भारतीय संविधान की विशेषताएँ - Great Features of Indian Constitution

  • भारत का संविधान का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। 
  • भारत  संविधान प्रभुत्वसम्पन, लोकतंत्रात्मक, पंथनिरपेक्ष, समाजवादी और  गणराज्य की स्थापना करने वाला है। 
  • संसदीय सरकार की स्थापना 
  • इसमें मूल अधिकारों का समावेश किया गया है। 
  • इसमें राज्यों के लिए नीति निर्देशक तत्वों का समावेश किया गया है। 
  • हमारे संविधान में लचीलेपन और कठोरता का समावेश किया गया है। 
  • भारत का संविधान केन्द्र की और उन्मुखता को दर्शाता है। 
  • हिंदुस्तान के संविधान में वयस्क को मत देने का अधिकार मिला है। 
  • इसने स्वतन्त्र न्यायपालिका की स्थापना की गयी है। 
  • इसके द्वारा पंथ निरपेक्ष राज्य की स्थापना की गयी है। 
  • इसमें देश के नागरिक को एक नागरिकता का प्रावधान है। 
  • इसमें सभी नागरिको के लिए मूल कर्तव्यों का समावेश किया गया है। 
  • भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है जब ये बना था उस समय इसमें 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियाँ थी। 
  • भारतीय संविधान का श्रोत भारत की जनता है। 
  • गणराज्य का प्रयोग पुरे संविधान में केवल प्रस्तावना में किया गया है। 
  • लोकसभा में अनुसूचित जाति के लिए 78  और अनुसूचित जन जाति के लिए 42 स्थान आरक्षित है।

मेरठ का का क्रान्ति स्थल काली पलटन का मन्दिर (औघड़नाथ मन्दिर) - Temple of Kali Paltan Meerut -1857

 भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के मेरठ शहर में स्थित औघड़ नाथ मंदिर जिसे काली पलटन का मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर के बारे में ये कहाँ जाता है कि भारत की आजादी की पहली लड़ाई यही से शुरू हुई थी।  मेरठ में अप्रैल १८५७ में क्रांति के सूत्रधारो के एक गुप्त दूत फ़क़ीर के वेश में यहाँ हिन्दुस्तानी को क्रांति का उपदेश देते थे इसी स्थान से मंदिर का पुजारी भी हिन्दुस्तानी सिपाहियों में चर्बी वाली कारतूसो के प्रयोग के विरुध उत्तेजना भरने का कार्य किया था। ये मंदिर मेरठ के काली पलटन क्षेत्र में स्थित होने के कारण इसे काली पलटन का मन्दिर कहते है। 1857 से पहले ये मंदिर श्रद्धा स्पद वंदनीय स्थान के नाम प्रसिद्ध था। और यहाँ भगवान शिव की वंदना की जाती थी। यहाँ का स्थान एकांत में था इसलिए अंग्रेजो ने यहाँ सेना के प्रशिक्षण के लिए केंद्र भी स्थापित किया था। सोमवार के दिन यहाँ भगतो का बड़ी संख्या में आना होता है। और यहाँ पर भगत बड़ी संख्या में पहुंचकर अपना सोमवार का उपवास तोड़ते है। 


1857 की क्रांति के मुख्य कारण - Main Causes Of The Revolt Of 1857

भारत की आजादी के इतिहास में 1857 क्रान्ति का महत्वपूर्ण स्थान  है। इस क्रांति के अनेक कारण थे। लेकिन ज्यादातर विद्वानों ने इसका कारण चर्बी लगे कारतूसों को माना है। फिर भी अधिकांश खोजो से ये सिद्ध हो चूका है कि चर्बी युक्त कारतूस तो बस एक कारण था। 1857 इस विद्रोह को जन्म देने वाले कारणों में सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक, और धार्मिक कारण भी जिम्मेदार थे। वेलेजली की सहायक सन्धि और डलहौजी की व्यपगत नीति इस क्रांति का महत्वपूर्ण राजनैतिक कारण था। डलहौजी ने अपनी व्यपगत नीति के द्वारा जैतपुर , सम्भलपुर, झाँसी, और नागपुर आदि को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया था।  उसने अवध के नवाब को गद्दी से उतर दिया एवं भूतपूर्व पेशवा की पेंशन जब्त कर ली थी। इसके आलावा डलहौजी ने तंजौर और कर्नाटक के नवाबो की राजकीय उपाधियाँ जब्त कर ली गयी तथा डलहौजी ने मुग़ल बादशाह को अपमानित करने के लिये सिक्को पर नाम खुदवाने की परम्परा को समाप्त कराव दिए और बादशाह को लालकिला छोड़कर कुतुबमीनार में रहने का आदेश दिया। उस समय मुग़ल बादशाह जनता का प्रतिनिधित्व करता था।
इसलिए उनके अपमान को जनता ने अपना अपमान समझा और विद्रोह के लिए मजबूर होना पड़ा इसके आलावा कुछ प्रसाशनिक कारण भी थे। उस समय प्रशासनिक कार्यो में भारतीयों की भागीदारी जातीय श्रेष्ठा पर आधारित थी। कोई भी भारतीय व्यक्ति सूबेदार से ऊंचे पद तक नहीं पहुंच पता था। न्यायिक क्षेत्रों में अंग्रेजो को भारतीयों से हर स्तर पर श्रेष्टमाना  जाता था। इसके साथ-साथ कम्पनी की भू- राजस्व व्यवस्था ने अधिकांश भारतीय किसानो को निर्धन बना दिया था। क्योकि बम्बई में स्थापित इनाम कमीशन ने अपनी सिफारिशों के द्वारा लगभग 2000 जगीरो को जब्त कर लिया था। और अंग्रेजो के स्थायी बंदोबस्त, रैय्यतवाड़ी व्यवस्था, महालवारी व्यवस्था के द्वारा किसानो का बहुत शोषण हुआ जिसके कारण वे निर्धन होते चले गये। इसके अतिरिक्त अंग्रेजो के द्वारा भारत में ईसाई धर्म के प्रचार के लिये विशेष सुविधाये प्रदान की गयी। अंग्रेजो के "धार्मिक निर्योग्यता अधिनियम 1956 " द्वारा ईसाई धर्म स्वीकार करने वाले लोगो को ही अपनी पैतृक सम्पति का हक़दार माना जाता था। और उन लोगो को ही नौकरियों में पदोन्नति और शिक्षण संस्थाओ में प्रवेश की सुविधा प्रदान की गयी। यह भी विद्रोह का एक कारण था। इन सभी कारणों की आलावा कुछ आर्थिक कारण भी थे। अंग्रेजो के द्वारा भारतीयों का आर्थिक शोषण किया गया और उनके आर्थिक ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। अंग्रेजो की ब्रिटिश भू और भू राजस्व नीतियों ने बड़ी संख्या में किसानो और जमीदारो को उनके अधिकार से अलग कर दिया। इन कारणों के अतिरिक्त भी 1857 की क्रांति के सैनिक करने में अनेक ऐसे कारण थे जिन्होंने इस विद्रोह की पृष्टभूमि तैयार की भारतीय सेना में काम करने वाले सैनिको में ज्यादातर कनिष्ट अफसर थे। जिन्हे सेना में पदोन्नति का कोई फायदा नहीं दिया जाता था। जोकि विद्रोह का कारण बना। चर्बी लगे कारतूसों के प्रयोग को विद्रोह का तात्कालिक कारण माना गया। विभिन्न कारणों से भारतीय जनता ब्रिटिश शासन से आक्रोश में थी तभी केनिन की दो घोषणाओं ने आग में घी का काम किया। 
  1. सेना के नये रंगरूटों के लिए समुन्द्र पार के ब्रिटिश प्रदेशो में सेवा करना अनिवार्य कर दिया जिन्हे वे धर्म के विरुद्ध समनझते थे। 
  2. सैनिको को ऐसे कारतूस के प्रयोग के लिए विवश होना पड़ा जिनमे गाय और सूअर की चर्बी लगी हुई थी। 
कैनिंग सरकार ने 1857 में सैनिको के प्रयोग के लिए ब्राउन बैस गन के स्थान पर एनफील्ड रायफल का प्रयोग शुरू करवाया जिसमे कारतूस को लगाने से पहले दांत से खींचना पड़ता था। इन कारतूसों में गाय और सूअर की चर्बी लगी थी। इसलिए हिन्दू और मुसलमान दोनों भड़क उठे जिसके परिणामस्वरूप 1857 के विद्रोह की शुरुआत हो गयी।


क्रिसमस दिवस 20 दिसम्बर को क्यों मनाया जाता है- Why Christmas Day Celebrated on the 25th December?

क्रिसमस यह प्रभु ईसामसीह का जन्मदिन है। 2000 साल पहले तीन कोस दूर एक छोटे से गाॅंव बेथलेहम में पैदा हुए थे। प्रभु एक ऐसी जगह पैदा हुए थे। जहाॅं शायद ही किसी इन्सान का जन्म होता है-गोशाला
ऐसा इसलिए हुआ क्योकि प्रभु की माॅं मरियम को कोई शरण नही दे रहा था, जिसके कारण उन्हे गौशाला में शरण लेनी पडी और वही प्रभु का जन्म हुआ। प्रभु का देहावसान युवावस्था में ही हो गया था, जब उनकी आयु मात्र 33 वर्ष की थी। यह वही आयु है जब एक इन्सान अपने परिवार की शरुआत करता है और अपने उज्ज्वन भविष्य की कामना करता है। 
हम हमेशा ही उन लोगों को याद करते है। जो अपनी जिन्दगी में सफलता की उॅचाईयों को छूते हैं जब हम उनके सम्र्पक में आते हैं तब उनकी जन्मतिथि और तरह-तरह की बातें जानने को उत्सुक होते हैं। जन्म मृत्यु की पाचान तभी होती है, जब इंसान की जिन्दगी होती है।
प्रभु ईसामसीह सबसे अद्भुत एवं अलग थे।अनके जन्म व मृत्यु को उनकी जिन्दगी ने एक मतलब दिया। ईसामसीह भगवान के पुत्र थे। अनके जन्म हजारो साल जहले भगवान के एक दूत ने कर दी थी। उन्होने इस बात के संकेत दिए थे, कि भगवान का जन्म बैथलेहम में होगा और कुछ दूतो ने तो भगतान के भविष्य और मृत्यु की आशंका प्रकट की थी। यह सब कुछ नबी ईसाह मे साफ-साफ लिखा है।
भगवान ईसा मसीह का जन्म पहले से ही लिखा हुआ था। वह ही केवल ऐसे इंसान हैं जिनके पास पुर्नजन्म की शक्ति थी। इस प्रमाण से यह साफ होता है कि भगवान के जन्म का कोई मतलब था। उनका जन्म हमें यह बताता है कि प्रभु हम सबसे प्यार करते हैं क्योंकि हम उरनके बच्चे हैं और वे हमाने पिता है। प्रभु ने हमें यह सिखया है कि हमारा असली घर स्वर्ग है। जहाॅ पर हमें हमेशा अपने पिता के साथ रहना है। परन्तु स्वर्ग में पहुॅचना हमारे हाथ में नहीं है। हम सबने कुछ गलतियाॅ की है। और हम प्रभु से प्रार्थना करजे है कि वो हमारी गलतियाॅ माफ करे। यह सब प्रभु इस संसार से प्यार करते है। उन्होने अपरा एक बालक हम सबके बीच भेजा ताकि सब उसमें विश्वास कर सकें और बुरे मार्ग को न अपनाए जिससे उनकी जिंदगी हमेशा सफन बन सके।
क्रस पर लटकते समय शुक्रवार दोपहर को 2000 साल पहले मिट्टी  ईसामसीह ने ईश्वर से प्रार्थना की कि- हे भगवान मेरी हत्या करने वालों को क्षमा करना। 

कम्प्यूटर स्क्रीन का स्क्रीनशॉट लेने का आसान तरीका (How to Take Computer Screenshot easily)

कई बार कंप्यूटर की स्क्रीन पर उपलब्ध प्रोग्राम या पिक्चर का आपको स्क्रीन शॉट लेना होता है। कंप्यूटर में स्क्रीन शॉट लेने का तरीका एकदम आसान है। आप अपने कंप्यूटर की स्क्रीन के कुछ हिस्से या फिर पूरी स्क्रीन का स्क्रीन शॉट ले सकते है। ये एक आसान सी प्रक्रिया है लेकिन फिर भी बहुत से कंप्यूटर यूजर इसके लिए अनेक प्रकार के सॉफ्टवेयर का प्रयोग करते है। जबकि इसके लिए किसी अतरिक्त सॉफ्टवेयर की कोई आवश्यकता नहीं होती है। आप कुछ आसान से तरीको का प्रयोग करके अपने कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन का स्क्रीन कैप्चर कर सकते है। इसके लिए कम्प्यूटर में दो तरीके अवेलेबल है। 
1 . आप अपने कीबोर्ड पर Print Screen का बटन को खोजिये और आपको जिस स्क्रीन को कैप्चर करना है। उस स्क्रीन को खोलकर Print Screen Button को दबाये। अब MS Paint या MS Word में Ctrl+V के द्वारा उसे paste करते है।  इस तरह आप अपने कंप्यूटर की स्क्रीन का फुल स्क्रीन शोट ले सकते है। 
2 . उपरोक्त तरीके के अलावा एक और तरीका है जिसके द्वारा आप कंप्यूटर स्क्रीन का शॉट ले सकते है। ये तरीका Window 7, 8 और 10 में काम करता है। इसके लिए एक खास snipping tool इन windows में उपलब्ध है।  इस तरीके के द्वारा स्क्रीनशॉट बहुत ही आसान है। इसके लिए आपको विण्डो के स्टार्ट बटन पर क्लिक करना है।  फिर snipping tool को सर्च करना है। या फिर Run में जाकर सीधे snippinh tool टाइप  करना है। इसके बाद कम्प्यूटर स्क्रीन के जिस भाग को कैप्चर करना है। वह माउस से उस एरिया को सेलेक्ट करना है। इस प्रकार आप कम्प्यूटर की स्क्रीन को कैप्चर कर सकते है। 

विण्डो पासवर्ड भूल जाने पर उसे कैसे रिसेट करे - How to Reset Your Forgotten Windows Password

PASSWORD RESET, HOW TO RESET WINDOWS PASSWORD
अगर आपने अपने कम्प्यूटर को पासवर्ड से सुरक्षित कर रखा है। और आप अपने कम्प्यूटर विण्डो का पासवर्ड भूल गये है। इस स्थिति में कम्प्यूटर की विंडो को ओपन कर पाना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। लेकिन ऐसा भविष्य में दोबारा न हो इसके लिए आपको कुछ सुझाव दिए जा रहे है। विण्डो का पासवर्ड अनलॉक करने के लिए बस एक ही तरीका है। कि आपको अपने कम्प्यूटर  के लिए पहले से ही Password Reset Disk  तैयार कर ले। तो आपको इस समस्या का समाधान मिल सकता है। अपने कंप्यूटर के लिए Password Reset disk तैयार करने के लिए आपको एक Pen Drive की जरुरत होगी। इसके लिए आप कोई भी पेन ड्राइव ले सकते है। इसके लिए आप पेन ड्राइव को कम्प्यूटर में लगाइये। और कण्ट्रोल पैनल को ओपन कीजिये। और User Account पर क्लिक कीजिये। User Account  side bar में आपको Create Password Reset Disk ऑप्शन दिखाई देगा। इस ऑप्शन पर आपको क्लिक करना है। क्लिक करते ही एक Forgotten password wizard  ओपन हो जायेगा। इस wizard को आपको फॉलो करते जाना है। इसमें एक जगह आपसे Current user account password पूछा जायेगा। यहाँ आपको पासवर्ड इनपुट करना है।  next करना है अब आपको password reset disk तैयार हो जाएगी। 
पासवर्ड को रिसेट कैसे करे :
जब भी आप अपने कम्प्यूटर का पासवर्ड भूल जाये तो बस आपको इस password reset disk (पेन ड्राइव) को अपने कम्प्यूटर में लगाना है। और विण्डो में आपको कोई भी एक गलत पासवर्ड डालना है। तुरंत आपको पासवर्ड विण्डो के निचे reset password का Option आपको दिखाई देगा  इस पर आपको करना है और नया पासवर्ड बना लेना है। ऐसा करके आप अपने कम्प्यूटर के पासवर्ड को भूल जाने पर भी दोबारा से रिसेट कर सकते है।

कम्प्यूटर से Missing DLL Files मैसेज को कैसे हटाये (How To Remove Missing DLL Files Massage from Computer)


कई बार कम्प्यूटर प्रयोग  करते समय या कंप्यूटर में कोई प्रोग्राम डालते समय आपका कम्प्यूटर कई प्रकार के मैसेज शो करने लगता है। कई बार आपका कम्प्यूटर missing DLL Files का मैसेज देने लगता है। ऐसे में घबराने की कोई बात नहीं है। आज मैं आपको कम्प्यूटर  एक ऐसे ही मैसेज के बारे में बताऊँगा। इस एरर मैसेज को कैसे हटाना है। इसके लिए आपको कुछ इजी स्टेप्स को प्रयोग करना होगा। सबसे पहले आप अपने कंप्यूटर में run में जाकर Command Prompt करना है। इसके लिए आपको run में cmd टाइप करके एंटर करना है। और आपका या All Program>Accessories>Command Prompt पर जाकर भी इसे ओपन कर सकते है। इसके बाद Sfc/scannow टाइप करना है। इस कमांड को लिखते ही आपका कंप्यूटर missing files को सर्च करना सुरु कर देगा। ये परक्रिया पूरी हो जाने के बाद एक बार कंप्यूटर को रिस्टार्ट करना होगा। इसके बाद आपके कंप्यूटर में ये massage आना बंद हो जायेगा।
किसी प्रकार के सुझाव या जानकर के लिए आप कमेंट के माध्यम से जानकारी ले सकते है। या फिर feedback भी दे सकते है।

टिप्स - ब्लॉगिंग कैसे करे - (How To Start a Blog)

आज  के समय में ब्लॉगिंग का चलन बहुत बढ़ गया है। कुछ लोग अपने शोक  के लिए ब्लॉगिंग करते है और कुछ लोग तो प्रोफेशनल ब्लॉगर  है। आज हम दुनिया  की  कुछ बहतरीन ब्लॉगिंग वेबसाइट के बारे में  जानेगे। 



ब्लॉगिंग करते समय ध्यान रखने योग्य बाते : 
  • आपके ब्लॉग में अच्छे ट्रैफिक के लिए कम से कम 50 पोस्ट होनी आवश्यक है। 
  • आपका ब्लॉग आपके सोशल एकाउंट से जुड़ा होना चाहिए। 
  • आपके द्वारा लिखे गए पोस्ट यूनिक होने चाहिए। 
  • आपके पोस्ट ऐसे हो जिससे यूज़र्स का इंटरेस्ट बना रहे और इनफार्मेशन अच्छी हो।
tumblr.com 
Tumblr पर ब्लॉग बनाने के लिए आप tumblr .com  पर जा सकते है। इस वेबसाइट की खास बात ये है कि इसके साथ fliker, youtube और पॉडकास्ट जैसी सेवाओ को आसानी से जोड़ा जा सकता है। tumblr ब्लॉग पब्लिशिंग को बहुत ही आसान बनाता है। इस वेबसाइट पर RSS Feeds के जरिये पोस्ट की जाती है। 
WordPress.com 
यदि आप फ्री ब्लॉगिंग करना चाहते है तो Wordpress एक बहुत ही अच्छा ऑप्शन है। यहाँ पर आपको ब्लॉग और वेबसाइट दोनों की सुविधा आसानी से  मिल जाएगी। इसमें ब्लॉग बनाने से पहले आपको अपनी language चुननी होती है। यहाँ आप हिंदी , मराठी जैसी भाषाओ में ब्लॉग बना सकते है। 
medium.com 
सामान्यतः एक टॉपिक से सम्बंधित पोस्ट केवल एक ही जगह दिखाई देता है। इसमें ब्लॉग पोस्ट को bookmark करने की सुविधा मौजूद है ताकि बाद में उसे देखा जा सके।

भारत की सबसे लम्बी सड़क सुरंग ( India's Longest Road Tunnel)

वैसे तो दुनिया भर में अनेको रोड टनल है जो विश्व प्रसिद्ध  है। इन टनल में से एक टनल का निर्माण हाल ही में भारत हुआ है भारत की सबसे लम्बी सड़क टनल का निर्माण जम्मू कश्मीर राज्य  के उधमपुर जनपद में  जम्मू  श्रीनगर  राष्ट्रीय राजमार्ग किया गया है उधमपुर की चेनानी टनल जिसकी लम्बाई 9.2 किलोमीटर है का निर्माण कार्य 23 मई २०११ में प्रारम्भ हुआ और इस टनल का परिक्षण 15 मार्च २०१७  को सफलतापूर्वक कर लिया गया है। जिसका उद्घाटन भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा 2 अप्रैल २०१७ को किया गया। ये दोहरी  सुरंग 286 किलोमीटर लम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी है जिसे बनाने में 3720 करोड़ रुपये का खर्च आया है। ये सुरंग समुन्द्र तल से लगभग 1200 मीटर की उचाई पर बनी है और ये हिमालय पर्वत श्रंखला की निचली श्रेणी में स्थित है। ये सुरंग भारत की पहली ऐसी सुरंग है जो विश्व स्तर जो की एकीकृत सुरंग नियन्त्रक प्रणाली से परिपूर्ण है। इस टनल में हवा के प्रवाह , अग्नि नियंत्रण , सिग्नल , संचार और इलेक्ट्रोनिक प्रणाली स्वचालित (आटोमेटिक) तरीके से कम करेगी। इसके बनने से जम्मू और कश्मीर की दोनों राजधानियों के बीच की यात्रा लगभग 2:30 घन्टे कम हो जायेगी। इस टनल के बनने के बाद चेनानी और नशरी के बीच की दुरी 41 किलोमीटर से घटकर 10.9 किलोमीटर रह जायेगी। इस सुरंग का परिचालन इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फिनेंशियल सर्विसेज (IL and FS) कम्पनी के द्वारा किया जा रहा है। जिसके निर्देशक जे0 एस0 राठोर है। सुरंग बनने से राष्ट्रीय राजमार्ग 1A पर पटीनी टॉप पर हिमपात के कारण लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी। इस रोड टनल की सुरक्षा के लिए एक आपरेशन रूम बनाया गया है। इस सुरंग में 75 मीटर की दुरी पर 124 CCTV कैमरों को लगाया गया है। इस सुरंग में ऐसे कैमरे भी लगे जो 360 डिग्री तक घूम सकते है। इन कैमरों के साथ ऑटोमैटिक इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम लगाया गया है। जिसकी सहयता से हर एक गाड़ी की मूवमेंट पर आसानी से नजर रखी जा सकती है। इसके अन्दर एक खास प्रकार की FM फ्रीक्वेंसी पर गाने भी सुने जा सकते है और इस फिर्क्वेंसी के द्वारा ही आपातकाल की  इनफार्मेशन टनल के अन्दर दी जा सकती है। इसलिए इस टनल में एंटर करने से पहले उस FM फ्रीक्वेंसी को सेट कर लेना चाहिए। इस सुरंग में प्रति 300 मीटर पर एक SOS काल बॉक्स और अग्निरोधक प्रणाली लगायी गयी है