Gmail में Email नोटिफिकेशन कैसे इनेबल करे - How to Enable Gmail Notification on Desktop Computer


Gmail Notification आपको जीमेल एकाउंट में ईमेल या फिर चैट रिसीव होने पर Desktop Notification आपको अलर्ट करता है google क्रोम ब्राउज़र के लिये अपने जीमेल अकाउंट में desktop Notification इनेबल करने के लिए आपको कुछ आसन के स्टेप्स को फ़ॉलो करना होगा जो की निम्न प्रकार है-


   अपने जीमेल अकाउंट में लॉग इन कीजिये, ब्राउज़र की विण्डो के टॉप राईट कार्नर में जीमेल     Setting आइकॉन पर क्लिक कीजिये और ड्राप डाउन मेनू में Settings option select कीजियेSettings पेज में आपको General tab को select करना है
     Desktop Notification सिलेक्शन में आप Chat notification को इनेबल या disable कर सकते है ईमेल notification के लिए आपको तीन option फ़ॉलो करना होगा
      New Mail notification on यह आपके जीमेल inbox में नयी ईमेल आने पर सूचना देता है
     Important mail notification on- यह option आपके जीमेल inbox में बहुत ही महत्वपूर्ण ईमेल आने पर सूचना देता है इस option को select कर लेने पर प्रत्येक ईमेल की सूचना आपको नहीं दी जायेगी
     Mail No notification off – कोई जब यह option select होता है तो आपके जीमेल अकाउंट में ईमेल आने पर कोई भी desktop notification प्राप्त नहीं होगा
   इन इजी स्टेप्स को प्रयोग करके आप अपने कंप्यूटर पर Email notification को on कर सकते है 

हैंडआउट क्या है और इसे कैसे प्राप्त करते है - What Is Handout View In Power Point

हैंडआउट प्रजेंटशन के प्रिंटआउट को कहते है। जो प्रेजेंटेशन को सहारा देता है। प्रसेन्टेशन के प्रस्तुतिकरण से पहले आप अपने Audience में Handout बाट सकते है। इसमें स्लाइड्स के ही छोटे छोटे प्रिंट एक पेज में 2,4,6 या 9 की संख्या में होते है। ये प्रसेन्टेशन मुख्य रूप से श्रोताओ को दिया जाता है। जिसमे स्लाइड्स के कंटेंट्स कंपनी का नाम प्रेजेंटेशन की तारीख और स्पीकर का नाम होता है। प्रेजेंटेशन की सभी स्लाइड्स का प्रिंटआउट निकलकर audience के बीच बट दिया जाता है। ताकि सभी audience प्रेजेंटेशन  को बहुत ही आसानी से समँझ सके।  और उसका भविष्य में प्रयोग कर सके। एक पेज पर कम से कम एक और अधिकतम नो स्लाइड्स का प्रिंट आउट निकला जा सकता है। उस पेज पर स्लाइड में खली स्पेस होता है। जिसमे ऑडियंस स्लाइड के बारे में नोट लिख सके। हैंडआउट का प्रिंट निकलने के लिए प्रिंट आउट निकलने के लिए प्रिंट डायलॉग बॉक्स के के ऑप्शन Print What में Handouts को सेलेक्ट करते है। और प्रेजेंटेशन के प्रिंट निकल लेते है। एक पेज पर कितने स्लाइड्स को प्रिंट करना है इसका सिलेक्शन सलदेस पैर पेज ऑप्शन पर करते है।  


PDF फाइल में कैसे एडिट करे - How to Edit PDF Files

आज हम आपको बतायेगे की आप ऑनलाइन या   सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके आपनी फाइल में केसे एडिट कर सकते है। इसके लिए कई PDF एडिटर है जिनका प्रयोग करके आप अपनी फाइल को एडिट कर सकते है। 
ये वेबसाइट दुनिया की सबसे लोकप्रिय online pdf editor वेबसाइट है। इस site पर आप साधारण तरीके से फाइल को अपलोड करके और features को ड्रैग ड्राप कर PDF फाइल को pdf फाइल को convert कर सकते है। PDF Escape वेबसाइट की एक खास बात ये भी है की ये वेबसाइट पासवर्ड प्रोटेक्टेड pdf फाइल को भी एडिट कर सकती है। ये फीचर pdfescapecom को और खास बना देता है। 
Becy PDF Meta Edit Software:
PDF फाइल को एडिट करने के लिए विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर का भी प्रकार किया जाता है। जिनमे Becy PDF Meta Edit Software फेमस है ये सॉफ्टवेयर Metadata Editing के आप्शन के साथ यह विंडोज सॉफ्टवेयर बहुत ही उपयोगी है।  यह metadata के साथ google search पर PDF फाइल को search करने में मदत करता है
PDF Online भी एक अच्छा टूल है जो फाइल को online convert करने की सुविधा प्रदान करता है इस वेबसाइट पर आप pdf file को online Word Document में सुविधा प्रदान करता है. इस वेबसाइट पर आप फाइल को वर्ड में एडिट करके और फिर उस फाइल को PDF में वापस convert कर सकते है.
Foxit Reader Software:
ये सॉफ्टवेयर भी बेस्ट PDF रीडर और एडिटर सॉफ्टवेयर है. किसी भी प्रकार के PDF फाइल के text को एडिट करने की सुविधा प्रदान करता है.

भारतीय संविधान की विशेषताएँ - Great Features of Indian Constitution

  • भारत का संविधान का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। 
  • भारत  संविधान प्रभुत्वसम्पन, लोकतंत्रात्मक, पंथनिरपेक्ष, समाजवादी और  गणराज्य की स्थापना करने वाला है। 
  • संसदीय सरकार की स्थापना 
  • इसमें मूल अधिकारों का समावेश किया गया है। 
  • इसमें राज्यों के लिए नीति निर्देशक तत्वों का समावेश किया गया है। 
  • हमारे संविधान में लचीलेपन और कठोरता का समावेश किया गया है। 
  • भारत का संविधान केन्द्र की और उन्मुखता को दर्शाता है। 
  • हिंदुस्तान के संविधान में वयस्क को मत देने का अधिकार मिला है। 
  • इसने स्वतन्त्र न्यायपालिका की स्थापना की गयी है। 
  • इसके द्वारा पंथ निरपेक्ष राज्य की स्थापना की गयी है। 
  • इसमें देश के नागरिक को एक नागरिकता का प्रावधान है। 
  • इसमें सभी नागरिको के लिए मूल कर्तव्यों का समावेश किया गया है। 
  • भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है जब ये बना था उस समय इसमें 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियाँ थी। 
  • भारतीय संविधान का श्रोत भारत की जनता है। 
  • गणराज्य का प्रयोग पुरे संविधान में केवल प्रस्तावना में किया गया है। 
  • लोकसभा में अनुसूचित जाति के लिए 78  और अनुसूचित जन जाति के लिए 42 स्थान आरक्षित है।

मेरठ का का क्रान्ति स्थल काली पलटन का मन्दिर (औघड़नाथ मन्दिर) - Temple of Kali Paltan Meerut -1857

 भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के मेरठ शहर में स्थित औघड़ नाथ मंदिर जिसे काली पलटन का मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर के बारे में ये कहाँ जाता है कि भारत की आजादी की पहली लड़ाई यही से शुरू हुई थी।  मेरठ में अप्रैल १८५७ में क्रांति के सूत्रधारो के एक गुप्त दूत फ़क़ीर के वेश में यहाँ हिन्दुस्तानी को क्रांति का उपदेश देते थे इसी स्थान से मंदिर का पुजारी भी हिन्दुस्तानी सिपाहियों में चर्बी वाली कारतूसो के प्रयोग के विरुध उत्तेजना भरने का कार्य किया था। ये मंदिर मेरठ के काली पलटन क्षेत्र में स्थित होने के कारण इसे काली पलटन का मन्दिर कहते है। 1857 से पहले ये मंदिर श्रद्धा स्पद वंदनीय स्थान के नाम प्रसिद्ध था। और यहाँ भगवान शिव की वंदना की जाती थी। यहाँ का स्थान एकांत में था इसलिए अंग्रेजो ने यहाँ सेना के प्रशिक्षण के लिए केंद्र भी स्थापित किया था। सोमवार के दिन यहाँ भगतो का बड़ी संख्या में आना होता है। और यहाँ पर भगत बड़ी संख्या में पहुंचकर अपना सोमवार का उपवास तोड़ते है। 


1857 की क्रांति के मुख्य कारण - Main Causes Of The Revolt Of 1857

भारत की आजादी के इतिहास में 1857 क्रान्ति का महत्वपूर्ण स्थान  है। इस क्रांति के अनेक कारण थे। लेकिन ज्यादातर विद्वानों ने इसका कारण चर्बी लगे कारतूसों को माना है। फिर भी अधिकांश खोजो से ये सिद्ध हो चूका है कि चर्बी युक्त कारतूस तो बस एक कारण था। 1857 इस विद्रोह को जन्म देने वाले कारणों में सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक, और धार्मिक कारण भी जिम्मेदार थे। वेलेजली की सहायक सन्धि और डलहौजी की व्यपगत नीति इस क्रांति का महत्वपूर्ण राजनैतिक कारण था। डलहौजी ने अपनी व्यपगत नीति के द्वारा जैतपुर , सम्भलपुर, झाँसी, और नागपुर आदि को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया था।  उसने अवध के नवाब को गद्दी से उतर दिया एवं भूतपूर्व पेशवा की पेंशन जब्त कर ली थी। इसके आलावा डलहौजी ने तंजौर और कर्नाटक के नवाबो की राजकीय उपाधियाँ जब्त कर ली गयी तथा डलहौजी ने मुग़ल बादशाह को अपमानित करने के लिये सिक्को पर नाम खुदवाने की परम्परा को समाप्त कराव दिए और बादशाह को लालकिला छोड़कर कुतुबमीनार में रहने का आदेश दिया। उस समय मुग़ल बादशाह जनता का प्रतिनिधित्व करता था।
इसलिए उनके अपमान को जनता ने अपना अपमान समझा और विद्रोह के लिए मजबूर होना पड़ा इसके आलावा कुछ प्रसाशनिक कारण भी थे। उस समय प्रशासनिक कार्यो में भारतीयों की भागीदारी जातीय श्रेष्ठा पर आधारित थी। कोई भी भारतीय व्यक्ति सूबेदार से ऊंचे पद तक नहीं पहुंच पता था। न्यायिक क्षेत्रों में अंग्रेजो को भारतीयों से हर स्तर पर श्रेष्टमाना  जाता था। इसके साथ-साथ कम्पनी की भू- राजस्व व्यवस्था ने अधिकांश भारतीय किसानो को निर्धन बना दिया था। क्योकि बम्बई में स्थापित इनाम कमीशन ने अपनी सिफारिशों के द्वारा लगभग 2000 जगीरो को जब्त कर लिया था। और अंग्रेजो के स्थायी बंदोबस्त, रैय्यतवाड़ी व्यवस्था, महालवारी व्यवस्था के द्वारा किसानो का बहुत शोषण हुआ जिसके कारण वे निर्धन होते चले गये। इसके अतिरिक्त अंग्रेजो के द्वारा भारत में ईसाई धर्म के प्रचार के लिये विशेष सुविधाये प्रदान की गयी। अंग्रेजो के "धार्मिक निर्योग्यता अधिनियम 1956 " द्वारा ईसाई धर्म स्वीकार करने वाले लोगो को ही अपनी पैतृक सम्पति का हक़दार माना जाता था। और उन लोगो को ही नौकरियों में पदोन्नति और शिक्षण संस्थाओ में प्रवेश की सुविधा प्रदान की गयी। यह भी विद्रोह का एक कारण था। इन सभी कारणों की आलावा कुछ आर्थिक कारण भी थे। अंग्रेजो के द्वारा भारतीयों का आर्थिक शोषण किया गया और उनके आर्थिक ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। अंग्रेजो की ब्रिटिश भू और भू राजस्व नीतियों ने बड़ी संख्या में किसानो और जमीदारो को उनके अधिकार से अलग कर दिया। इन कारणों के अतिरिक्त भी 1857 की क्रांति के सैनिक करने में अनेक ऐसे कारण थे जिन्होंने इस विद्रोह की पृष्टभूमि तैयार की भारतीय सेना में काम करने वाले सैनिको में ज्यादातर कनिष्ट अफसर थे। जिन्हे सेना में पदोन्नति का कोई फायदा नहीं दिया जाता था। जोकि विद्रोह का कारण बना। चर्बी लगे कारतूसों के प्रयोग को विद्रोह का तात्कालिक कारण माना गया। विभिन्न कारणों से भारतीय जनता ब्रिटिश शासन से आक्रोश में थी तभी केनिन की दो घोषणाओं ने आग में घी का काम किया। 
  1. सेना के नये रंगरूटों के लिए समुन्द्र पार के ब्रिटिश प्रदेशो में सेवा करना अनिवार्य कर दिया जिन्हे वे धर्म के विरुद्ध समनझते थे। 
  2. सैनिको को ऐसे कारतूस के प्रयोग के लिए विवश होना पड़ा जिनमे गाय और सूअर की चर्बी लगी हुई थी। 
कैनिंग सरकार ने 1857 में सैनिको के प्रयोग के लिए ब्राउन बैस गन के स्थान पर एनफील्ड रायफल का प्रयोग शुरू करवाया जिसमे कारतूस को लगाने से पहले दांत से खींचना पड़ता था। इन कारतूसों में गाय और सूअर की चर्बी लगी थी। इसलिए हिन्दू और मुसलमान दोनों भड़क उठे जिसके परिणामस्वरूप 1857 के विद्रोह की शुरुआत हो गयी।


क्रिसमस दिवस 20 दिसम्बर को क्यों मनाया जाता है- Why Christmas Day Celebrated on the 25th December?

क्रिसमस यह प्रभु ईसामसीह का जन्मदिन है। 2000 साल पहले तीन कोस दूर एक छोटे से गाॅंव बेथलेहम में पैदा हुए थे। प्रभु एक ऐसी जगह पैदा हुए थे। जहाॅं शायद ही किसी इन्सान का जन्म होता है-गोशाला
ऐसा इसलिए हुआ क्योकि प्रभु की माॅं मरियम को कोई शरण नही दे रहा था, जिसके कारण उन्हे गौशाला में शरण लेनी पडी और वही प्रभु का जन्म हुआ। प्रभु का देहावसान युवावस्था में ही हो गया था, जब उनकी आयु मात्र 33 वर्ष की थी। यह वही आयु है जब एक इन्सान अपने परिवार की शरुआत करता है और अपने उज्ज्वन भविष्य की कामना करता है। 
हम हमेशा ही उन लोगों को याद करते है। जो अपनी जिन्दगी में सफलता की उॅचाईयों को छूते हैं जब हम उनके सम्र्पक में आते हैं तब उनकी जन्मतिथि और तरह-तरह की बातें जानने को उत्सुक होते हैं। जन्म मृत्यु की पाचान तभी होती है, जब इंसान की जिन्दगी होती है।
प्रभु ईसामसीह सबसे अद्भुत एवं अलग थे।अनके जन्म व मृत्यु को उनकी जिन्दगी ने एक मतलब दिया। ईसामसीह भगवान के पुत्र थे। अनके जन्म हजारो साल जहले भगवान के एक दूत ने कर दी थी। उन्होने इस बात के संकेत दिए थे, कि भगवान का जन्म बैथलेहम में होगा और कुछ दूतो ने तो भगतान के भविष्य और मृत्यु की आशंका प्रकट की थी। यह सब कुछ नबी ईसाह मे साफ-साफ लिखा है।
भगवान ईसा मसीह का जन्म पहले से ही लिखा हुआ था। वह ही केवल ऐसे इंसान हैं जिनके पास पुर्नजन्म की शक्ति थी। इस प्रमाण से यह साफ होता है कि भगवान के जन्म का कोई मतलब था। उनका जन्म हमें यह बताता है कि प्रभु हम सबसे प्यार करते हैं क्योंकि हम उरनके बच्चे हैं और वे हमाने पिता है। प्रभु ने हमें यह सिखया है कि हमारा असली घर स्वर्ग है। जहाॅ पर हमें हमेशा अपने पिता के साथ रहना है। परन्तु स्वर्ग में पहुॅचना हमारे हाथ में नहीं है। हम सबने कुछ गलतियाॅ की है। और हम प्रभु से प्रार्थना करजे है कि वो हमारी गलतियाॅ माफ करे। यह सब प्रभु इस संसार से प्यार करते है। उन्होने अपरा एक बालक हम सबके बीच भेजा ताकि सब उसमें विश्वास कर सकें और बुरे मार्ग को न अपनाए जिससे उनकी जिंदगी हमेशा सफन बन सके।
क्रस पर लटकते समय शुक्रवार दोपहर को 2000 साल पहले मिट्टी  ईसामसीह ने ईश्वर से प्रार्थना की कि- हे भगवान मेरी हत्या करने वालों को क्षमा करना। 

कम्प्यूटर स्क्रीन का स्क्रीनशॉट लेने का आसान तरीका (How to Take Computer Screenshot easily)

कई बार कंप्यूटर की स्क्रीन पर उपलब्ध प्रोग्राम या पिक्चर का आपको स्क्रीन शॉट लेना होता है। कंप्यूटर में स्क्रीन शॉट लेने का तरीका एकदम आसान है। आप अपने कंप्यूटर की स्क्रीन के कुछ हिस्से या फिर पूरी स्क्रीन का स्क्रीन शॉट ले सकते है। ये एक आसान सी प्रक्रिया है लेकिन फिर भी बहुत से कंप्यूटर यूजर इसके लिए अनेक प्रकार के सॉफ्टवेयर का प्रयोग करते है। जबकि इसके लिए किसी अतरिक्त सॉफ्टवेयर की कोई आवश्यकता नहीं होती है। आप कुछ आसान से तरीको का प्रयोग करके अपने कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन का स्क्रीन कैप्चर कर सकते है। इसके लिए कम्प्यूटर में दो तरीके अवेलेबल है। 
1 . आप अपने कीबोर्ड पर Print Screen का बटन को खोजिये और आपको जिस स्क्रीन को कैप्चर करना है। उस स्क्रीन को खोलकर Print Screen Button को दबाये। अब MS Paint या MS Word में Ctrl+V के द्वारा उसे paste करते है।  इस तरह आप अपने कंप्यूटर की स्क्रीन का फुल स्क्रीन शोट ले सकते है। 
2 . उपरोक्त तरीके के अलावा एक और तरीका है जिसके द्वारा आप कंप्यूटर स्क्रीन का शॉट ले सकते है। ये तरीका Window 7, 8 और 10 में काम करता है। इसके लिए एक खास snipping tool इन windows में उपलब्ध है।  इस तरीके के द्वारा स्क्रीनशॉट बहुत ही आसान है। इसके लिए आपको विण्डो के स्टार्ट बटन पर क्लिक करना है।  फिर snipping tool को सर्च करना है। या फिर Run में जाकर सीधे snippinh tool टाइप  करना है। इसके बाद कम्प्यूटर स्क्रीन के जिस भाग को कैप्चर करना है। वह माउस से उस एरिया को सेलेक्ट करना है। इस प्रकार आप कम्प्यूटर की स्क्रीन को कैप्चर कर सकते है। 

विण्डो पासवर्ड भूल जाने पर उसे कैसे रिसेट करे - How to Reset Your Forgotten Windows Password

PASSWORD RESET, HOW TO RESET WINDOWS PASSWORD
अगर आपने अपने कम्प्यूटर को पासवर्ड से सुरक्षित कर रखा है। और आप अपने कम्प्यूटर विण्डो का पासवर्ड भूल गये है। इस स्थिति में कम्प्यूटर की विंडो को ओपन कर पाना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। लेकिन ऐसा भविष्य में दोबारा न हो इसके लिए आपको कुछ सुझाव दिए जा रहे है। विण्डो का पासवर्ड अनलॉक करने के लिए बस एक ही तरीका है। कि आपको अपने कम्प्यूटर  के लिए पहले से ही Password Reset Disk  तैयार कर ले। तो आपको इस समस्या का समाधान मिल सकता है। अपने कंप्यूटर के लिए Password Reset disk तैयार करने के लिए आपको एक Pen Drive की जरुरत होगी। इसके लिए आप कोई भी पेन ड्राइव ले सकते है। इसके लिए आप पेन ड्राइव को कम्प्यूटर में लगाइये। और कण्ट्रोल पैनल को ओपन कीजिये। और User Account पर क्लिक कीजिये। User Account  side bar में आपको Create Password Reset Disk ऑप्शन दिखाई देगा। इस ऑप्शन पर आपको क्लिक करना है। क्लिक करते ही एक Forgotten password wizard  ओपन हो जायेगा। इस wizard को आपको फॉलो करते जाना है। इसमें एक जगह आपसे Current user account password पूछा जायेगा। यहाँ आपको पासवर्ड इनपुट करना है।  next करना है अब आपको password reset disk तैयार हो जाएगी। 
पासवर्ड को रिसेट कैसे करे :
जब भी आप अपने कम्प्यूटर का पासवर्ड भूल जाये तो बस आपको इस password reset disk (पेन ड्राइव) को अपने कम्प्यूटर में लगाना है। और विण्डो में आपको कोई भी एक गलत पासवर्ड डालना है। तुरंत आपको पासवर्ड विण्डो के निचे reset password का Option आपको दिखाई देगा  इस पर आपको करना है और नया पासवर्ड बना लेना है। ऐसा करके आप अपने कम्प्यूटर के पासवर्ड को भूल जाने पर भी दोबारा से रिसेट कर सकते है।

कम्प्यूटर से Missing DLL Files मैसेज को कैसे हटाये (How To Remove Missing DLL Files Massage from Computer)


कई बार कम्प्यूटर प्रयोग  करते समय या कंप्यूटर में कोई प्रोग्राम डालते समय आपका कम्प्यूटर कई प्रकार के मैसेज शो करने लगता है। कई बार आपका कम्प्यूटर missing DLL Files का मैसेज देने लगता है। ऐसे में घबराने की कोई बात नहीं है। आज मैं आपको कम्प्यूटर  एक ऐसे ही मैसेज के बारे में बताऊँगा। इस एरर मैसेज को कैसे हटाना है। इसके लिए आपको कुछ इजी स्टेप्स को प्रयोग करना होगा। सबसे पहले आप अपने कंप्यूटर में run में जाकर Command Prompt करना है। इसके लिए आपको run में cmd टाइप करके एंटर करना है। और आपका या All Program>Accessories>Command Prompt पर जाकर भी इसे ओपन कर सकते है। इसके बाद Sfc/scannow टाइप करना है। इस कमांड को लिखते ही आपका कंप्यूटर missing files को सर्च करना सुरु कर देगा। ये परक्रिया पूरी हो जाने के बाद एक बार कंप्यूटर को रिस्टार्ट करना होगा। इसके बाद आपके कंप्यूटर में ये massage आना बंद हो जायेगा।
किसी प्रकार के सुझाव या जानकर के लिए आप कमेंट के माध्यम से जानकारी ले सकते है। या फिर feedback भी दे सकते है।

टिप्स - ब्लॉगिंग कैसे करे - (How To Start a Blog)

आज  के समय में ब्लॉगिंग का चलन बहुत बढ़ गया है। कुछ लोग अपने शोक  के लिए ब्लॉगिंग करते है और कुछ लोग तो प्रोफेशनल ब्लॉगर  है। आज हम दुनिया  की  कुछ बहतरीन ब्लॉगिंग वेबसाइट के बारे में  जानेगे। 



ब्लॉगिंग करते समय ध्यान रखने योग्य बाते : 
  • आपके ब्लॉग में अच्छे ट्रैफिक के लिए कम से कम 50 पोस्ट होनी आवश्यक है। 
  • आपका ब्लॉग आपके सोशल एकाउंट से जुड़ा होना चाहिए। 
  • आपके द्वारा लिखे गए पोस्ट यूनिक होने चाहिए। 
  • आपके पोस्ट ऐसे हो जिससे यूज़र्स का इंटरेस्ट बना रहे और इनफार्मेशन अच्छी हो।
tumblr.com 
Tumblr पर ब्लॉग बनाने के लिए आप tumblr .com  पर जा सकते है। इस वेबसाइट की खास बात ये है कि इसके साथ fliker, youtube और पॉडकास्ट जैसी सेवाओ को आसानी से जोड़ा जा सकता है। tumblr ब्लॉग पब्लिशिंग को बहुत ही आसान बनाता है। इस वेबसाइट पर RSS Feeds के जरिये पोस्ट की जाती है। 
WordPress.com 
यदि आप फ्री ब्लॉगिंग करना चाहते है तो Wordpress एक बहुत ही अच्छा ऑप्शन है। यहाँ पर आपको ब्लॉग और वेबसाइट दोनों की सुविधा आसानी से  मिल जाएगी। इसमें ब्लॉग बनाने से पहले आपको अपनी language चुननी होती है। यहाँ आप हिंदी , मराठी जैसी भाषाओ में ब्लॉग बना सकते है। 
medium.com 
सामान्यतः एक टॉपिक से सम्बंधित पोस्ट केवल एक ही जगह दिखाई देता है। इसमें ब्लॉग पोस्ट को bookmark करने की सुविधा मौजूद है ताकि बाद में उसे देखा जा सके।

भारत की सबसे लम्बी सड़क सुरंग ( India's Longest Road Tunnel)

वैसे तो दुनिया भर में अनेको रोड टनल है जो विश्व प्रसिद्ध  है। इन टनल में से एक टनल का निर्माण हाल ही में भारत हुआ है भारत की सबसे लम्बी सड़क टनल का निर्माण जम्मू कश्मीर राज्य  के उधमपुर जनपद में  जम्मू  श्रीनगर  राष्ट्रीय राजमार्ग किया गया है उधमपुर की चेनानी टनल जिसकी लम्बाई 9.2 किलोमीटर है का निर्माण कार्य 23 मई २०११ में प्रारम्भ हुआ और इस टनल का परिक्षण 15 मार्च २०१७  को सफलतापूर्वक कर लिया गया है। जिसका उद्घाटन भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा 2 अप्रैल २०१७ को किया गया। ये दोहरी  सुरंग 286 किलोमीटर लम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी है जिसे बनाने में 3720 करोड़ रुपये का खर्च आया है। ये सुरंग समुन्द्र तल से लगभग 1200 मीटर की उचाई पर बनी है और ये हिमालय पर्वत श्रंखला की निचली श्रेणी में स्थित है। ये सुरंग भारत की पहली ऐसी सुरंग है जो विश्व स्तर जो की एकीकृत सुरंग नियन्त्रक प्रणाली से परिपूर्ण है। इस टनल में हवा के प्रवाह , अग्नि नियंत्रण , सिग्नल , संचार और इलेक्ट्रोनिक प्रणाली स्वचालित (आटोमेटिक) तरीके से कम करेगी। इसके बनने से जम्मू और कश्मीर की दोनों राजधानियों के बीच की यात्रा लगभग 2:30 घन्टे कम हो जायेगी। इस टनल के बनने के बाद चेनानी और नशरी के बीच की दुरी 41 किलोमीटर से घटकर 10.9 किलोमीटर रह जायेगी। इस सुरंग का परिचालन इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फिनेंशियल सर्विसेज (IL and FS) कम्पनी के द्वारा किया जा रहा है। जिसके निर्देशक जे0 एस0 राठोर है। सुरंग बनने से राष्ट्रीय राजमार्ग 1A पर पटीनी टॉप पर हिमपात के कारण लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी। इस रोड टनल की सुरक्षा के लिए एक आपरेशन रूम बनाया गया है। इस सुरंग में 75 मीटर की दुरी पर 124 CCTV कैमरों को लगाया गया है। इस सुरंग में ऐसे कैमरे भी लगे जो 360 डिग्री तक घूम सकते है। इन कैमरों के साथ ऑटोमैटिक इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम लगाया गया है। जिसकी सहयता से हर एक गाड़ी की मूवमेंट पर आसानी से नजर रखी जा सकती है। इसके अन्दर एक खास प्रकार की FM फ्रीक्वेंसी पर गाने भी सुने जा सकते है और इस फिर्क्वेंसी के द्वारा ही आपातकाल की  इनफार्मेशन टनल के अन्दर दी जा सकती है। इसलिए इस टनल में एंटर करने से पहले उस FM फ्रीक्वेंसी को सेट कर लेना चाहिए। इस सुरंग में प्रति 300 मीटर पर एक SOS काल बॉक्स और अग्निरोधक प्रणाली लगायी गयी है

पूना समझौता 1932- (Poona Pact 1932)


पूना समझौता महात्मा गाँधी और डॉ. भीम राव आंबेडकर के मध्य 1932 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री मेक्डोनाल्ड ने साम्प्रदायिक घोषणा द्वारा हरिजनों के लिए अलग  से निर्वाचन की व्यवस्था की इसका गांधीजी ने विरोध किया और आमरण अनशन प्रारम्भ किया। 20 अगस्त 1932 को आंबेडकर तथा गांधीजी के बीच पूना में समझौता हुआ इसे पूना समझौता कहा जाता है। इसके द्वारा केंद्रीय विधान मण्डल में हरिजनों के लिए 18 प्रतिशत सीटो  आरक्षण तथा उनकी शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गयी। सरकारी नोकरियो में भी उनके लिए उचित प्रतिनिधित्व की व्यवस्था की गयी। इस सम्पूर्ण प्रक्रिया को ही पूना समझौता कहाँ जाता है।

पालिस आन्दोलन तमिलनाडु (Movement of the Pallis)

पालिस आन्दोलन तमिलनाडु में चलाया गया एक अनुखा आंदोलन था। ये आंदोलन उत्तरी तमिलनाडु में रहने वाली पालिस नामक निम्न जाति के लोगो के द्वारा चलाया गया था। तमिलनाडु के उत्तरी भाग में पालिस जाती के लोग रहते थे। इन लोगो ने अपने आप को खुद ही सन 1871 में क्षत्रिय कहना शुरू कर दिया था। ये लोग क्षत्रियो की भाती रहने लगे थे। और इन्होंने क्षत्रियो की भांति रहना शुरू कर दिया था।  उन्होंने स्वयं को वाणिंया कुल क्षत्रिय कहा। इन लोगो ने उच्च जातियो की नक़ल करते हुए विधवा पुनर्विवाह पर प्रतिबन्ध लगा दिया था। इस आंदोलन को पालिस आंदोलन के नाम से जाना जाता है।

एज़वा आन्दोलन - Ezhava Movement

भारत में अछुतो को उनके अधिकार दिलाने के लिए अनेक प्रकार के आन्दोलनों को चलाया गया जिनमे से एक है एज़वा आन्दोलन। एज़वा आन्दोलन के द्वारा केरल की एज़वा अछूत जाति ने ब्राह्मणों की सम्प्रभुता पर एक बड़ा आक्रमण किया और नानु असन (जिनको नारायण गुरु के नाम से भी जाना जाता है) के नेतृत्व में 20वी शताब्दी के प्रारम्भ में मंदिरो में अछुतो के प्रवेश के लिए मांग की और स्वयं का संस्कृतिकरण किया बाद में एज़वा साम्यवादी विचारधारा के जबर्दस्त समर्थक हो गए।

दारुल उल्मा इस्लामी विश्वविद्यालय , देवबन्द (उत्तर प्रदेश) - The Darul Uloom Deoband

दारुल उलूम भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के सहारनपुर जिले के देवबन्द नामक शहर में स्थित है। दारुल उलूम एक इस्लामी स्कूल है। इस एशिया का सबसे बड़ा मन्दरसा भी माना जाता है। इस्लामी दुनिया में दारुल उलूम का विशेष स्थान है। देवबन्द का दारुल उलूम एक विश्विधायालय ही नहीं  बड़ी विचारधारा है। इस विचार धारा से  प्रभावित मुसलमानो को देवबन्दी के नाम से जाना जाता है। 
एक मुसलमान उलूम ने जो प्राचीन मुस्लिम विद्या के अग्रणी थे। उन्होंने देवबन्द आंदोलन चलाया। इस आंदोलन के दो मुख्य उद्देश्य थे मुसलमानो में कुरान और हदीस की शुद्ध शिक्षा का प्रसार और विदेशीशासको के विरुद्ध जिहाद की भावना को बनाये रखना। उलूम ने मोहम्मद कासिम ननोतवी एवं रशीद अहमद गंगोही के नेतृत्व में वेदबन्द ( उत्तर प्रदेश ) के सहारनपुर जिले में एक विद्यालय  30 मई 1866 को खोल गया। इस विद्यालय में अंग्रेजी शिक्षा और पाश्चातय संस्कृति पूरी तरहा वर्जित थी। इसके साथ ही साथ ये विद्यालय अलीगढ आंदोलन के एकदम विपरीत था। देवबन्द आन्दोलन 1885 में स्थापित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का स्वागत किया सन 1888 में उलूम ने सैयद अहमद खा द्वारा स्थापित संयुक्त भारतीय राजभक्त सभा एवं मुस्लिम एंग्लो ओरियंटल सभा के विरुद्ध फतवा जारी किया इस शाखा के एक अन्य नेता महमूद उल हसन थे। इन्होंने देवबन्द शाखा के धार्मिक विचारो को राजनीतिक और बौद्धिक बनाने के काम किया। आज देवबंद का उलूम विश्विद्यालय पुरे विश्व में इस्लामी शिक्षा के प्रसार के लिए प्रसिद्ध है।

गोलरोटेड वायरस से कम्प्यूटर को क्या खतरा है - Golroted Virus

भारत में कम्प्यूटर वैज्ञानिको कम्प्यूटर यूज़र्स को सूचित किया है कि यदि आप कंप्यूटर का प्रयोग करते है तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए क्योकि दावा किया जा रहा है कि ट्रोजन केटेगरी में एक नया वायरस गोलरोटेड नाम से आया है। ये कंप्यूटर वायरस कंप्यूटर में बहुत ही आसानी से एन्टर कर जाता है। और ये आपके कम्प्यूटर की पर्सनल इनफार्मेशन को चोरी कर लेता है। गोलरोटेड वायरस आपके कंप्यूटर में ईमेल के अटेचमेंट जैसे ZIPPED और ARCHIVED या MICROSOFT OFFICE DOCUMENTS के जरिये एंटर कर जाता है। एक वायरस के द्वारा आने वाला ईमेल बहुत ही ORIGINAL और GENUINE लगता है। गोलरोटेड वायरस एक बार कंप्यूटर में प्रवेश करने के बाद यूजर की विभिन्न जानकारी जैसे COMPUTER NAME, LOCAL DATE, TIME , इन्टरनेट प्रॉटोकॉल एड्रेस और अन्य सेंसेटिव सिस्टम डिटेल्स आदि शामिल है। 
यफ कंप्यूटर वायरस एक बार सिस्टम में घुसने के बाद KEY STORKES LOG, SCREEN SHOT CAPTURE कर सकता है। 
यह SAVED PASSWORD के लिए वेब ब्राउज़र स्क्रैप कर सकता है। और ब्राउज़िंग हिस्ट्री आदि की जानकारी ले सकता है। इसके तहत वह बैंक डिटेल्स, ईमेल जैसी कई जानकारिया  होती है। जिन्हें ये वायरस चुरा लेता है। इस वायरस से बचने के लिए आपको आपने कंप्यूटर में एंटी मालवेयर इंजन इंसटाल करना चाहिए और उसे हमेसा अपडेट करते रहना चाहिए। और समय समय पर अपने कम्प्यूटर एंटी वायरस से स्कैन करते रहना चाहिए।

कम्प्यूटर के लिए खास ऑपरेटिंग सिस्टम (Importent Operating system)

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 हाइकू प्रोजेक्ट :-
 सोर्स ने बहुत लम्बा सफर तय  किया है। हाइकू कम्युनिटी ने लम्बी रिसर्च के बाद इसे रेडेवेलप  करके मार्किट में लांच किया है। यह अब मुलती कोर प्रोसेसर के साथ अधिक तेजी से काम करता है। इसका साइज केवल 250 MB है। और इस का यूजर इंटरफ़ेस बहुत ही आसान है। यूजर चाहे तो इसकी वर्चुअल मशीन इमेज भी इंसटाल कर सकते है। अधिक जानकारी के लिए haiku-OS.org से संपर्क कर सकते है।

गूगल क्रोम ओएस:-
 गूगल का ये वेब बेस ऑपरेटिंग सिस्टम एक एडवांस OS है। और ये OS फ्री भी उपलब्ध है लेकिन इस ऑपरेटिंग सिस्टम को गूगल ने खुद नहीं बनाया है। इस OS को फ्रीलान्स प्रोग्रामर्स ने बनाया है। इस  ऑपरेटिंग सिस्टम को खास रूप से नोटबुक के लिए डिसीजन किया गया है। यह क्रोम ब्राउज़र के कस्टमाइज Version पर रन करता है। ये विण्डोज़ की अनुपस्थिति में यूजर्स के लिए एक उपयोगी ऑपरेटिंग सिस्टम होगा। गूगल ने इस ऑपरेटिंग सिस्टम को सपोर्ट करने वाली क्रोम बुक भी लॉन्च की है। इस ऑपरेटिंग सिस्टम के वेनिला वर्जन को डाउनलोड करने की लिए http://chromeOS.nexxeh.net लिंक का प्रयोग कर सकते है। इसकी ऍप्लिकेशन्स को Google Suit से डाउनलोड कर सकते है। 

फ्री बी एस डी :-
आज विण्डोज़ की लोकप्रियता के बावजूद भी लिनेक्स को चाहने वाले यूजर कम नहीं है। लेकिन अब यूजर इसमें विण्डोज़ का विकल्प तलासने लगे है। ये  कुछ विंडोज की तरह ही है। लेकिन इसका सेक्युरिटी सिस्टम हैकिंग प्रूफ और वायरस प्रोफ होता है। इसमें यूजर इंटरफ़ेस विंडोज के XP की तरह का है। लेकिन फिर भी पर विंडोज की ऍप्लिकेशन्स को सीधे सीधे रन नहीं करायी जा सकते है। अगर आपको विंडोज ऍप्लिकेशन्स को इसपर चलना है तो आपको आपने सिस्टम पर वाइन अप्स डाउनलोड कर इनस्टॉल करना होगा। अब आप लिनेक्स पर विंडोज अप्स चलायी  जा सकेगी। 
आप इस ऑपरेटिंग सिस्टम पर ओपन ऑफिस या लिब्री ऑफिस भी रन कर सकते है। इस OS को www.linuxmini.com के डाउनलोड कर सकते है। इस प्रकार आप माइक्रोसॉफ्ट के OS के लिए तकनिकी सहायता न मिल पाने की स्थिति  उपयुक्त बताये गए ऑपरेटिंग  सिस्टम को ट्राई कर सकते है। ये विकल्प सेफ भी है। और फ्री भी है।  इस ऑपरेटिंग सिस्टम में वायरस नहीं आता है और इसमें हैकिंग से बचने के भी अधिक फीचर्स अवेलेबल है।  जो इस आपने में खास बनाते है।

बिना चार्जर के लैपटॉप की बैटरी को कैसे चार्ज करे (How to Charge Laptop without Charger)


अगर आपके पास लैपटॉप है और आप उसे बिना और आप उसका चार्जर घर पर ही भूल आये है। तो आप अपने लैपटॉप को कैसे चार्ज कर सकते है। आजकल लैपटॉप कर प्रयोग अधिक होने लगा है। जिसका करना है उसका पोर्टेबल होना। लैपटॉप को आप कही भी आसानी से लेजा सकते है। लैपटॉप पर ज्यादा देर तक काम करने से उसकी बैटरी डाउन होने का खतरा बना रहता है। आप ऑफिस  काम से कही बहार गए हो, या यात्रा पर गये हो और आपके लैपटॉप का चार्जर ख़राब हो जाये या आप यात्रा पर गये हो और आपका चार्जर ख़राब हो जाये या आप अपने लैपटॉप का चार्जर घर पर भी भूल आये हो। तो ऐसे में आपको परेशान होने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके लिए हम आज आपको कुछ आसान ट्रिक बताते है जिनका प्रयोग करके आप अपने लैपटॉप को आसानी से चार्ज कर सकते है।  आप अपने लैपटॉप को चार्ज करने के लिए किसी यूनिवर्सल पावर एडाप्टर का प्रयोग कर सकते है। यह लैपटॉप को चार्ज करने का बहुत हे आसान तरीका है इस अडॉप्टर के साथ विभिन्न प्रकार की चार्जर पिन आती है जो किसी भी लैपटॉप में सेट हो जाती है। इसके साथ साथ आप अपने लैपटॉप को ऑटो और एयर एडॉप्टर की सहायता से भी चार्ज कर सकते है। ये अडॉप्टर एक नार्मल अडॉप्टर की तरह ही होता है। जिसे आप कार की सिगरेट लाइटर से कनेक्ट किया जा सकता है। सिगरेट लाइट से कनेक्ट होते ही आपका लैपटॉप चार्ज होने लगता है। इसके साथ साथ आप कोई एक्सटर्नल लैपटॉप बैटरी चार्जर भी ले सकते है। इसे आपको अपने लैपटॉप से कनेक्ट नहीं करना होगा बल्कि लैपटॉप की बैटरी को लैपटॉप से निकालकर इस चार्जर से अटेच करना होता है। एक बार लैपटॉप की बैटरी फुल चार्ज होने पर आप बैटरी को दोबारा लैपटॉप में लगा सकते है। इसका फायदा ये है की आप लैपटॉप की बैटरी को चार्ज करके भी रख सकते है। इस प्रकार इन आसान ट्रिक के द्वारा आप अपने लैपटॉप को बहिन चार्जर के भी आसानी से चार्ज कर सकते है।

दो अलग - अलग कम्प्यूटरो में डुप्लीकेट फाइल कैसे तलाशे (How to find duplicate file in Two Deferent computers)

अगर आप दो अलग अलग कम्प्यूटर पर एक ही डुप्लीकेट फाइल की तलास करना चाहते है तो आपको Duplicate फाइल्स की तलाश के लिए Anti Twin  को एक बहुत ही बहतरीन सॉफ्टवेयर माना जाता है। यह एक बहुत ही पावरफुल टूल है जो नेटवर्क्स ऑफ़ कनेक्टेड Computer में भी डुप्लीकेट फाइल्स तलाश कर लेता है।  Anti Twin दो तरीके से डुप्लीकेट फाइल्स को Compare करता है। फाइल्स Properties चेक करके। इंटरनल कंटेंट को Byte by Byte एनालिसिस करके।  Anti Twin सॉफ्टवेयर सपोर्ट के साथ आता है , जिसमे अफ्रीकन जर्मन और फ्रेंच अंग्रेजी आदि भाषाए सामिल है।  साथ ही यह आपकी विभिन्न डुप्लीकेट फाइल्स को डिलीट करने में सहायता करता है। 

इंटरनेट पर वायरल होने वाली फेक न्यूज़ पहचानने का आसान तरीका - How to Identify Fake News on Internet

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आज के समय में कोई भी खबर जाहे वो किसी भी क्यों न हो वह इन्टरनेट पर तेजी से वायरल होने लगती है। ऐसे में ये पता लगाना मुश्किल हो जाता है की कोनसी न्यूज़ असली है और कौनसी न्यूज़ नकली कई बार खबरों के चलते अफवाह भी फलने लगती है। और कई बार तो फेक खबरे साम्प्रदायिक हिंसा का कारण भी बन जाती है। ऐसे में आपको खुद ही इन खबरों पर कड़ी निगाहे बनाने की जरूरत होगी और जानना होगा कि कोनसी खबर में कितनी सच्चाई है। आप निचे दिए गए तरिको का प्रयोग करके कुछ हद तक फेक न्यूज़ को पहचान सकते है।
वेबसाइट क्लिक करने से पहले रखे ध्यान :
जो भी वेबसाइट Lo, Co.Com, Com.Co के ख़तम होती है यानि उनका URL में ऐसे शब्द अंत में आते है तो उन पर क्लिक न करे। बेकार की वेबसाइट में सनसनी फैलाने के लिए ऐसी खबरों को पेश किया जाता है।

राइटर का नाम न हो : 
यदि किसी खबर या स्टोरी में राइटर का नाम और उसकी प्रोफाइल न दी गयी हो तो भरोसा न करे।  कारण ऐसी खबरे झूठी हो सकती है।

एक ही नाम की कई स्टोरी:
अगर को कोई इन्वेस्टिगेशन वेबसाइट को देखते है तो उसमे एक ही राइटर के नाम पर दिन में कई पब्लिश स्टोरी होती है। ऐसे में आपको सतर्क हो जाना चाहिए क्योकि हो सकता है कि ये वेबसाइट सिर्फ व्यावसायिक उद्देश्य के लिए ही चलायी जा रही हो। इससे सच्चाई से काम ही लेना देना होगा।

अन्य स्रोतों से ले मदद :
आप अन्य स्रोतों जैसे वेबसाइट और गूगल की न्यूज़ से भी पता कर ले की क्या ये सच में ही एक सच्ची न्यूज़ है अगर किसी सही और नमी वेबसाइट या अख़बार में उस बात की जानकारी दी जाती है तभी खबर पर भरोसा करे अन्यथा नहीं।
उपरोक्त दिए करे आसान से निर्देशो का पालन करे आप कुछ हद तक रियल और फेक न्यूज़ के बारे में जानकारी ले सकते है। 

USB के द्वारा दो लैपटॉप को कैसे कनेक्ट करे (How to Connect To Laptop via USB Cable)

यदि आप एक लैपटॉप से दूसरे लैपटॉप में फाइल को ट्रान्सफर करना चाहते है। तो इस काम को आप एक USB केबल के माध्यम से बड़े ही आसानी से कर सकते है। USB Cable के द्वारा दो लैपटॉप्स को कनेक्ट करने पर ये आपको दोनों कंप्यूटर्स के बीच फाइल्स को ट्रांसफर करने की परमीशन देते है। इसके माध्यम से आप प्रिंटर, इन्टरनेट कनेक्शन और हार्डवेयर को शेयर कर सकते है। एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर के बीच नेटवर्किंग कनेक्शन उस समय बहुत मददगार होता है जब लैपटॉप का प्रोसेसर तेजी से कार्य न कर रहा हो। एक नेटवर्किंग USB केबल या ब्रिज केबल आपको दो कम्प्यूटर के बीच तेजी से फाइल्स ट्रांसफर करने की अनुमति देता है। इसके लिए आपको नेटवर्किंग कार्ड ऐड करने या एक्सपेंसन बोर्ड इन्स्टॉल करने की भी जरुरत नहीं होती है। 
         दोनों लैपटॉप को एक दूसरे से कनेक्ट करने  के लिए सबसे पहले दोनों लैपटॉप को बंद कर दे।इसके बाद दोनों लैपटॉप में दिए गए USB का पता लगाये। आमतौर पर USB Ports लैपटॉप के साइड में होते है। नेटवर्किंग केबल के एक सिरे को लैपटॉप पर दिए गए फ्री पोर्ट से प्लग करे और अन्य लैपटॉप के फ्री पोर्ट को केबल के दूसरे सिरे से प्लग करे। अब दोनों लैपटॉप को ऑन करे। आपको लैपटॉप की स्क्रीन पर Detecting new hardware message दिखाई देगा। जोकि दिखायेगा की दोनों लैपटॉप के बीच डाटा ट्रांसफर हो सकता है। अब USB Cable को लिंक मोड में स्विच कीजिये इस तरह दोनों लैपटॉप के बीच डाटा ट्रांसफर होने लगेगा। 
स्टेप 1 : कन्ट्रोल पैनल को ओपन करना है। 
स्टेप 2 : कन्ट्रोल पैनल में Network Connections को सेलेक्ट करना है। 
स्टेप 3 : अब Create New Connection पर क्लिक करना है। 
स्टेप 4 : Set up an advanced connection को सेलेक्ट करके Next करना है। 
स्टेप 5 : अब आपको Connect directly to another computer को सेलेक्ट करके Next  क्लिक करना है। 
स्टेप 6 : अब आपको Host या Guest option में से किसी एक को सेलेक्ट करना है जैसे host कम्प्यूटर को भी सेलेक्ट कर सकते है। और next पर क्लिक करना है। 
 स्टेप 7 : अगले स्टेप में आपको अपनी usb केबल को सेलेक्ट करना है। और next पर क्लिक करना है। 
स्टेप 8 : next पर क्लिक करने के बाद आप का कनेक्शन कनेक्ट हो जायेगा जिसे आप डाटा शेयर करने के लिए प्रयोग कर सकते है। 

बूटेबल पेन ड्राइव कैसे बनाये (How to Make Bootable USB Pen Drive)

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यदि आप अपने पेन ड्राइव के द्वारा अपने कम्प्यूटर में विण्डो डालना चाहते है तो सबसे पहले आपको अपने पेन ड्राइव को बूटेबल बनाना होगा। अपने पेन ड्राइव को बूटेबल बनाने के लिए आपको कुछ ईजी से स्टेप्स को फॉलो करना होगा। जिसके लिए दो तरीके है।  पहला तरीका सॉफ्टवेयर के द्वारा पेन ड्राइव को बूटेबल बनाना और दूसरा तरीका Command Prompt के द्वारा पेन ड्राइव को बूटेबल बनाना। 
सॉफ्टवेयर के द्वारा बुटबल पेन ड्राइव बनाना:
बुटबल पेन ड्राइव बनाने वाले सॉफ्टवेयर को WinUsb Maker कहते है इस सॉफ्टवेयर को आपको डाउनलोड करना होगा। इस सॉफ्टवेयर को आप Winusb-Maker.findmysoft.com से भी डाउनलोड कर सकते है इसके बाद आपके इस सॉफ्टवेयर की सहायता से बूटेबल पेन ड्राइव Create कर सकते है। 

Command Prompt के द्वारा USB Bootable पेन ड्राइव बनाना:
इसतरीके से आप बिना किसी सॉफ्टवेयर की सहायता के बूटेबल पेन ड्राइव बना सकते है जिसके लिए आपको हमारे द्वारा दिए गए कुछ इजी स्टेप्स को फॉलो करना होगा। 
  1. सबसे पहले आपको Command Prompt को Open करना होगा। 
  2. जब Command Prompt हो जाये तो आपको Command Prompt में Diskpart लिखकर Enter कीजिये। 
  3. अब Listdisk लिखकर Enter बटन दबाइये अब आपको अवेलेबल Disks दिखने लगेगी। 
  4. जिस पेन ड्राइव को बूटेबल बनाना है वो पेन ड्राइव भी इस लिस्ट में दिखाई देगी। इस ड्राइव को Drive Letter याद रखे। 
  5. अब Select Disk (अपनी Disk का No) फिर Enter कीजिये। 
  6. इसके बाद Clean लिखे और Enter कीजिये। 
  7. Clean Partition Primary लिखकर Enter कीजिये। 
  8. अब Select Partition 1 लिखकर Enter बटन दबाये। 
  9. फिर Partition को active करने के लिए Active लिखकर Enter बटन दबाये। 
  10. USB को format करने के लिए Format-Fs-Fat32 लिखकर Enter बटन दबाये। 
  11.  Bootable Drive को नाम देने के लिए Assign लिखकर Enter दबाये। 
  12. Command Prompt से बाहर जाने की लिए Exit लिखकर Enter बटन दबाये। 
  13. अब कोई भी Windows Operating System चुने और उसकी Install को disk में copy कर दीजिये। 
इन दोनों तरीको से आप अपनी पेन ड्राइव को  बूटेबल बना सकते है और Windows Install कर सकते है।अगर यदि आपको पेन ड्राइव को बनाने में कोई समस्या सामने आती है तो आप comment बॉक्स में बता सकते है।

वर्ल्ड वाइड वेब क्या है (What is World Wide Web)

www, world wide web, about wwwवर्ल्ड वाइड वेब (www - World Wide Web) इन्टरनेट के एक बहुत ही लोकप्रिय सर्विस है। आज हम www की विशेषताओ के बारे में जानेगे। इसमें हाइपर टेक्स्ट इनफार्मेशन होती है जो की टेक्स्ट एक सामान्य पुस्तक की तरह एक दृढ और लीनियर स्ट्रक्चर में पढ़ने के बजाये आप एक चोर से दूसरे छोर तक आसानी से जा सकते है। और आसानी से वापस पीछे  भी जा सकते है। एक टॉपिक से दूसरे टॉपिक पर जा सकते है। और आप उस टेक्स्ट को पढ़ सकते है जिसे आप पढ़ना चाहते है। इसके अलावा www ग्राफिकल और आसान है यह हमें टेक्स्ट के साथ साथ विडियो, साउंड, देखने की सुविधा भी देता है। और नए ब्राउज़र तो मल्टीमीडिया से जुडी इनफार्मेशन भी दिखाते है। इसके सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये सभी कार्य बहुत आसान होते है। आप आसानी से एक लिंक पर क्लिक करके दूसरे पेज पर जा सकते है। तथा एक साइट से दूसरी साइट पर जा सकते है और एक सर्वर से दूसरे सर्वर पर भी मूव कर  सकते है। www क्रॉस प्लेटफॉर्म है। यदि आप इन्टरनेट से जुड़े हुए है। तो आप वर्ल्ड वाइल्ड वेब को भी एक्सेस कर सकते है। वर्ल्ड वाइड वेब किसी एक तरह की मशीन या एक ही कम्पनी द्वारा चलाई गयी मशीन से बांध हुआ नहीं है। यह पर पूर्ण रूप से क्रोस प्लेटफॉर्म होता है। इसका अर्थ है की आप वेब को किसी भी कंपनी के हार्डवेयर पर किसी भी  ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ तथा किसी भी प्रकार के डिस्प्ले के  साथ  एक्सेस कर सकते है। वेब इतना अधिक मात्रा में सुचना इसलिए प्रदान करता है क्योकि यह इनफार्मेशन हजारो वेब साइट पर बिखरी हुई है प्रत्येक वेबसाइट अपने पास उपलब्ध सुचना की लिए स्पेस रखती है शेष सूचना उस वेबसाइट को लिंक करके मिल जाती है। किसी भी इनफार्मेशन को चाहने वाले को केवल उस वेबसाइट  पर जाना होता है जिसको इनफार्मेशन देखना चाहते है। 

भारत के मुख्य राष्ट्रीय उद्यान (National Park of India)

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भारत एक प्राकृतिक सम्प्रदा वाला देश है। मार्च 2002 तक भारत सरकार ने 89 उद्यानों को नेशनल पार्क का दर्जा दिया है। आज हम इन्ही उद्यानों में से कुछ ऐसे उद्यानों के बारे में जानेगे जो अपने विशेषता के लिए विश्व प्रसिद्ध है। 
1. बलपकरम (मेघालय)
यह मेघालय मव स्थित है। यहाँ का निकटतम स्टेशन गोहाटी है। इस उद्यान में "हूलौक गिब्बन" दुर्लभ प्रजाति देखने को मिलती है। यहाँ पर दुर्लभ प्रजाति स्लो बोरिस (शर्मिंदा बिल्ली) भी पायी जाती है। 

2. बान्धवगढ़ (मध्य प्रदेश)
यह उद्यान विन्ध्याचल पर्वत की पहाड़ियों में स्थित है।  यह सफ़ेद बाघो की जन्म भूमि कहाँ जाता है। जोकि संख्या में लगभग 32 है। 

3. बेंकटेश्वर (आन्ध्र प्रदेश)
यह उद्यान तिरुमलै -तिरुपति की पवित्र पहाड़ियों में स्थित है।  यहाँ पर तिरुपति मंदिर होने के कारण यहाँ अधिक पर्यटको का आना जाना है। 

4. दाचीगाम (मिजोरम)
मिजोरम में स्थित यह उद्यान हंगुल जाति के हिरण का मुख्य संरक्षण केन्द्र है।यहाँ पर जंगली बकरी की प्रजाति भी पायी जाती है।

5. डम्फा (मिजोरम)
यह उद्यान प्रोजेक्ट टाइगर के लिए संरक्षित है। ग्रेट इंडियन हार्नबिल यहाँ की खास पहचान है। 
 6. घाना राष्ट्रीय पक्षी उद्यान (राजस्थान)
राजस्थान के भरतपुर नगर (जिला मुख्यालय) जिसे घना पक्षी विहार के नाम से पुकारा जाता है स्थित है। प्रवासी पक्षी "साइबेरियन क्रेन्स" यहाँ का मुख्य आकर्षण है। 

7. गिर (गुजरात)
जूनागढ जिले में स्थित गिर राष्ट्रीय उद्यान भारत का एकमात्र "शेरो" की संरक्षण स्थली है। 

8. काजीरंगा (असम) 
यह उद्यान एक सिंग वाले गेंडे  के लिए प्रसिद्ध है। तथा ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे प्रसिद्ध है। 

9. कंचनजंगा (सिक्किम)
यह सिक्किम का एकमात्र उद्यान है। इस उद्यान में विदेशियो को जाने की अनुमति नहीं है। केवल देशवासी अनुमतिपत्र के द्वारा ही प्रवेश करते है। यद्दपि ये एक विवाद का विषय है। की जाइंट पांडा या पांडा भारत में उपलब्ध है। 

10 केबुल लाजमाओ (मणिपुर)
इस उद्यान का एक बड़ा भाग झील में तैरता रहता है। इसलिए इसे "फ्लोटिंग पार्क' भी कहाँ जाता है। यहाँ केवल "संगाई हिरण" अधिक संख्या में पाया जाते है। 

11. माधव (मध्य प्रदेश)
यह शिवपुरी ऐतिहासिक नगरी में स्थित है।  यहाँ "चिकारा छोटे आकर का हिरण" की दुर्लभ प्रजाति का संरक्षण स्थान है। यहाँ दो कृत्रिम झीले (साख्य सागर और चन्द्रपारा) भी है।
12. महावीर (गोवा)
यहाँ का वातावरण प्राकर्तिक सौन्दर्य, समुन्द्री वातावरण है।  यहाँ निर्भय विचरती "जंगली बिल्लिया" यहाँ का मुख्य आकर्षण  है। 

13. मुदमले (तमिलनाडु)
यह नीलगिरी की पहाड़ियों में स्थित है यहाँ पर "गौर" जीव की संख्या अधिक है। यहाँ तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल से पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध है। 

14. मैरीन (अण्डमान)
वंडूर में स्थित मैरीन राष्ट्रीय उद्यान समुन्द्री जीवो के रख रखाव और संरक्षण के लिए है। समुन्द्री जीव मूंगा की अदभुत कारीगरी का स्पष्ट नमूना है मैरीन पार्क। 

15. पिनवेली (हिमांचल प्रदेश) 
यह उद्यान 7 - 8 माह बर्फ से ढका रहता है। यहाँ हिम चिता , जंगली बकरी और बर्फ  का भेड़िया आदि पाये जाते है। 

16. राजाजी (उत्तर प्रदेश)
यहाँ चीतल बहुत अधिक संख्या में आसानी से देखे जा सकते है।उत्तर प्रदेश के आधे हाथी इसी उद्यान में है। 

17. संजय गाँधी उद्यान (महाराष्ट्र)
इस  उद्यान का पहले नाम वोरीवली था।  टाइगर सफारी इस उद्यान का मुख्य आकर्षण है। 

18. सुल्तानपुर (हरियाणा)
यह एक कृत्रिम उद्यान है।  यह अब दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों का प्रवास स्थान बन गया है।