Airtel vs Jio – The 5G Scam in India | एयरटेल बनाम जियो: भारत का 5G घोटाला
5G का सपना और सच्चाई
जब भारत में 5G लॉन्च हुआ, तो इसे Digital India का अगला अध्याय कहा गया।
विज्ञापनों में कहा गया — “1 Gbps speed, zero lag, और ultra-fast internet।”
लोगों को उम्मीद थी कि अब उनका मोबाइल इंटरनेट literally उड़ने लगेगा।
लेकिन जैसे-जैसे महीनों बीते, यूज़र्स का अनुभव कुछ और ही निकला।
Mumbai, Delhi, Bangalore जैसे शहरों में भी औसत स्पीड 75–85 Mbps से आगे नहीं बढ़ रही।
यानी marketing ke claims aur ground reality ke beech ek bada gap hai.
5G Promises vs Reality | वादे और हकीकत
क्या कहा गया था:
- 1 Gbps तक की इंटरनेट स्पीड
- Zero latency (delay-free gaming, AR/VR experience)
- Ultra HD streaming बिना buffering
लेकिन सच्चाई:
- Users को मिल रही स्पीड: 70–120 Mbps
- Latency अभी भी 4G जैसी
- कई जगह 5G का आइकन तो दिखता है, पर स्पीड 4G से भी कम
Example: Opensignal (2024) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के major metros में Jio और Airtel की औसत 5G स्पीड क्रमशः 100 Mbps और 110 Mbps के आसपास है — जो कि advertised speed से बहुत कम है।
Jio vs Airtel – Two Different 5G Paths | दो अलग रणनीतियाँ
दोनों कंपनियों ने 5G rollout के लिए अलग-अलग रास्ते चुने —
एक ने तेज़ deployment पर ध्यान दिया, तो दूसरे ने future-ready technology पर।
| Feature | Jio 5G | Airtel 5G |
|---|---|---|
| Network Type | Standalone (SA) 5G | Non-Standalone (NSA) 5G |
| Dependency | Fully 5G core (no 4G support) | Built on 4G infrastructure |
| Speed Potential | Theoretical 1 Gbps | 4G limitations apply |
| Latency | Lower (in theory) | Slightly higher |
| Deployment Time | Slower, costlier | Faster, cheaper |
| User Experience (as per Opensignal 2024) | Mixed results | More consistent performance |
| Spectrum Strategy | Heavy on 700 MHz low band | Focused on mid and high bands |
| Target | Rural coverage + future readiness | Urban stability + affordability |
What It Means
- Jio ने पूरा नया 5G नेटवर्क बनाया — technologically advanced लेकिन बहुत महंगा।
- Airtel ने 4G backbone पर 5G लाया — सस्ता और जल्दी, पर परफॉर्मेंस सीमित।
Opensignal (2024) के मुताबिक, Airtel का 5G अनुभव फिलहाल ज़्यादा consistent है, खासकर वीडियो स्ट्रीमिंग और गेमिंग के लिए।
Spectrum Strategy – स्पेक्ट्रम की चाल
Jio का दांव: 700 MHz Spectrum
Jio ने 700 MHz लो-बैंड स्पेक्ट्रम में भारी निवेश किया।
- फायदा: Rural और indoor coverage बेहतर
- नुकसान: कम स्पीड (often <100 Mbps)
Airtel का फोकस: Mid-Band Spectrum
Airtel ने mid-band frequencies को चुना, जो urban क्षेत्रों में high speed के लिए बेहतर हैं।
- फायदा: बेहतर throughput
- नुकसान: ग्रामीण कवरेज सीमित
सच यही है: Jio का 5G symbol हर जगह दिखता है, पर speed कई बार 4G जैसी ही होती है।
The Fiber Backhaul Problem | 5G का सबसे बड़ा bottleneck
क्या आप जानते हैं कि भारत के सिर्फ 38% टावर fiber network से जुड़े हैं?
जबकि अमेरिका, जापान और चीन में यह आंकड़ा 80–90% है (TRAI Report, 2024)।
इसका मतलब है कि भले ही आप 5G signal पा रहे हों, पर आपके data packets tower से बाहर ही “ट्रैफिक जाम” में फंसे रहते हैं।
यही वजह है कि वीडियो बफर होते हैं, गेमिंग में lag आता है और “5G का मज़ा” अधूरा लगता है।
Made-in-India 5G Tech: गर्व या रिस्क?
Jio और BSNL दोनों “Made-in-India” network tech पर जोर दे रहे हैं — यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है।
लेकिन industry experts मानते हैं कि अभी यह systems कम optimised हैं।
- Hardware compatibility issues
- Network switching instability
- Software optimization challenges
यह एक trade-off है — National pride vs Reliable performance.
The 5G Icon Lie | 5G का “आइकन झूठ”
कई बार आपका फोन 5G दिखाता है, लेकिन actual data अभी भी 4G core से गुजरता है।
यह एक marketing illusion है —
फोन का 5G symbol सिर्फ network signal को दर्शाता है, performance को नहीं।
Example:
यदि आप Delhi में Jio 5G चला रहे हैं और tower fiber से connect नहीं है, तो आपका data उसी पुराने 4G route से जाएगा।
नतीजा — 5G symbol ✔️, पर speed ❌।
The Real Customer of 5G | 5G किसके लिए है?
हम सोचते हैं कि 5G consumers के लिए बना है —
लेकिन असल में इसका मुख्य लाभ industries और enterprises के लिए है।
5G का असली उपयोग:
- Smart factories और automation
- Telemedicine और remote surgeries
- IoT devices (Smart homes, vehicles)
- Cloud computing & data centers
यानि users indirectly corporate-grade infrastructure का खर्च उठा रहे हैं।
Telecom Economics – Unlimited 5G का जाल
भारत की टेलीकॉम कंपनियाँ भारी कर्ज में हैं।
5G rollout पर अरबों रुपये खर्च हुए, और अब उनका लक्ष्य है — ARPU (Average Revenue Per User) बढ़ाना।
क्या चल रहा है अभी:
- “Unlimited 5G” ऑफर अस्थायी है
- जल्द ही tier-based plans आएंगे — Standard 5G vs Premium 5G
- Data throttling (speed limits) लागू होगी
Financial Express (2025) की रिपोर्ट के अनुसार, टेलीकॉम सेक्टर अगले साल तक 20–25% tariff hike करने की तैयारी में है।
Who’s Responsible? | जिम्मेदार कौन है?
इस “5G Scam” में कोई एक खलनायक नहीं है।
यह एक system failure है — तीनों स्तरों पर:
Telecom Companies – जिन्होंने अधूरी टेक्नोलॉजी को पूरी तरह तैयार बताकर मार्केट किया।
Government Policies – जिन्होंने fiber backhaul और infra पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
Consumers – जो “मुफ्त और अनलिमिटेड” सेवाओं के चक्कर में quality को नजरअंदाज कर गए।
What Needs to Change | अब क्या होना चाहिए
भारत में सच्चे 5G अनुभव के लिए जरूरी है कि:
- Fiber infrastructure में निवेश बढ़े
- Transparent data reporting लागू हो
- Quality के लिए users fair price चुकाने को तैयार हों
- Telecoms short-term marketing छोड़कर long-term network quality पर ध्यान दें
Quick Comparison Summary
| Category | Airtel 5G | Jio 5G |
|---|---|---|
| Network Type | Non-Standalone (NSA) | Standalone (SA) |
| Speed (avg) | ~110 Mbps | ~100 Mbps |
| Coverage | Urban stable | Rural extended |
| Spectrum Focus | Mid-band | Low + Mid-band |
| Fiber Backhaul | Moderate | Expanding |
| User Experience | Consistent | Mixed |
| Best For | Daily usage, streaming | Rural connectivity |
Suggested Internal Links (for your blog)
- 4G vs 5G: Real Difference Explained in Simple Terms
- Top 5G Smartphones in India 2025: Are They Worth It?
- Why Indian Internet Still Struggles with Speed?
- TRAI 2025 Report Summary: India’s Digital Future
External References (for credibility & E-E-A-T)
- Opensignal India 5G Experience Report – March 2024
- TRAI Performance Indicators Report 2024
- Financial Express – India 5G Rollout Analysis 2025
- Economic Times – Spectrum Auction Insights
FAQs – 5G in India
Q1. क्या भारत में असली 5G आ चुका है?
तकनीकी रूप से हाँ, लेकिन अधिकांश नेटवर्क अभी भी 4G इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित हैं (NSA 5G)।
Q2. Jio या Airtel – कौन बेहतर है?
फिलहाल Airtel का यूज़र अनुभव अधिक स्थिर है, जबकि Jio की कवरेज व्यापक है।
Q3. 5G की स्पीड इतनी कम क्यों है?
फाइबर बैकहॉल की कमी और shared infrastructure के कारण।
Q4. क्या 5G भविष्य में महँगा होगा?
हाँ, टेलीकॉम कंपनियाँ tiered pricing लाने की योजना में हैं।
Q5. क्या 5G से battery ज्यादा drain होती है?
हाँ, लगातार high-frequency signal के कारण बैटरी उपयोग बढ़ जाता है।
The Real 5G Truth
“India’s 5G story is not a scam of money, but a scam of expectations.”
— Users were promised ultra-speed, but delivered half-built infrastructure.
भारत में 5G rollout महत्वाकांक्षी तो है, लेकिन अधूरा।
Airtel और Jio दोनों ने अपने-अपने रास्ते चुने —
एक ने “तेज़ rollout” पर ध्यान दिया, दूसरे ने “future technology” पर।
पर सच्चा 5G तभी मिलेगा जब:
- Tower से लेकर Fiber तक network मजबूत हो,
- Government, telecoms और consumers मिलकर एक sustainable ecosystem बनाएं।
तब जाकर भारत का “5G सपना” सच में Digital Revolution बनेगा — न कि सिर्फ एक marketing gimmick.
Author Note:
यह ब्लॉग R.K. Patwariya द्वारा तैयार किया गया है — एक tech educator और digital content creator, जो टेक्नोलॉजी, AI और SEO पर रिसर्च-बेस्ड लेख लिखते हैं।


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