्ता विंडोज प्लेटफॉर्म पर आते हैं, तो वे माइक्रोसॉफ्ट के अन्य उत्पादों और सेवाओं जैसे Microsoft Office, OneDrive, और Azure का उपयोग करने लगते हैं। ये सेवाएं माइक्रोसॉफ्ट के लिए बड़े राजस्व का स्रोत हैं।
5. लाइसेंस की शर्तें और सीमाएं: माइक्रोसॉफ्ट का विंडोज वर्जन मुफ्त में उपलब्ध हो सकता है, लेकिन इसका उपयोग सीमित होता है, जैसे:
वॉटरमार्क के साथ डेस्कटॉप।
कुछ फीचर्स लॉक होते हैं।
एंटरप्राइज उपयोग के लिए भुगतान करना आवश्यक होता है।
माइक्रोसॉफ्ट इस रणनीति के माध्यम से अपने इकोसिस्टम को बढ़ावा देता है और लंबे समय में फायदा कमाता है।
No comments:
Post a Comment