नकली नोट मिलने पर क्या करना चाहिए- (What To Do When You Get Fake Currency)

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नकली नोट रखना गैर क़ानूनी होता है। लेकिन कई बार आपके पास अनजाने में नकली नोट आ जाते है। कई बार ऐसा होता है की आप बैंक में पैसे जमा करने जाये तो पता चलता है की उसमे एक दो नोट नकली है। बस अब क्या है आप एकदम घबरा जाते है कि आपके खिलाफ कोई क़ानूनी कार्यवाही न हो जाये लेकिन ऐसे में आपको ज्यादा घबराने की जरुरत नहीं है। रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के डिप्टी गवर्नर एच आर खान के मुताबिक , अगर किसी के पास 5 तक नकली नोट मिलते है तो उसके लिए F.I.R. दर्ज करने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। इसके लिए ग्राहक या फिर बैंक को हर जिले में स्थित एक अनुसूचित थाने में सूचना भर देना काफी होता है। उन्होंने कहाँ की पुलिस के डर से बड़ी संख्या में लोग नकली नोट मिलने के बाद भी सामने नहीं आते है। इसी के चलते भारतीय रिज़र्व बैंक ने ये कदम उठाया है। कई बार लोगो के साथ ऐसा होता है कि जब वे बैंक के A.T.M. में जाते है तो उन्हें जाली या कटे फाटे नोट मिलते है ये नोट ग्राहक के लिए समस्या बन जाते है ऐसे में बैंक उन्हें लेने से इनकार कर देता है लेकिन अब इस समस्या का हल निकल आया है। अब इस तरह के नोटो के लिए A.T.M. सम्बंधित बैंक ही जिम्मेदार होगा साइबर सोसाइटी के सयुक्त सचिव एस० एन० रामचन्द्रन ने कहाँ की अब बैंको को ये जिम्मेदारी लेनी होगी। A.T.M. से निलके जाली नोटो के लिये वह बैंक ही जिम्मेदार है और ग्राहक को इसकी शिकायत तुरन्त बैंक को कर देनी चाहिए।

भारतीय रिज़र्व बैंक के बारे में रोचक तथ्य - (About Reserve Bank of India)

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भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना  1 अप्रैल 1935 को Reserve Bank of India Act . 1934 से तहत की गयी थी। 
स्थापना के समय रिज़र्व बैंक का कार्यालय कलकत्ता में था लेकिन 1937 में यह मुम्बई में कर दिया गया। प्रारम्भ में रिज़र्वे बैंक एक प्राइवेट बैंक था। जिसे सन 1949 में राष्ट्रीयकरण होने के बाद यह सरकारी स्वामित्व में आ गया। आज रिज़र्वे बैंक भारत सरकार का बैंक है। 
 Reserve Bank of India हमारे देश का Central Bank है। Reserve Bank का सबसे प्रमुख कार्य नोट निर्गमन (Issuing of Notes) है। इसके अतिरिक्त Reserve Bank सभी बैंको के बैंक की तरह कार्य करता है। देश में मौद्रिक स्थिति (Monetary Stability) बनाये रखने हेतु आवश्यक कदम उठता है। देश की आर्थिक स्थिति पर नजर एवं नियन्त्रण रखना भी रिज़र्व बैंक का कार्य है। 
भारतीय रिज़र्व बैंक के पहले गवर्नर Sir Osborne Smith थे। ये बहुत ही अनुभवी बैंकर थे। लेकिन Exchange Rate और Rate of Interest के मुद्दों पर उनकी सहमति न बन पाने के कारण उन्हें अपना समय पूरा होने से पहले ही त्याग पत्र देना पड़ा था।  वे 1 -4 -1935 से 30 -06 -1937 तक रिज़र्वे बैंक के गवर्नर रहे। भारतीय रिज़र्व बैंक के मोनिटरज़ेशन के समय भारतीय रिज़र्वे बैंक के गवर्नर सीडी देशमुख थे। बाद में ये भारत के वित्त मन्त्री बन गए। 
भारतीय रिज़र्वे बैंक के कार्य:-
१. भारतीय रिज़र्वे बैंक द्वारा जारी नोटों के निर्गमन का नियमन तथा मौद्रिक स्थिति बनाये रखने हेतु आवश्यक रिज़र्व रखता है। 
२. देश के आर्थिक स्थिति बनाये रखने हेतु रिज़र्व बैंक के द्वारा आवश्यक निर्णय लिए जाते है। 
३. भारतीय रिज़र्व बैंक सभी बैंको पर भारत सरकार के बैंकर्स के तरह कार्य करते हुए , सार्वजनिक ऋण, Foreign Exchange का नियमन के कार्य करता है। 
४. भारतीय रिज़र्व बैंक आर्थिक स्थिति बनाये रखने हेतु Inflation को नियन्त्रित करने हेतु सभहि बैंको पर Cradit Policy एवं अन्य परिपत्रो द्वारा नियन्त्रण रखता है। 
५. भारतीय रिज़र्व बैंक सभी बैंको का बैंक है एवं इसे Tender of the last resort भी कहाँ जाता है।

टेलीविज़न के आविष्कारक - जॉन लॉगी बेयर्ड (Father of Television John Logie Baird)

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जान लॉगी बेयर्ड  जन्म ब्रिटेन में ग्लास्गो कके समीप हेलन्सबर्ग में हुआ था। इनके पिता शिक्षित पादरी थे। बेयर्ड को फोटोग्राफी में बहुत रूचि थी। अपनी शिक्षा पूरी करने  के बाद ख़राब सेहत के चलते उन्होंने अपने एक दोस्त के पास जाने का फैसला किया। अपने द्वारा बनायीं गयी चीजो की साथ वो रवाना हो गए। अपनी यात्रा के दौरान रेडियो केबिन के ऑपरेटर से उनकी अच्छी दोस्ती हो गयी। उन्होंने विचार बना लिया की क्यों न बिजली की मदत से हवा  के माध्यम से तस्वीर भेजी जाये। बेयर्ड सन 1922 में लन्दन लौटे। रोजी थी नहीं और पैसा काम था। इसके बावजूद उन्होंने टेलेविज़न के अविष्कार की रुपरेखा बनाली और काम में जुट गये। उन्होंने चाय , बिस्कुट, और टोप रखने के पुराने डिब्बे खरीदे , कबाड़िये से बिजली की पुरानी मोटर ली और प्रोजेक्शन लेम्प , सिलेनियम सेल , नियॉन लैम्प एवं रेडियो वाल्व आदि टूटे फूटे उपकरणों की मदत से टेलीविज़न ट्रांसमीटर और रिसीवर बनाने में जुट गए। उन्हें पहली सफलता सन 1924 की वसंत में मिली , जब वे एक छाया को तीन गज तक प्रसारित करने में सफल रहे। आगे के प्रयोग के लिए पैसे न होने से उन्होंने अखबारों में इस्तिहार छपवाये तो कुछ धन की आमद हुई। लन्दन में धनाड्य व्यवसायी गार्डन सेलफ्रिज के बेटे ने भी मदत की बात की। बेयर्ड ने प्रसारण का प्राथमिक प्रदर्शन सेलफ्रिज की दुकान में ही किया। 2 अकटूबर 1925 को बेयर्ड रोमांचित हो उठे।  उन्होंने अपने यन्त्र में प्रकाश को विद्युत किरणों में बदलने का उपकरण लगाकर स्विच न किया तो पाया की दृश्य हूबहू उभर आया है। चेहरे पर सफल प्रसारण के बाद उन्होंने सन 1926 में लन्दन में रॉयल इंस्टिट्यूशन में चलते फिरते टेलीविज़न के चित्रो के प्रेषण का प्रदर्शन किया। 1928 में उन्होंने एक कदम आगे बढकर रंगीन टेलीविज़न के बनाने का प्रयोग आरम्भ किए। और 1929 में जर्मन पोस्ट ऑफिस में टीवी सेवा के लिए अपनी सेवाएं प्रदान की।  कालान्तर में मारकोनी ने बेयर्ड को पीछे छोड़ दिया। आर्थिक तंगी के शिकार और बीमार होने के बाद बेयर्ड ने 57 वर्ष की उम्र में ससेक्स में दम तोड़ दिया। वे अपने जिंदगी के आखरी पालो तक रंगीन टेलीविज़न के प्रयोग में लगे रहे। उनके अविष्कार का ही परिणाम है की आज पूरी दुनिया में  टेलीविज़न एक जरुरत न गया है। 

कम्प्यूटर माउस के प्रकार (Types of Computer Mouse)

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वर्तमान में माउस के बिना कम्प्यूटर पर वर्क करना बहुत ही कठिन काम है आज माउस कंप्यूटर का एक अति इम्पोर्टेन्ट पार्ट बन गया है। आज बाजार में विभिन प्रकार के माउस उपलब्ध है। यहाँ हम आपको माउस के विभिन्न प्रकारो के बारे में बतायेगे। 
1. सामान्य माउस:-
इन माउस का सबसे ज्यादा प्रयोग होता है। इन माउस  केबल होती है जिसकी सहायता से ये कम्प्यूटर से जुड़े होते है। ये वे माउस है जिन्हें सामान्यतः कम्प्यूटर के साथ देखते है।

2. वायरलेस माउस:-
ज्यादातर कम्प्यूटर माउस कम्प्यूटर जुड़ने के लिए रेडियो फ्रेकवेंसी प्रयोग करते है। इन माउस में एक ट्रांसमीटर और एक रिसीवर लगा होता है। ट्रांसमीटर आपके हाव भाव को पहचानकर सिग्नल के द्वारा कम्प्यूटर तक सिग्नल भजता है और जो रिसीवर कम्प्यूटर से जुड़ा होता है। उस सिग्नल को पकड़ता है और उस सिग्नल को कम्प्यूटर की लेंगुएज में बदलकर आपके माउस ड्राइवर तक भजता है जिसके आधार पर कम्प्यूटर डेस्कटॉप पर माउस काम करता है। 
3. ब्लूटूथ माउस :-
ब्लूटूथ माउस भी रेडियो फ्रीक्वेंसी पर वर्क करते है। ब्लूटूथ तकनीक के द्वारा आप केवल माउस को ही नहीं बल्कि प्रिंटर, हेडसेट, कीबोर्ड आदि यंत्रो को भी कम्प्यूटर से आसानी से जोड़ सकते है। इसके लिए आपके कम्प्यूटर ब्लूटूथ अडॉप्टर का होना आवश्यक है। ताकि कम्प्यूटर में ब्लूटूथ चल सके और वो ब्लूटूथ के सिग्नल को रिसीव कर सकते। ब्लूटूथ माउस की रेंज लगभग 10 मीटर तक होती है। 
4. RF माउस:-
इसके माउस के लिए एक रिसीवर को USB की तरह अपने कम्प्यूटर में लगाना होता है ये सिर्फ आपके उस कम्प्यूटर माउस के ही सिग्नल को लेगा जिसको आपने कम्प्यूटर के साथ कनेक्ट किया है। ये माउस 30 फीट तक की दुरी तक वर्क कर सकते है। 
5. बायोमैट्रिक माउस:-
ये माउस एडवांस माउस होते है इन माउस को सुरक्षा की दृष्टि को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। ये टेक्नोलॉजी बस उस माउस को वर्क करने किए अनुमति देता है। जिस माउस को आपके कंप्यूटर में मान्यता प्राप्त हो। इसमें आपके फिंगर प्रिंट को भी सिग्नल के रूप में लिया जाता है। ताकि आपके माउस  को आपके  अलावा को और न प्रयोग कर सके। इस माउस को इस्तेमाल करने के लिए आपको अपने कंप्यूटर में एक सॉफ्टवेयर इनस्टॉल करना होता है जो कि आपको इस माउस को खरीदते समय माउस के साथ मिलेगा। आपको इस सॉफ्टवेयर को install करके अपने फिंगर प्रिन्ट को रजिस्टर करके स्टोर करे।और आपने माउस को आसानी से इस्तेमाल कर सकते है।

पेन ड्राइव को कम्प्यूटर पासवर्ड की तरह प्रयोग करे - Use Your Pen Drive As A Password

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यदि आप अपने कम्प्यूटर सिस्टम को सिक्योर करना कहते है और आप ये चाहते है की आपके कम्प्यूटर सिस्टम पर आपके अलावा को अन्य वर्क न करे। तो इसके लिए अनेक तरीके प्रयोग में लाये जाते है। जैसे कम्प्यूटर पर पासवर्ड का प्रयोग करना आदि। क्या आपको पता है की आप अपनी पेन ड्राइव को भी कंप्यूटर पासवर्ड की तरह प्रयोग कर सकते है। अगर नहीं तो आज मैं आपको ऐसे ही कुछ तरीको को बताने जा रहा हूँ जिनके प्रयोग से आप अपने सिस्टम को सिक्योर कर सकते है। 
USB Pen Drive से आपने कम्प्यूटर सिस्टम को सिक्योर करने  के लिये आप दो तरीको का प्रयोग कर सकते है। 
1. प्रीडेटर सॉफ्टवेयर:
इस सॉफ्टवेयर की सहायता से आप अपनी पेन ड्राइव को एक Key को तरह प्रयोग करके अपने कम्प्यूटर को लॉक कर सकते है। ज्यादातर लोग सीधा लॉगिन का प्रयोग करते है। कुछ लोग पासवर्ड का प्रयोग करते है। लेकिन आज के समय में टेक सेवी लोग प्रीडेटर का प्रयोग कर रहे है। इसे आप www.predator-usb.com से जाकर या https://www.predator-usb.com/predator/en/index.php?n=Main.DownloadHome लिंक पर क्लिक करके डाउनलोड कर सकते है। और installation के बाद आप इसे Start Menu > All Program > Predator से लॉन्च कर सकते है। एक डायलॉग बॉक्स के द्वारा आपसे पासवर्ड एन्टर करने के लिए तथा USB फ्लैश ड्राइव तैयार करने के लिए कहाँ जायेगा। अब आपको अपनी पेन ड्राइव को लगाकर OK करे। ध्यान दे कि मौजूदा कंटेन्ट्स को इस ड्राइव में बदला नहीं जायेगा। Preferences Window में New Password फील्ड में अपनी पसन्द का पासवर्ड इनपुट करे।  इस पासवर्ड का प्रयोग USB Drive के खो जाने की स्थिति में सेशन को अनलॉक करने के लिये किया जायेगा। पासवर्ड केस सेन्सिटिव है और आपको कम से कम 6 लेटर्स, फिगर्स  या साइन्स का प्रयोग करना होगा। अब क्रिएट बटन पर क्लिक करके ओके करे। इस प्रकार आप अपने सिस्टम को प्रोटेक्ट कर सकते है। आप आपका कंप्यूटर आपके द्वारा तैयार की गयी पेन ड्राइव के प्रयोग से ही ओपन होगा। 
2. सिसकी:-
कम्प्यूटर विंडोज में इनबिल्ट सिस्टम यूटिलिटी Syskey भी दी गयी होती है।  यह आपको अपनी पेन ड्राइव को सामान्य टेक्स्ट आधारित पासवर्ड की बजाय एक्सेस डिवाइस की तरह प्रयोग करने में सहायता करती है। इसे करने के लिए पहला स्टेप इसे Removable Disc की तरह A: Drive लेटर असाइन करना है। ये लेटर सामान्यतः फ्लॉपी ड्राइव के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके बाद Window Key प्रेस कर Syskey टाइप करे और Enter करे। अब फ्लॉपी डिस्क पर अपडेट स्टोर की पर क्लिक करे।  और ओके पर क्लिक करे। इसके बाद आपकी पेन ड्राइव पर Statkey.key नामक फाइल क्रिएट हो जायेगी। अब आपका कम्प्यूटर बिना इस  पेन ड्राइव के लगाए बूट नहीं करेगा। 

पेन ड्राइव - (About Pen Drive)

पेन ड्राइव के बारे में सभी जानते है। सन 2000 में IBM और ट्रेक के द्वारा बनायी गयी थम्ब ड्राइव बहुत ही फेमस हुई थी। ये एक बहुत ही अदभुत गैजेट था। इस थम्ब ड्राइव के आ जाने के बाद 1970 के प्रचलित फ्लॉपी ड्राइव  प्रचलन से बाहर हो गयी थी। अब फ्लॉपी की जगह थम्ब ड्राइव ने ले ली थी। दुनिया की पहली थम्ब ड्राइव 8 mb स्टोरेज से आरम्भ हुई थी।जो IBM कम्पनी के द्वारा बनायी गयी थी। लेकिन आज 4 GB, 8 GB, 16 GB, 32 GB और 512 GB में भी पेन ड्राइव उपलब्ध है। इन पेन ड्राइव की बनावट और स्टोरेज के कारण इनके अधिक उपयोग के रस्ते खुल गये है। 

बड़ी विडियो फाइल को छोटे साइज में कैसे कनवर्ट करे - How To Compress Video Files on PC

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आज के समय में डाटा की बढ़ती लिमिट को देखते हुए उसे स्टोर करने की समस्या सामने आने लगी है। जिसके लिए अधिक स्पेस की जरुरत महसूस होने लगी है। और अधिक स्पेस की हार्ड डिस्क का इस्तेमाल होने लगा है। बड़ी फाइल्स को यदि कंप्यूटर में स्टोर करके रखा जाये तो वो हार्ड डिस्क में अधिक स्पेस घेरती है। स्पेस की समस्या की कम करने के लिए इन फाइल्स कम्प्रेस करके रखना सबसे अच्छा तरीका है। इससे बड़े साइज की फाइल्स को छोटे साइज में कम्प्रेस किया जा सकता है। साथ ही इन फाइल्स को आसानी से ट्रान्सफर भी किया जा सकता है। यदि आप अपनी बड़े साइज की फाइल को कॉम्प्रेस करना चाहते है तो इसके लिए आपको WINRAR सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होगी। 
फाइल को कम्प्रेस कैसे करे:
आपको जिस फाइल फाइल या फोल्डर को कम्प्रेस करना है उस फोल्डर या फाइल पर माउस के राईट क्लिक करे और Add to Archive को सेलेक्ट कर ले ऐसा करने से आपके सामने एण्ड विण्डो ओपन हो जाएगी।  इस विण्डो में कॉम्प्रेस से सम्बंधित  कई सारे ऑप्शन आयेगे जहाँ Compression Method में अगर आप Normal Mode के बजाये Best Mode चुनेगे तो आपकी फाइल ज्यादा कॉम्प्रेस्ड हो जायेगी यानी बहुत कम साइज की हो जायेगी और अगर केवल स्टोर को चुनेगे तो केवल Zip में बदल जायेगी। 
अपनी फाइल या फोल्डर को पासवर्ड से सुरक्षा पासवर्ड सिक्योरिटी देने के लिए जब आप Add to Archive करे तब खुली हुई विण्डो  Set Password पर क्लिक करे और पासवर्ड लगाये तो यहाँ Encrypt File Names पर टिक अवश्य लगाइये इससे क्या होगा कि आपकी RAR के अन्दर क्या है। यह बिना पासवर्ड डाले कोई नहीं देख पायेगा। यदि आपमें Encrypt file Names पर टिक नहीं लगाया है तो फाइल धुलेगी तो नहीं पर ये पता लगाया जा सकता है या देखा जा सकता है। कि आपने कोनसी फाइल  कम्प्रेस किया है। 
अपनी कम्प्रेस फाइल को कैसे खोले :-
कम्प्रेस की गयी फाइल पर राईट क्लिक कीजिये और Extract Home या Extract to file name पर क्लिक कीजिये। इन दोनों ऑप्शन किए अलग अलग काम है। अगर आप Extract Here पर क्लिक करते है। तो कम्प्रेस्ड फाइल के अन्दर की  सभी फाइल्स वही Extract हो जायेगी और अगर आप Extract to File Name पर क्लिक करते है। तो एक फोल्डर में आपकी सारी फाइल Extract हो जाती है।

वीर विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) - Veer Savarkar

 देश भगत वीर सावरकर स्वतन्त्रता संग्राम के अमर सेनानी विनायक दामोदर सावरकर का जन्म 28 मई 1883 को ग्राम भगूर जिला नासिक महाराष्ट्र में हुआ था। इनकी पिता श्री दामोदर सावरकर बड़े देशभगत, विद्याप्रेमी , सुसंस्कृत एवं प्रतिष्ठित व्यक्ति थे। इनकी माता श्रीमति राधाबाई बहुत विनम्र , परोपकारी  और धर्मनिष्ठ महिला थी। रामायण , महाभारत और केसरी साप्ताहिक समाचार पत्र का वचन अनुवचन उनके आंगन में प्रतिदिन आयोजित होता था। जिसमे गांव के ज्यादातर लोग सम्मिलित होते थे जिसके फलस्वरूप विनायक और उनके भाई गणेश सावरकर के मन में राष्ट्रीयता के एक अमिट छाप अंकित हो गयी थी। 
मेट्रिक के परिक्षा पास करके सावरकर ने 1902 में फगुर्सन कॉलेज पूना में प्रवेश लिया। अंग्रेजो के द्वारा बंगाल के विभाजन से देशभर में क्रोध के लहर दौड़ गयी। कॉलेज के सभी विद्याथियो ने भी विरोध में विनायक के साथ समस्त विदेशी वस्तुओ के बहिष्कार की प्रतिज्ञा करते हुए 7 अकटूबर 1905 की मध्यरात्रि को विशाल जनसमूह के समक्ष विदेश वस्तुओ की होली जलाई।  जिसके परिणाम स्वरूप सावरकर को उनके छात्रावास से बाहर निकल दिया गया और उन्हें आर्थिक अर्थदण्ड भी दिया गया। 
अच्छे वक़्ता , प्रतिभाशाली कवि और सिद्धहस्थ लेखक के रूप में सुविख्यात वीर सावरकर जी स्नातक पूर्ण करके कानून के पढ़ाई के लिए मुम्बई पहुँचे। वहाँ उन्होंने "अभिनव भारती" नमक क्रन्तिकारी नवयुवको की संस्था गठित की। 19 जून 1906 को लन्दन जाकर वहाँ स्वदेशाभिमानी भारतीयों के साथ मिलकर "स्वतंत्र भारत समाज" की स्थापना की तथा चुनिंदा लोगो को "अभिनव भारती" का सदस्य भी बनाया गया। 
इंग्लैंड के समाचार पत्रो में वे भारत की परिस्थिति को उजागर करने वाले लेख लिखते थे। "1857 का स्वतंत्रता संग्राम"  नामक तेजस्वी ग्रन्थ भी लिखे , जिन्हें अंग्रेज सरकार ने राष्ट्रीय विरोध कहकर जब्त कर लिया। लन्दन में ही 10 मई 1908 को "स्वतंत्र भारत समाज" की और से सन 1857 की क्रांति का पचासवाँ स्मृति दिवस आयोजित करके देशभगत वीरो के संकल्पो को पूरा करनी की सपथ लेकर ध्वज फहराया गया। भारतीय क्रांति के सूत्रधार के रूप में सावरकर को गिरफ़्तार करने के लिए अंग्रजो ने बहुत प्रयास करने जारी कर दिए। वीर सावरकर के भाई गणेश सावरकर को कालापानी की सजा देकर अण्डमान भेज किया गया। 
30 जनवरी 1911 को विनायक सावरकर को दोहरे कालापानी की सजा अर्थात अण्डमान को जेल की काल कोठरियों में 50 वर्ष की सजा सुनाई गई।  उस समय उनकी उम्र मात्र 28 वर्ष की थी।  दिन भर कठोर श्रम व रात्रि में कोयले से कोठरी की दीवार पर शहीदों के काव्यात्मक आलेख लिखकर उनको वे तत्काल कंठस्थ कर लेते थे। 
16 जनवरी 1924 को वीर सावरकर को इस सशर्त कारगर से मुक्त कर दिया गया। 10 मई 1937 को उनकी  शर्तबद्धता समाप्त हो गयी।  स्वतंत्रता प्राप्ति के अथक प्रयासों के बाद 15 अगस्त 1947 को मध्यरात्रि को भारत स्वतन्त्र हुआ और 26 जनवरी 1966 को 83 वर्ष की  उम्र में देशभगत विनायक दामोदर सावरकर गॉलोसवासी हो गए।  उनके देश के प्रति किये गए योगदान को पूरा देश भुला नहीं पाया है। ये एक ऐसे वीर थे जिन्होंने अपना सारा जीवन देश को समर्पित कर दिया।

गुरुत्वाकर्षण के सिद्धान्त के प्रतिपादक - आइजक न्यूटन (Isaac Newton Biography)

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आइजक न्यूटन को भौतिकी के जन्मदाता के रूप में जाना  जाता है। विश्व के महान वैज्ञानिक आइजक न्यूटन गुरुत्वाकर्षण के सिद्धान्त का प्रतिपादन किया , इन्होंने गति के तीनो नियमो का पता लगाया , तरंगो की गति का पता लगाया , इन्होंने कैल्कुलस का अविष्कार किया और गणित सम्बंधित अनेको खोज की। भौतकी के जन्मदाता न्यूटन का जन्म इंग्लेंड में लिंकन शायर के वूल्स्थोर्पे नमक गांव में  हुआ था। उसी वर्ष महान वैज्ञानिक गेलेलियो की म्रत्यु हुई थी। क्रिसमस के दिन जन्मे आइजक के बचपन की उमीदे कम थी।  इनकी माँ विधवा थी। जिन्होंने दोबारा से शादी कर ली थी। और आइजक न्यूटन को उनकी दादी के यहाँ भेज किया। जहा आइजक  दिन रात पढता रहा। वो किभी चक्की तो कभी घड़ियों के मॉडल बनाता , चित्रो की नकले करता और फूल फल और जड़ीबूटियां एकत्र करता था। जो वो 14 वर्ष का हुआ तो वो अपनी माँ के पास आ गया। क्योंकि उनकी माँ फिरसे विधवा हो गयी थी। अपनी माँ के पास खेती बड़ी में आइजक का मन नहीं लगा। 18 वर्ष  उम्र में उसे केम्ब्रिज विश्विद्यालय के ट्रिनिटी कॉलेज में भर्ती करा दिया गया। वहां से उन्होंने 1865 में B.A. की उपाधी प्राप्त की। एक गणित के अध्यापक बैरो ने उनकी प्रतिभा की पहचाना , और प्रोत्साहित किया और अपना उत्तराधिकारी कैम्ब्रिज में उन्हें गणित का प्रोफेसर बना दिया। बगीचे में पेड़ से गिरे सेब को देखकर उन्होंने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धान्त के प्रतिपादन किया कि पृथ्वी सभी वस्तुओ को अपने केंद्र की और खिंचती है। उन्होंने गुरुत्वाकर्षण के ब्रह्माण्डव्यापी नियम भी बताया कि ब्रह्माण्ड के सभी पिण्ड पारस्परिक आकर्षण के कारण अंतरिक्ष में लटके हुए है। उन्होंने बताया की हर वस्तु दूसरी वस्तु को आकर्षण बल से खिंचती है। न्यूटन ने गणित  कैलकुलस की नीव डाली। उन्होंने गणित के तीनो नियमो की खोज की और उन्होंने बताया की हर भौतिक क्रिया की विपरीत प्रतिक्रिया  है। न्यूटन ने सबसे भले प्रिज्म के जरिये पता लगाया कि सफ़ेद रंग सात रंगों से मिलकर बना होता है। उन्होंने प्रकाश सम्बन्धी सिद्धान्त "ऑप्टिकल" और अन्य सभी "प्रिसिपिया"में प्रकाशित है। सर न्यूटन को बतौर विश्विद्यालय प्रतिनिध पार्लियामेंट के लिए चुना गया। अपने अंतिम समय में वे खगोलीय पिण्डों पर बहुत महवपूर्ण काम कर रहे थे। 85 वर्ष की आयु में उनकी मृत्यु हो गयी। इनके महान खोजो का पूरा विश्व हमेशा आभारी रहेगा। इनके योगदान की वजह से आज अनेको खोजे संभव हो पायी है।
 

अल्बर्ट आइंस्टीन - Albert Einstein Biography in Hindi

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नोबेल पुरस्कार विजेता अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म जर्मनी के उल्म में एक यहूदी परिवार में हुआ था। 1905 में उन्होंने ज्यूरिख विश्विद्यालय से P.Hd की उपाधि हासिल की और भौतिक सम्बंधित अपने अनुसंधानों पर अन्तराष्ट्रीय सोध पत्रिका में अपने 5 सोध छपवाये जिससे उन्हें बहुत प्रसिद्धि मिली। 40 साल बाद एटम बम का अविष्कार हो सका। उनका पहला पत्र फोटोइलेक्ट्रोनिक इफ़ेक्ट पर आधारित था और दूसरा ब्राउनियन गति पर आधारित था। तीसरे पत्र में उन्होंने सापेक्षता का सिद्धान्त प्रस्तुत किया। चौथे पत्र में उन्होंने द्रव्यमान और ऊर्जा की समतुल्यता का क्रन्तिकारी विचार प्रस्तुत किया था। और अंतिम पत्र में उन्होंने प्रकाश के संचरण का फोटोन सिद्धान्त प्रस्तुत किया। उनकी मूल स्थापनायें थी प्रकाश की गति हर हल में अपरिवर्तनीय है द्रव्यमान, दुरी , और समय जैसी भौतिक रशिया बदलती रहती है। और द्रव्य को ऊर्जा में तथा ऊर्जा की द्रव्य में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा की थोड़े से द्रव्य से अधिक ऊर्जा का विसर्जन होगा जिसका उपयोग मानव सृजन में या संहार में किया जा सकता है। उनके फॉर्मूले के मुताबित पदार्थ से उनके द्रव्यमान को प्रकाश की गति के वर्ग से गणित फल के बराबर ऊर्जा प्राप्त होगी। यानी एक टन पदार्थ से 70 लाख टन डायनामाइट  दहन की ऊर्जा। 1933 में जर्मनी पर हिटलर के काबिज होने के बाद वे अमेरिका चले गए। 1939 में उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रीपति रूजवेल्ट को पत्र लिखा , जसमे अमेरिकी परमाणु बम का रास्ता खोल दिया। लेकिन हिरोशिमा और नागासाकी हादसे से वे बहुत दुखी हुए। इजराइल का राष्ट्रपति बनने का ऑफर उन्होंने ठुकरा दिया। 1950 में उनका  यूनिफार्म फिल्ड का सिद्धान्त प्रकाशित हुआ। इसमें उन्होंने गुरत्वाकर्षण और विद्युत चुम्बकीय खोजो को सूत्रों में पिरो दिया। 76 वर्ष की आयु में उनकी मृत्य हो गयी। लेकिन  अमूल्य योगदान को पूरा विश्व भुला नहीं पाया। उनके परमाणु ऊर्जा सम्बंधी सोध के प्रणेता इस महानतम वैज्ञानिक का मस्तिष्क भावी पीढियो के लिए प्रिस्टन अमेरिका में सुरक्षित रखा गया है। 

टेलीफोन के जन्मदाता अलेक्जेंडर ग्राहम बेल - Father of Telephone

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टेलीफोन के जन्मदाता अलेक्जेंडर ग्राहम बेल का जन्म स्काटलैंड के एडिनबरा में हुआ था। और इनका पालन पोषण अमेरिका के मैसासुचेस्ट में बोस्टन में हुआ था। अपने जीवन में वे ऐसे यंत्र को बनाने में जुटे रहते थे जिससे भरे बच्चो को सुनने में मदत मिल सके। इन सब इसके साथ साथ वे टेलीग्राफ के सुधार में भी जुटे रहते थे। इन दोनों कामो के मिले जुले रूप से ही उन्हें टेलीफोन जैसे यन्त्र की खोज करने में कामयाबी मिली। एक बार ग्रहमबेल बेतार के तार यन्त्र के कारखाने में गए जहाँ उनकी मुलाकात इलेक्ट्रीक इंजीनयर थामस वाटसन से हुई।  जल्द ही दोनों की अच्छी दोस्ती हो गयी। ग्रहमबेल यंत्रो के नक्शे बनाते और वाटसन मॉडल बनाते थे। 2 जून 1875 बात है कि ग्रहमबेल वाटसन के साथ टेलीग्राफ सम्बंधित प्रयोग कर रहे थे। तार से कई सन्देश भेजने की धुन में उन्होंने सोचा की क्यों न ध्वनि सन्देश भेजा जाये। टेलीग्राफ के रिसीवर पर एक कमरे में ग्रहमबेल थे और दूसरे कमरे में वाटसन थे। सामान्य सन्देश के साथ वाटसन ने ऊँगली मरकर ध्वनि पैदा की तो वो ध्वनि ग्रहमबेल तक पहुँची। ख़ुशी से बदहवास होकर ग्रहमबेल भागते हुए वाटसन के कमरे में पहुँचे और जोर से चिल्लाकर बोले मेने तुम्हारी ऊँगली की आवाज सुनी है। इसके बाद उन्होंने कुछ और प्रयोग किया और एक ऐसा यन्त्र बनाने  में कामयाब हुए जिससे दुरी पर बैठे दो लोग आपस में एक दूसरे की आवाज सुन सकते थे। इस यन्त्र ग्रैहम बेल ने जो शब्द सबसे पहले बोले थे वो थे "वाटसन! वाटसन यहाँ आओ मुझे तुम्हारी जरुरत है।"  सन 1876 में ग्रहमबेल ने टेलीफोन बनाने का पेटेन्ट प्राप्त कर लिया और उसके अगले ही साल ग्रैहम बेल ने टेलीफोन कंपनी की नीव डाल दी। 75 वर्ष की आयु में जब उनकी मृत्य हुई तो सारे अमेरिका में उनको श्रद्धांजलि देने के लिए टेलीफोन एक मिनट के लिए बन्द रहे।

भारत के वन्य जीव अभ्यारण्य और राष्ट्रीय उद्यान (Indian National Park and Forest Conservation Act) )

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भारत के वन्य जीव अभ्यारण्य और राष्ट्रीय उद्यानों के बारे में  तो सभी जानते है। लेकिन आप मैं आपको इनके बारे में कुछ रोचक तथ्य बताने जा रहा हूँ। भारतीय वन्य जीव बोर्ड की स्थापना सन 1952 में की गयी थी। इस बोर्ड का अध्यक्ष प्रधान मन्त्री होता है। 1991 में वन्य जीव बोर्ड का पुनर्गठन किया गया। भारत में अब तक कुल 89 राष्ट्रीय उद्यान और 489 वन्य जीव अभ्यारण है। इन दोनों की कुल संख्या 578 है। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान नई दिल्ली की स्थापना सन 1972 में हुई थी। वन्य जीव प्रशिक्षण संसथान का मुख्यालय देहरादून में स्थित है। "विश्व वन्य जीव कोष" का नाम बदलकर अब "प्रकृति के लिये विश्वव्यापक कोष" कर दिया गया है। 
प्रतिवर्ष बाघो की गिनती बाघ रिजर्वो के प्रशिक्षति अधिकारियो, अधीनस्थ फोरेस्ट रिन्जर्स, फोरेस्ट गार्ड , फोरेस्टर के द्वारा की जाती है। भारत में प्रोजेक्ट टाइगर योजना 1 अप्रैल 1973 के आरम्भ की गयी। अब तक भारत में प्रोजेक्ट टाइगर के लिए 27 अभ्यारण्यों को चुना गया है।  
वन संरक्षण अधिनियम 1980 (FOREST CONSERVATION ACT 1980):
इस अधिनियम क्व अनुसार किसी अरक्षित वन को अनारक्षित घोषित करने या भूमि गैर वन प्रयोजन के लिए प्रयोग में लाने के लिए केंद्रीय सरकार की पूर्व अनुमति आवश्यक है। तथा उस क्षेत्र के समतुल्य क्षेत्र में वन लगाने होंगे। इसके आलावा भी कुछ अन्य अधिनियम है जैसे -
  • वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 
  • मद्रास वन्य हाथी संरक्षण अधिनयम 1873 
  • बंगाल गेंडा संरक्षण अधिनियम 1932 
  • असम गेंडा संरक्षण अधिनियम 1954

रेड डाटा बुक क्या है - (What is the Red Data Book)

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आप सब जानते है कि दुनिया भर में लाखो प्रकार के जीव है। जिनके बारे में हमें पूरी जानकारी नहीं है इन जीवो में से कुछ जीव तो लुप्त हो चुके है और कुछ जीव लुप्त होने की कगार पर है। जो जीव लुप्त हो चुके है वो जीव किस कारण से लुप्त हुए और जो जीव लुप्त होने वाले है उन सभी जीवो का उल्लेख एक विशेष प्रकार की लाल किताब में किया गया है।  जिसे रेड डाटा बुक (Red Data Book) कहते है। दुनिया की प्राकृति संरक्षण की अंतराष्ट्रीय संस्था IUCN (International Union for Conservation of Nature) ने अपने अधीनस्थ सरवाइवल सर्विस कमीशन संस्थान के द्वारा एक विशेष प्रकार की लाल किताब का प्रकाशन किया है। जिसमे दुनिया के सभी प्रकार के जीवो की जानकारी है। तथा लुप्त हो रही जीवो की प्रजातियों तथा उनके कारणों का उल्लेख भी है। 
दुनिया की प्रथम रेड टाटा बुक 1 जनवरी 1972 को प्रकाशित हुई थी। अब तक कुल 5 रेड डाटा बुक प्रकाशित हो चुकी है। जो की निम्न प्रकार से है। -
1. प्रथम बुक   - स्तनधारी 
2. दूसरी बुक   - पक्षी 
3. तीसरी बुक  - मरुस्थलीय उभयचर 
4. चौथी बुक   -  मछलियां 
5. पाँचवी बुक -  पौधे - वनस्पतियाँ  

भारतीय योजना आयोग के बारे में रोचक तथ्य - Planning Commission of India

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भारत के योजना आयोग का संविधान में कोई उल्लेख नहीं है अतः इस आयोग का गठन एक परामर्शदात्री व विशेषज्ञ संस्था के रूप में  सरकार के एक प्रलेख के द्वारा इसका गठन हुआ था। इसी कारण से योजना आयोग के स्वरूप और संगठन में सरकार के द्वारा समय - समय पर परिवर्तन किये जाते रहे। योजना आयोग का अध्यक्ष प्रधान मन्त्री होता है। भारतीय योजना आयोग के प्रथम अध्यक्ष उस समय के तत्कालीन प्रधानमन्त्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को बनाया गया था। और उनके साथ 5 पूर्णकालीन सदस्यो को मनोनीत किया गया। आयोग के सदस्यो के रूप में समय-समय पर इसमें मंत्रियो और विद्वानों को मनोनीत किया जाता रहा है। और प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष बने रहते है। इस आयोग के अध्यक्ष और सदस्यो का कोई निश्चित कार्यकाल नहीं होता है। और इसका सदस्य बनने के लिए कोई निश्चित योग्यता भी निर्धारित नहीं की गयी है। 
योजना आयोग के कार्य :-
  1. देश के भौतिक पूँजीगत और ;मानवीय संसाधनों का अनुमान लगाना। 
  2. राष्ट्रीय के उपलब्ध संसाधनों के अधिक से अधिक प्रभावी उपयोग के लिए योजना तैयार करना। 
  3. योजना के विभिन्न चरणों का निर्धारण करना और प्राथमिकता के आधार पर संसाधनों का संसाधनों के आवंटन का प्रस्ताव करना। 
  4. योजना आयोग समय-समय पर केन्द्रीय और राज्य सरकारों के द्वारा विशेष समस्याओ पर राय माँगने पर अपनी सलाह देना।

गूगल क्रोम पर आने वाले विज्ञापनों (Ads) को कैसे रोके ( How to block ads on Google Chrome)

how to block ads on google chrome, block all ads on google chrome,यदि आपके गूगल क्रोम ब्राउज़र को ओपन करने पर उसमे अनचाहे ads आ रहे है और आप इन ads को ब्लॉक करना चाहते है। तो इसके लिए आपको Ad Block Extension tool का इस्तेमाल करना होगा। AdBlock को गूगल क्रोम पर इनस्टॉल करने के लिए आपको सबसे पहले आप अपने गूगल क्रोम ब्राउज़र को खोलेगे इसके बाद आपको गूगल में जाकर AdBlock को Search करना है। और इसे Install करना है। इसको इनस्टॉल करने का आपको कोई चार्ज नहीं देना होता है। ये एकदम फ्री टूल है। इसके बाद आप इसे ओपन करेगे और आपको ऊपर लेफ्ट साइड में एक चिन्ह दिखाई देगा जिसमे आपको एक हाथ दिखाई देगा। आपको इस चिन्ह पर क्लिक करना है। इस पर क्लिक करने के बाद आपको एक डायलॉग बॉक्स दिखाई देगा जिसमे आपको और भी option मिलेंगे इन options में से आपको 'Block an ad on this page का मिलेंगे इस ऑप्शन पर आपको क्लिक करना है। इसके बाद AdBlock अपने आप ही चालू हो जायेगा और सभी अनचाहे ads को अपने आप ही ब्लॉक कर देगा। लेकिन फिर भी आपको कुछ Ads शो होते है तो इन्हें रोकने के लिए आपको उस एड को चुन लेना है। जिसे आपको ब्लॉक करना है। फिर आपको हाथ वाले चिन्ह पर दोबारा जाना है और क्लिक करना है अब आपको Block an ad on this page पर क्लिक करना है अब आपको Block this Ad ऑप्शन मिलेगा। अब आप Block this Ad स्लाइडर को उस एड पर हिलाते रहे जब तक की ये एड दिखाई देना बन्द न हो जाये। इसके बाद आपको Looks Good ऑप्शन पर क्लिक करना है।  अब ये एड दिखाई देना बन्द हो जायेगा। 
और यदि आप अपने यूट्यूब चैनेल पर भी एड को ब्लॉक करना चाहते है तो उसके लिये आपको सबसे पहले उस हाथ वाले चिन्ह पर ही जाना होगा और वहाँ से option पर क्लिक करने के बाद आपको YouTube Whitelist का option मिलेगा आपको इस ऑप्शन  पर क्लिक करना है और आपने यूट्यूब चेनल के एड को ब्लॉक कर देना है। 
इस तरह से आप अपने यूट्यूब चैनल और अन्य वेबसाइट पर आने वाले Ads को ब्लॉक कर सकते है। अगर आपको फिर भी कोई दिक्कत आती है तो आप Comment Box उस समस्या को लिख सकते है। मैं आपको उस समस्या का हल बताने की पूरी कोशिश करूँगा।

ईमेल पढ़कर पैसे कमाने का आसान तरीका - (How to Earn Money by Reading Email)


how to earn money by reading email, email padhkar paise kese kamaye, how to earn money online,आप सोच रहे होंगे की कही ईमेल पढ़कर भी पैसे कमाए जा सकते है। और कोई आपको ईमेल पढ़ने के बदले क्यों पैसे देगा तो इसका जवाब है। हाँ ईमेल पढ़कर भी पैसे कमाए जा सकते है। ऑनलाइन पैसे कमाने के हजारो वर्क आपको ऑनलाइन मिल जायेगे इन्ही कामो में एक काम ईमेल पढ़ने का भी है। सबसे पहले ये जानते है की ईमेल पढ़ने के बदले पैसे क्यों मिलते है। कई बार होता ये है की कुछ नयी कम्पनियां नए स्टार्टअप और कुछ कम्पनियां अपने प्रोडक्ट्स को बेचने के लिए इस तरह का अभियान चलते है। आप अपने अकाउंट में जाकर जैसे ही ईमेल को पढ़ते है। आपको उस कंपनी की सर्विस या प्रोडक्ट्स के बारे में जानने लगते है। और कई बार पैसे देने वाली कंपनिया आपको अपनी वेबसाइट पर जाने के लिए आपको बाध्य करती है । या Sign Up करने के लिए कहती है। ये इसलिए की आपको उस कंपनी के बारे में अधिक से अधिक जानकारी हो सके। सामान्य रूप से हम इस Email Reading Job को ईमेल के द्वारा मार्केटिंग भी कह सकते है। कंपनी ये काम किसे Site को देती है और वो Site अपना कमीशन लेकर इस काम को आपने वेबसाइट से सदस्यो को देती है। और इन ईमेल को बढ़ने के बदले आपने यूजर को पैसे भी देती है। अगर आप ऑनलाइन पैसे कमाने के बारे में ठान चुके है और आप एक भी पैसा खर्च  किए बिना पैसा कमाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको एक वेबसाइट जिसका नाम है Paisalive.com पर जाना होगा। इस वेबसाइट आपको आपना Account बनाते ही  आपको 99 रुपये मिल जायेगे। और अपने दोस्तों का अकाउंट बनावाने पर Paisalive.com से आपको २ से 10 रुपये तक प्रति एकाउंट मिलते है। और जैसे ही आपके दोस्त अन्य किसी का अकाउंट बनवाते है तो ये चैन चलती रही है। इसके अलावा आपके इनबॉक्स में मेल पढ़ने पर आपको 25 पैसे से 10 रुपये तक मिलेंगे। ये वेबसाइट पहले आपने यूजर का Payment चेक के द्वारा करती थी लेकिन अब ये आपका Payment सीधे आपके बैंक अकाउंट में ऑनलाइन करती है। पहले ये कम से कम 500 रुपए का Payment करती थी लेकिन अब पैसा लाइव कम से कम 1000 का पेमेन्ट ऑनलाइन आपके Account ऑनलाइन या चैक के माध्यम से जैसे आप चाहे करती है। और ये वेबसाइट पूरी तरह विश्वशनीय है। बस आपको अपना एकाउंट बनाते समय सारी इनफार्मेशन सही-सही भरनी है ताकि आपका पेमेन्ट होते समय कोई परेसानी ना हो। इस वेबसाइट के माध्यम से आप महीने में 9000 रुपए प्रति माह और इससे अधिक काम सकते है। बस आपको प्रतिदिन आपने अकाउंट को लॉगिन करना है। और इनबॉक्स में आये हुए ईमेल को पढ़ना है। ये  वेबसाइट आपको दो प्रकार के ईमेल उपलब्ध कराती है। एक Cash Email और दूसरे Free Recharge Emails. फ्री रिचार्ज ईमेल पर पर क्लिक करके आप आपना मोबाइल रिचार्ज करने  के लिए आप पैसा काम सकते है।  
www.paisalive.com पर अकाउंट बनाने के लिए आप  यहाँ http://www.PaisaLive.com/register.asp?7119033-3511311 (http://www.PaisaLive.com/register.asp?7119033-3511311) क्लिक करके अपना account बना सकते है। 

मेरा इस पोस्ट को लिखने का बस ये ही उद्देश्य है की जिन लोगो को इस बारे में काम जानकारी है की ऑनलाइन काम करके भी पैसे कमाए जा सकते है।  की जानकारी  उनको हो सके और वे लघु उद्द्योग , छोटे मोटे काम धन्धे , सरकार की योजनाओ और ऑनलाइन कमाई के अन्य स्रोतों के बारे में जान सके। जिससे उनको पार्ट टाइम कुछ समय काम करके आमदनी हो सके।

फेसबुक के फालतू ईमेल नोटिफिकेशन को कैसे बन्द करे-(How to Turn Off Facebook Email Notifications)

फेसबुक का प्रयोग तो आप सभी लोग करते होंगे और ये भी आप सभी लोग जानते होंगे की फेसबुक ID बनाने के लिए Email ID की जरुरत पड़ती है। जिस email id पर बाद में आपके फेसबुक नोटिफिकेशन्स को भेजा जाता है। इन नोटिफिकेशन्स में Birth Day, Apps Invite, On This Day,Close Friends activity, Tags, Pages you manage, Group activity, App requests and activity आदि है। लेकिन यदि आप चाहे तो इन फालतू के नोटिफिकेशन को अपने अनुसार बन्द या चालू कर सकते है। इसके लिए आपको निम्न स्टेप्स को फॉलो करना होगा। 
स्टेप १
सबसे पहले फेसबुक एकाउंट को ओपन करना है और Menu में Setting option को select करना है। 
 
 स्टेप २
अब आपको Notification पर क्लिक करना है। नोटिफिकेशन पर क्लिक करने के बाद आपको बहुत सारे ऑप्शन मिलेंगे। इन ऑप्शन को आप अनुसार on या off कर सकते है। 
 
स्टेप ३
फसबुक पर Email Notification को बन्द करने के लिए आपको Notification में Email ऑप्शन पर क्लिक करना है यहाँ आपकोAll notifications, except the ones you unsubscribe from ऑप्शन सेलेक्ट मिलेंगे जिसे आपको बदलकर Only notifications about your account, security and privacy पर क्लिक करना है। अब आपके ईमेल पर केवल Account Security और Privacy से सम्बंधित ईमेल ही आययेगे अन्य अबकी सभी नोटिफिकेशन बन्द हो जायेगे। 
 
इसी प्रकार आप यहाँ से आप आपने मोबाइल और Facebook Account के अन्य नोटिफिकेशन्स जैसे Birth Day, Apps Invite, On This Day,Close Friends activity, Tags, Pages you manage, Group activity, App requests and activity को भी बन्द या चालू कर सकते है।

सूर्य के बारे में रोचक तथ्य

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  1. सूर्य अपने अक्ष पर एक परिक्रमा करने में 25 दिन 9 घण्टे और 7 मिनट का समय लेता है। 
  2. पृथ्वी से सूर्य की दुरी 149.8 मिलियन किलोमीटर है। 
  3. सूर्य का व्यास 1.384 मिलियन किलोमीटर है। जो पृथ्वी के व्यास से 107 गुणा अधिक है। 
  4. सूर्य की सतह का तापक्रम 6000˚C या 5770˚ K है। 
  5. सूर्य का परिभ्रमण काल 250 मिलियन वर्ष है। 
  6. सूर्य अपनी धुरी पर 250 किलोमीटर प्रति सेकण्ड की गति से घूमता है। 
  7. सूर्य  संरचना में 71% हाइड्रोजन, 26.5% हीलियम और 2.5% अन्य तत्व है। 
  8. सूर्य की संभावित आयु लगभग 5 बिलियन वर्ष है। 
  9. सूर्य से पृथ्वी तक प्रकाश को पहुँचने में 8 मिनट 20 सेकण्ड का समय लगता है। 
  10. प्रकाश वर्ष :- एक प्रकाश वर्ष प्रकाश द्वारा निर्वात में एक वर्ष में चली गयी दुरी को कहते है। यह दुरी का मात्रक है एक प्रकाश वर्ष लगभग दस ट्रिलियन किलोमीटर के बराबर होता है। 
  11. एक प्रकाश वर्ष = 9.5 x 1012   किलोमीटर 

  12. अंतरिक्षीय वर्ष :- सूर्य अपने किसी अदृश्य केंद्र बिन्दु पर जो उससे ३२००० प्रकाश वर्ष की दुरी पर है की चारो और 250 मिलियन वर्ष में एक चक्कर लगता है जिसे अंतरिक्षीय वर्ष कहते है।

कंप्यूटर पर व्हाट्सएप्प को कैसे चलाये- How to Open Whatsapp in PC

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यदि आप अपने PC या लैपटॉप पर whatsapp को एक्सेस करना चाहते है तो ये आप बहुत ही आसानी से कर सकते है। कंप्यूटर पर भी आप अपने वत्स अप्प अकाउंट को वैसे ही एक्सेस कर सकते है जय जैसे की आप अपने मोबाइल फ़ोन पर करते है। इसमें आपको व्हाट्सएप्प के मैसेज वैसे ही दिखेगे जैसे की आपको अपने android Phone पर दिखाई देते है। जिसके लिए आपको बस कुछ इजी स्टेप्स को फॉलो करना होगा। चलिए जानते है की आप कैसे व्हाट्सएप्प को कंप्यूटर पर भी प्रयोग  है।

स्टेप १ - सबसे पहले आपको अपने वेब ब्राउज़र में जाना है और वेब एड्रेस बार में https://web.whatsapp.com टाइप करना है जिसके बाद आपको व्हाट्सएप्प वेब पेज दिखाई देगा। इस व्हाट्सएप्प पेज पर आपको आपको QR Code दिखाई देगा।
स्टेप २ - अब आपको अपने मोबाइल फ़ोन में व्हाट्सएप्प एप्प ओपन करना है और उसके menu में जाकर Whatsapp Web ऑप्शन पर क्लिक करना है।
स्टेप ३ - अब आपको अपने मोबाइल फ़ोन से Scan Code के द्वारा कंप्यूटर में web Page पर उपलब्ध QR Code को scan करना है।
इतना करने के बाद आपका व्हाट्सएप्प एकाउंट आपके कम्प्यूटर पर सक्रीय हो जायेगा।
वेडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करे। 

ईमेल से किसी भी फॉर्मेट की फाइल को कैसे भेजे (How to Send all formats of file by Email)

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अब आप आपने Gmail Account से किसी भी फॉर्मेट की फाइल को भेज सकते सकते है। पहले जीमेल में ये  सुविधा उपलब्ध नहीं थी। पहले आप फ़ोन से केवल वेडियो या इमेज फाइल को ही सेंड कर सकते थे लेकिन अब आप किसी भी फॉर्मेट की फाइल को आपने android मोबाइल से आसानी से send कर सकते है। जीमेल द्वारा Gmail App में हल की में कुछ बदलाव किये गए है। जिसके कारण आप अपनी फाइल को सेंड कर सकते है। अब आप फोन से डायरेक्टली कोई भी डॉक्यूमेंट फाइल , कंप्रेस्ड फाइल और Custom File को अटेच और डाउनलोड कर सकते है। इस फीचर का इस्तेमाल करने के लिए आपके पास Gmail App का Letest Version होना चाहिए। आप गूगल प्ले (Google Play) से Gmail का letest version डाउनलोड या अपडेट कर सकते है। जिसके लिए आपको कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे। 

स्टेप -1. सबसे पहले Gmail App को आपने Android डिवाइस में ओपन कीजिये और मेनू लिस्ट ओपन करने के लिए Menu Key पर क्लिक  कीजिये और Compose कीजिये। 
स्टेप -2. अब Compose Email View में App Window के टॉप राईट कार्नर पर मौजूद Action Over-flow आइकॉन पर क्लिक कीजिये और Attach File ऑप्शन choose कीजिये। 
अगर आपको Attach File ऑप्शन के  बदले Attach Picture या Attach Video ऑप्शन दिखाई देता है। तो इसका मतलब है की आपका gmail app का version पुराना है। इस स्थिति में आपको Google Play Store पर जाना है। My Apps में जाकर आपको अपने gmail app जो  आपके मोबाइल में install है उसे अपडेट कर लीजिये। 
स्टेप -3. अब अपने gmail account में जाकर  Email Compose करके किसी भी फॉर्मेट के फाइल को सेन्ड कर सकते है।

औसत मैथमेटिक्स शॉर्ट ट्रिक-1 (Average Mathematics short Tricks-1)

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 दोस्तों मैं आज आपको मैथमेटिक्स की कुछ नयी शॉर्ट ट्रिक के बारे में बताऊँगा जिनका उपयोग करके आप बड़े प्रश्नो को भी बहुत ही आसानी से हल कर सकते है। आज मैं आपको संख्याओ पर आधारित कुछ प्रश्नों को हल करने की ट्रिक बताऊँगा।

Trick-1
यदि लगातार a,b,c,d,e,.................n तक लगातार संख्याये दी गयी हो तो उनका औसत कैसे ज्ञात करे। 
 
                                                   ( a + n )
n तक की संख्याओ का औसत =                    
                                                       2

उदाहरण: 1 से 12 तक की सभी संख्याओ का औसत क्या होगा?

                                                ( 1  +  12 )
n तक की संख्याओ का औसत =                    =  6.5
                                                      2 _________________________________________________________


Trick-2
यदि लगातार a,b,c,d,e,.................n तक लगातार सम या विषम संख्याओ का औसत कैसे ज्ञात करे। 
 
                                                                      ( a + n )
n तक की सम या विषम संख्याओ का औसत =                 
                                                                          2

उदाहरण: 1, 3, 5  से 99  तक की सभी विषम संख्याओ का औसत क्या होगा?

                                                                           ( 1  +  99 )
       n तक की विषम संख्याओ का औसत =                          =  50 
                                                                                  2 __________________________________________________________

Trick-3 
x के प्रथम n गुणजों का औसत ज्ञात करना?
 
                          x ( 1 + n )
           औसत =                   
                               2 

उदाहरण: 3 के प्रथम 9 गुणजों का औसत क्या होगा?

                3 ( 1  +  9 )             3 x 10 
 औसत =                       =                      = 15 
                       2                        2 


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भारत की प्रमुख नदियाँ और उनके किनारे बसे नगर -Major Indian Cities on River Banks

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कोटा शहर चम्बल नदी के किनारे बसा है।
आगरा, दिल्ली और मथुरा यमुना नदी के किनारे बसे है।
हरिद्वार , वाराणसी, ऋषिकेश, कानपुर, और पटना गंगा नदी के किनारे बसे है।
लखनऊ गोमती नदी के किनारे बसा है।
अहमदाबाद शहर साबरमती नदी के किनारे बसा है।
जबलपुर शहर नर्मदा नदी के किनारे बसा है।
हावड़ा (कलकत्ता) हुगली नदी के किनारे बसा है।
श्रीनगर शहर झेलम नदी के किनारे बसा है।
जमशेदपुर (टाटानगर) शहर स्वर्णरेखा नदी के किनारे बसा है।
नरसिक, नान्देड़ और भद्रचलम शहर गोदावरी नदी के किनारे बसे है।
अजमेर शहर लूनी नदी के किनारे बसा हुआ है।
विजयवाड़ा कृष्णा नदी के किनारे बसा है।
लुधियाना, फिरोजपुर शहर सतलज नदी के किनारे बसे है।
उज्जैन शहर  क्षिप्रा नदी के किनारे बसा हुआ है।
गुवाहटी और डिब्रूगढ़ शहर ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बेस हुए है।
सूरत शहर ताप्ती नदी के किनारे बसा है।
कटक और सम्भलपुर शहर महानदी के किनारे बसे हुए है।
त्रिचरापल्ली शहर कावेरी नदी के किनारे बसा हुआ है।
बद्रीनाथ शहर अलकनन्दा नदी के किनारे बसा है।
अयोध्या शहर सरयू नदी के किनारे बसा है।

भारत के संविधान के बारे में रोचक तथ्य (Question about India Constitution)

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भारत का संविधान एक विस्तृत लिखित संविधान है भारत के संविधान के बारे में रोचक तथ्य के बारे में बात करे तो इसमें बहुत सी विषेशेषता मिलेगी कुछ मुख्य तथ्यों के बारे में आज बात करते है -
१.भारत का संविधान २६ नवम्बर १९४९ को स्वीकार किया गया था। 
२. भारत का संविधान २९ जनवरी १९५०  को लागू हुआ था।
३. भारत के संविधान में कुल 22 भाग है। 
४.  संविधान सभा के प्रथम स्थायी अध्यक्ष सचिदानन्द सिन्हा थे। 
५. डॉ. राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में भारत का संविधान पारित किया गया। 
६. भारत के संविधान का जनक डॉ. भीमराव आंबेडकर को माना जाता है। 
७. भारत के संविधान में पहला संसोधन 1951 को किया गया था। 
८. राजा हरी सिंह ने कश्मीर का भारत में विलय स्वीकार किया था। 
९. अब तक सा सभी रास्ट्रिपतियो में  प्रसाद का कार्यकाल सबसे अधिक समय तक रहा है। 
१०. आजाद हिन्द फ़ौज के सिपाहियों पर दिल्ली के लाल किले में मुकदमा चला था। 
११. भारत का प्रथम नागरिक राष्ट्रपति को कहाँ जाता है। 
१२. चीन और भारत के मध्य पंचशील समझौता हुआ था। 
१३. महाराष्ट्र और गुजरात राज्य का निर्माण मुम्बई (बम्बई) राज्य का विभाजन करके हुआ था। 
१४. पंडित जवाहर लाल नेहरू १९२९-३० में प्रथम कांग्रेस अध्यक्ष बने। 
१५. इन्द्र गाँधी सन १९६० में पहली बार कांग्रेस अध्यक्ष बनी। 
१६. संवैधानिक मामलो के निर्णय हेतु गठित खंडपीठ में न्यूनतम न्यायधिशो की संख्या 5 होती है। 
१७. लाल बहादुर शास्त्री 1964 में प्रधान मंत्री बने। 
१८. भारत और पाकिस्तान का 1965 में कच्छ के मैदान में युद्ध लड़ा गया। 
१९. १९७१ में भारत पाकिस्तान के युद्ध के समय भारत के रक्षा मंत्री जगजीवन राम थे। 
२०. १९९३ में दिल्ली के प्रथम विधानसभा चुनाव के समय  भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आयी। 
२१. जलियावाला बाग़ हत्याकांड से दुखी होकर महात्मा गाँधी ने केसरी हिन्द की उपाधि लोटा दी थी। 
२२. कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष बाबु जगजीवन राम थे। 
२३. १९७५ में लगी इमरजेंसी १९ महीने तक लागू रही थी। 
२४. डॉ. जाकिर हुसैन सबसे काम समय तक राष्ट्रपति रहने वाले प्रथम भारतीय राष्ट्रपति थे। 
२५. भारत के प्रधानमंत्री बनने से पहले मोरारजी देसाई जनता पार्टी के नेता के रूप में चुने गए। 
२६. आन्ध्र प्रदेश स्वत्रन्त्र भारत का पहला प्रदेश है जो भाषाई आधार पर बनाया गया था। 
२७. भारत में राज्यपाल बनने के लिया न्यूनतम आयु सीमा 35 वर्ष होती है। 
२८. मूल  भारतीय संविधान में 395 अनुछेद है। 
२९. सन 1988 में मतदान की न्यूनतम आयु 18 वर्ष कर दी गयी थी। 
३०. ज्योति बासु भारत में सबसे अधिक समय तक मुख्य मंत्री बने रहने वाले नेता है। 
३१. 81 वर्ष की आयु में प्रधानमंत्री बनने वाले नेता मोरारजी दसई है। 
३२. संविधान की प्रथम अनुसूची में भारत के राज्यो और संघ राज्यो का वर्णन है। 
३३. जन गण मन को 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया गया। 
३४. राज्यसभा के सदस्य के लिए न्यूनतम आयु ३० वर्ष होती है। 
३५. हमारे संविधान में स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायपालिका की अवधारणा संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के संविधान से ली गयी है। 
३६. लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधानपरिषद में से विधानपरिषद के सदस्य राष्ट्रपति चुनाव में भाग नही ले सकते है। 
३७. धन सम्बंधित विधेयक को लोकसभा द्वारा पारित होने मगर राज्यसभा द्वारा पारित नहीं होने के बावुजूद भी दोनों सदनों में पारित मान लिया जाता है। 
३८. उप राष्ट्रपति के उमीदवार को नामांकन भरते समय २० प्रस्तावक और २० अनुमोदक सदस्यो की आवश्यकता होती है। 
३९. विशेष परिस्थिति में लोकसभा के कार्यकाल को अधिकतम एक बर्ष बढ़ाया जा सकता है। 
४०. राष्ट्रपति के द्वारा वित्त आयोग का गठन पांच वर्ष के अन्तराल पर किया जाता है। 
४१. केंद्र और राज्यो के मध्य शक्तियों का विभाजन कनाडा के संविधान से लिया गया है। 
४२. राष्ट्पति और उपराष्ट्रपति दोनों की अनुपस्थिति में राष्ट्रपति का कार्यभार सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य न्यायधीश संभालेगा। 
४३. एक देश में २ निशान, २ विधान और २ प्रधान नहीं चलेगे ये कथन श्यामा प्रसाद मुखर्जी का है। 
४४. संसद के संयुक्त अधिवेशन के अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करता है। 
४५. भारत के संविधान में गणराज्य की अवधारणा को फ़्रांस के संविधान से लिया गया है। 
४६. राजीव गाँधी की हत्या पेरम्बदूर, चेन्नई में हुई थी। 
४७. चौधरी चरण सिंह देश के ऐसे पहले प्रधान मंत्री थे जिन्होंने आपने कार्यकाल में कभी सदन का मुख नहीं देखा। 
४८. भारत के महालेखा परीक्षक और नियंत्रक के अधिकार एव कर्तव्यों का निर्धारण करने का अधिकार संसद को है। 
४९.  १९७७ के चुनाव में इंद्रा गाँधी को राजनारायण ने पराजित किया था। 
५०. राज्यसभा का गठन ३ अप्रेल १९५२ को किया गया था। 
५१. राष्ट्रपति पर महाभियोग चलने के लिए संसद के दोनों सदनों के कम से कम दो तिहाई सदस्यो का बहुमत होना जरुरी है। 
५२. पैन्थर पार्टी जम्मू कश्मीर का राजनीतिक दल है। 
५३. चुनाव प्रचार की अवधि चुनाव शुरू होने से पहले (चुनाव के खत्म होने के 48 घण्टे पहले) समाप्त हो जाती है।
५४. सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश की अनुपस्थिति में राष्ट्रपति को उसके पद की शपथ सर्वोच्च न्यायालय का वरिष्ठतम न्यायधीश दिलाता है।

भारत का सबसे पुराना बैंक - First Oldest Bank of india

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भारत के  सबसे पुराने बैंको में कई नाम आते है पर उनमे से कुछ बैंक फ़ैल हो गए थे जो की अधिक समय तक नहीं चल पाए। हमारे देश का पहला सबसे पुराना बैंक की स्थापना वर्ष 1839 में कलकत्ता में कुछ व्यापारियों ने मिलकर की थी जिसका नाम उन्होंने यूनियन बैंक (Union Bank) रखा था। लेकिन ये बैंक 1848 में फ़ैल हो गया।  इसके बाद 1863 में एक और नए बैंक की स्थापना हुई जिसका नाम बैंक ऑफ़ अपर इंडिया (Bank of Upper India) रखा गया लेकिन ये बैंक भी 1913 फ़ैल हो गया और ज्यादा चल नहीं पाया। इसके बाद वर्ष 1865 में एक और नए बैंक इलाहबाद बैंक (Allahabad Bank ) की स्थापना Joint Stock Bank बैंक की तरह की गयी। ये इलाहबाद बैंक आज भी भारत में सेवा दे रहा है। और भारत के सबसे पुराने बैंक के रूप में जाना जाता है। 
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फेसबुक अकाउंट को कही से भी रिमोटली कैसे लॉगआउट करे (How to Log Out Facebook Account Remotely)

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आज मैं आपको बतऊँगा की यदि आप ने आपन फेसबुक अकाउंट किसी अन्य जगह पर लोग इन किया है और आप उसे लोग आउट करना भूल गए है तो भी आप आपने Facebook Account को रिमोटली लॉगआउट कर सकते है। वो कैसे चलो देखते है। 
यदि आप साइबर कैफे या आपने किसी दोस्त के लैपटॉप पर फेसबुक अककॉउंट खोलकर उसे Log Out करना भूल गए है।  तो अब आपको परेशान होने की जरुरत नहीं है बल्कि आप आपने अकाउंट लो रिमोटली log out कर सकते है।  इसके लिए आपको निम्न स्टेप्स को फॉलो करना होगा -
  • सबसे पहले आप जहाँ भी हो वहाँ किसी भी डिवाइस में फेसबुक को open और आपने ID व Passowrd डालकर लॉगिन करे। 
  • जब आप लॉगिन करेगे तो आपको राईट साइड में ३ लाइन्स दिखाई देगी ये वो लाइन्स होगी जहाँ  से आप लॉगआउट करते है। उन पर क्लिक करे और सेटिंग पर जाये। 
  • सेटिंग में जाने के बाद आपके सामने कई सारे Option मिलेंगे जिनमे आपको General पर क्लिक करके Security Tab में जाना होगा। 
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  • Security Tab पर क्लिक करते ही आपके सामने एक penal खुलकर आ जायेगा जिसमे Where You Loged In ऑप्शन होगा। 
  • आप जब इस ऑप्शन पर क्लिक करेगे तो आपको दिखेगा की आपने कब कब और किस लोकेशन पर Facebook पर लोग इन किया है। इसमें आपको समय और लोकेशन की पूरी जानकारी मिलेगी। अगर कोई अनजाने में आपके Facebook को login करेगा तो आपको उसका पता भी बहुत ही आसानी से चल जायेगा। 
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  • अब आपको सिर्फ एंड एक्टिविटी (And Activity) पर क्लिक करना है। इस पर क्लिक करते ही आप वहाँ से लोग आउट हो जायेगे। 
इस तरह से आप आपने फेसबुक अकाउंट को रिमोटली भी लोग आउट कर सकते है।

सामान्य ज्ञान भाग -2 (General Knowledge Part-2)

 
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  • आधे चाँद से पूरा चाँद 100 गुना ज्यादा चमकदार होता है।
  • घोंघा बिना घायल हुए ब्लेड के धार पर भी चल सकता है।
  • कटल फिश के 3 दिल  होते है।  दो दिल उसके गलफेड़ो के आधार पर स्थित होते है। और तीसरा दिल उसके शरीर के केंद्र में होता है। 
  • पृथ्वी का केन्द्र हमारे पैरो के नीचे लगभग 400 मिल नीचे है। 
  • मंगोलो के राजा कुबलाई खान ने सन 1230 में पहली बार बारूद से भरा हुआ हथगोला बनाया था। 
  • एक औसत पेन्सिल के सीसे से 35 मिल लंबी रेखा खिंची जा सकती है। 
  • मनुष्य की खोपड़ी में २२ हड्डिया आपस में संधियों के द्वारा जुडी हुई है। लेकिन उनमे से केवल जबड़ा ही गति कर सकता है। जिसकी वजह से हम बात कर पाते है। और भोजन चबाते है। 
  • खगोलशास्त्रीयो का मनना है की सूर्य के चारो और लगभग १० करोड़ धूमकेतु चक्कर लगते है। 
  • पृथ्वी का लगभत ७० प्रतिशत भाग जल से ढाका हुआ है। 
  • रूस के विज्ञानिको का मनना है। कि बासकुनचाक झील में इतना नमक है की पूरे दुनिया दो हजार वर्ष तक उसका उपयोग कर सकती है।
  • समुन्दर में रहने वाली कुछ ही सरीसर्प ही ऐसे है जो पानी में स्थायी रूप से रह सकते है। अन्यथा अधिकतर को आपने अंडे देने के लिए जमीन पर आना पड़ता है।

 

मानव शरीर के बारे में कुछ रोचक तथ्य

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मानव का शरीर में अनेक भाग होते है जिनका अलग अलग कार्य होता है। और जिनकी जानकारी होनी जरुरी है। मैं आज आपको मानव शरीर के बारे में कुछ रोचक तथ्य बताऊंगा। जोकि निम्न प्रकार है-

  • मनुष्य के शरीर में कुल अस्थियो की संख्या २०६ है। 
  • मनुष्य के शरीर में सबसे छोटी अस्थि स्टेपिज (मध्य कर्ण से) है। 
  • मनुष्य के शरीर में सबसे बड़ी अस्थि फीमर (जांघ में) है। 
  • मनुष्य की सबसे बड़ी ग्रन्थि यकृत है। 
  • मनुष्य के शरीर का सबसे कठोर भाग दांत का इनमेल होता है। 
  • मनुष्य की सबसे बड़ी लाल ग्रन्थि पैरोटिड ग्रन्थि है। 
  • हमारे शरीर का सामान्य तापक्रम 98.4 F (37 C) होता है। 
  • मनुष्य के शरीर में लगभग 5.5 लीटर रुधिर होता है 
  • RBCs का जीवन काल 120 दिन का होता है। 
  • W.B.C का जीवन काल २-५ दिन होता है। 
  • रुधिर का थक्का बनने में लगभग 3-6 मिनट का समय लगता है। 
  • एक व्यस्क में नव्ज (Pulse) गति एक मिनट में लगभग 70 बार होती है। 
  • मनुष्य की ह्रदय गति एक मिनट में ७२ बार होती है। 
  • इंसान के मस्तिष्क का भार लगभग 1220 से 1400 ग्राम होता है। 
  • मनुष्य की सबसे बड़ी कोशिका तांत्रिक कोशिका है।  

आपने एंड्राइड मोबाइल को माउस की तरह कैसे प्रयोग करे (How to Use Android Phone as Mouse for Computer)

remote mouse, how to control pc by android mobile, mobile mouse, control pc from mobile,आपने Android मोबाइल को आप माउस की तरह भी use कर सकते है। इसके लिया आपको ज्यादा कुछ नहीं करना पड़ेगा। बस आपको एक एप्लीकेशन आपने मोबाइल और कंप्यूटर में install करना होगा जो बहुत ही आसान है। इसके लिए आपको आपने मोबाइल पर Remote Mouse सॉफ्टवेर को install करना है जिसे आप www.remotemouse.net पर जाकर डाउनलोड करके इनस्टॉल कर सकते है। ये एक इस एप्लीकेशन है जिसके द्वारा आप आपने लैपटॉप या कंप्यूटर को नियंत्रित कर सकते है। मोबाइल में Remote Mouse को install करके आपने कंप्यूटर पर Remote Mouse Server सॉफ्टवेर को install कर ले। और फिर एक ही wifi से आपने कंप्यूटर और मोबाइल को कनेक्ट कर ले। जिसके बाद आप आपने मोबाइल से कंप्यूटर को control कर सकते है। रिमोट माउस सॉफ्टवेर इसके साथ साथ कई सारे फीचर  भी देता है जैसे  टचपैड , कीबोर्ड , वेडियो कंट्रोल आदि।

How to Create a Password Protected file in Microsoft Word ( माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस में पासवर्ड प्रोटेक्टेड फाइल कैसे बनाये)

जब हम माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस में अपनी कोई इम्पोर्टेन्ट फाइल क्रिएट करते है तो सबसे पहले ये ही सवाल उठता है की इस इम्पोर्टेन्ट फाइल को कैसे प्रोटेक्ट करे ताकि हमारी फाइल को कोई अन्य एक्सेस न कर पाए। कई बार होता ये है कि आपके कोई इम्पोर्टेन्ट फाइल है जिसे आप किसी और के साथ शेयर नहीं करना चाहते है और ये भी नहीं चाहते की कोई अन्य व्यक्ति आपके इम्पोर्टेन्ट पर्सनल डाटा को एक्सेस करे। इसके लिए माइक्रोसॉफ्ट वर्ड ने (Microsoft Word 2007 और Microsoft Word 2010 ) में एक सिक्युरिटी फीचर इंटीग्रेटिड किया है। आप आपने माइक्रोसॉफ्ट वर्ड के फाइल को सुरक्षित रखने के लिए निम्न स्टेप्स को फॉलो कर सकते है। 
Microsoft 2007:
सबसे पहले माइक्रोसॉफ्ट विण्डो के ऊपर बाये (Left) तरफ मौजूद माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस बटन पर क्लिक कीजिये। 
इसके बाद Save As ऑप्शन पर क्लिक कीजिये। 
अब एक नयी विण्डो ओपन होती जहा आपको विण्डो के बॉटम पर मौजूद टूल्स (Tools) ऑप्शन पर क्लिक करना है। 
अब आपको दो ऑप्शन मिलेंगे आप इनमे से एक या फिर दोनों ऑप्शन को सेलेक्ट कर सकते है। 
पहला ऑप्शन Password to Open है। ये डॉक्यूमेंट को खोलने पर हर बार पासवर्ड के लिए पूछेगा इसलिए डॉक्यूमेंट को जब भी आप व्यू करने के लिए ओपन करेगे आपको पहले पासवर्ड इनपुट करना पड़ेगा। 
दूसरा ऑप्शन है Password to Modify ये ऑप्शन आपके डॉक्यूमेंट को modify करने की कोशिश करने पर हर बार पासवर्ड के लिए पूछेगा। 


Microsoft 2010:
सबसे पहले माइक्रोसॉफ्ट विण्डो के ऊपर बाये (Left) तरफ मौजूद माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस बटन पर क्लिक कीजिये। 
इसके बाद Save As ऑप्शन पर क्लिक कीजिये। 
अब एक नयी विण्डो ओपन होती जहा आपको विण्डो के बॉटम पर मौजूद टूल्स (Tools) ऑप्शन पर क्लिक करना है। और tools में General Option पर Click करना है।
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अब आपको एक नयी विण्डो मिलेगी जिसमे दो ऑप्शन मिलेंगे आप इनमे से एक या फिर दोनों ऑप्शन को सेलेक्ट कर सकते है। 
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पहला ऑप्शन Password to Open है। ये डॉक्यूमेंट को खोलने पर हर बार पासवर्ड के लिए पूछेगा इसलिए डॉक्यूमेंट को जब भी आप व्यू करने के लिए ओपन करेगे आपको पहले पासवर्ड इनपुट करना पड़ेगा। 
दूसरा ऑप्शन है Password to Modify ये ऑप्शन आपके डॉक्यूमेंट को modify करने की कोशिश करने पर हर बार पासवर्ड के लिए पूछेगा।

नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize)

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विश्व का सबसे बड़ा पुरस्कार नोबेल पुरस्कार के बारे में तो आपने बहुत सुना होगा।ये विश्व का सबसे बड़ा पुरस्कार है। इस पुरस्कार के जन्मदाता महान वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल है। अल्फ्रेड नोबेल का जीवन बड़ी ही कठनाईयो में बिता लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनकी कठिन परिश्रम का ही परिणाम है की आज पूरा विश्व इनके इस योगदान को भूल ही नहीं पता है, ये एक ऐसे वैज्ञानिक थे जिनके जीवन में अनेक उत्तर चढाव आये पर इन्होंने कभी हार नहीं मानी और एक ऐसी खॊज की जिसने इंसान के जीवन को ही बदल डाला। महान वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल का जन्म 21 अक्टूबर 1833 में स्वीडन देश की राजधानी स्कॉट होम में हुआ था जो की बाल्टिक सागर की किनारे स्थित है। इनका पूरा नाम अल्फ्रेड बेर्नहार्ड नोबेल (Alfred Bernhard Nobel) है।
अल्फ्रेड नोबल बचपन से ही दुबले पतले और शरीर से बीमार रहते थे। अल्फ्रेड नोबल हमेशा नए नए प्रयोग करते रहते थे। स्वास्थ्य ठीक न होने के बावजूद उन्हें विस्फोटक बनाने में बाद रूचि थी। आपने कड़े परिश्रम और सच्ची मेहनत के करना की इन्होंने कई बड़े अविष्कार किये जिनमे सबसे मुख्य था "डायनामाइट" (Dynamit) जिसके बाद से ये पुरे देश में विख्यात हो गए। १८ वी सताब्दी तक पत्थरो की खुदाई करना बहुत ही परिश्रम का काम था। इस काम को करने की लिए हजारो की संख्या में मजदूरो की आवश्यकता होती थी। जिसमे बहुत अधिक समय और टाइम लगता था। इन पत्थरो की खुदाई के लिए अल्फ्रेड नोबेल का डायनामाइट वरदान सिद्ध हुआ। डायनामाइट की लोकप्रियता पुरे विश्व में बढ़ती गयी। अल्फ्रेड नोबल डायनामाइट का निर्माण बड़े पैमाने पर करना आरंभ किया। अब अल्फ्रेड नोबल की गिनती संसार के सबसे धनी व्यक्तियो में होने लगी थी। इन्होंने आजीवन विवाह नहीं किया और एकांत जीवन बिताया। १० दिसम्बर १८९६ को इनकी मृत्य हो गयी अल्फ्रेड नोबल की मृत्यु के बाद 1897 में उनकी वसीयत को खोलकर पढ़ा गया तो अभी दांग रह गए। उनकी वसीयत में लिखा था की उनकी सारी जायदात को बेच किया जाये। तथा उससे जो भी धन प्राप्त हो उसे बैंक में जमा कर किया जाये। तथा उस धन से जो ब्याज की रकम प्राप्त हो उससे हर साल उन 5 पुरस्कार उन लोगो को दिए जाये जिन्होंने भौतिक विज्ञानं , रसायन विज्ञानं , चिकित्सा विज्ञानं, साहित्य और शांति के क्षेत्र उल्लेखनीय कार्य किया हो। अल्फ्रेड नोबल एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने अपनी सारी सम्पति को मानव सेवा के लिए दान कर किया। इसलिए अल्फ्रेड नोबल के इस पुरस्कार को नोबल (Nobel Prize)  के नाम से जानना जाता है। 10 दिसम्बर 1901 से नोबल पुरस्कार देना आरम्भ किया गया। आरंभ में इस पुरस्कार की कीमत 10 या 15 लाख होती थी। लेकिन अब  इस पुरस्कार की  लगभग 36 से 37 लाख होती है। भारत में सबसे पहला नोबल पुरस्कार 1913 में  महान कवि "रविन्द्र नाथ टैगोर" को दिया गया था। इसके आलावा भी ये पुरस्कार डॉ० सी० वी० रमन और डॉ. हरगोविंद खुराना को विज्ञानं के क्षेत्र में, मदर टेरेसा को शांति के क्षेत्र में और अमर्त्के सेन को अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ। 

सामान्य ज्ञान भाग -1 (General Knowledge Part-1)

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  1. फ़्रांस एक इस देश है जहा मच्छर नहीं पाए जाते है। 
  2. नेपाल विश्व का एक ऐसा देश है जो कभी किसी का गुलाम नहीं हुआ है।  
  3. दुनिया का सबसे बड़ा महल इटली देश में स्थित है। 
  4. विश्व का सबसे गरीब देश भूटान है। 
  5. अकबर बीरबल की कहानी के पात्र बीरबल का असली नाम महेश दास था। 
  6. क्या आपको पता है की चीन के लोग साँप को खा लेते है। 
  7. विश्व की सबसे खूबसूरत ईमारत ताजमहल का निर्माण २२ वर्ष में पूरा हुआ था और इसे पूरा करने में लगभग ३ करोड़ का खर्च आया था।  
  8. अजगर साँप का वजन १०० किलो ग्राम से अधिक होता है। 
  9. क्या आपको पता है की चाँद पर एक दिन पृथ्वी के २२ दिन के बराबर होता है। 
  10. क्या आपको पता है की एक मच्छर के मुँह में २२ दांत होते है। 
  11. कुतुबमीनार में ३६९ सीढिया है। 
  12. क्या आपको पता है की भालू एक इस जानवर है जो दुखी होने पर मनुष्य की तरह रोता है। 
  13. विश्व में केवल तोता ही एकमात्र पक्षी है  जो मनुष्य की तरह जम्हाई लेता है। 
  14. दुनिया का सबसे बड़ा चिड़ियाघर लन्दन में स्थित है। 
  15. क्या आपको पता है की एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी भारत के मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश ) शहर में स्थित है। एक ;सामान्य मनुष्य के दिल का वजन लगभग १२ औंस के बराबर होता है। 
  16. दुनिया की सबसे बड़ी फ़ौज (सेना)  चीन की है।
  17. नाइट्रस ऑक्सइड को सूंघने से मानुष हस्ता  रहता है। 
  18. मनुष्य की त्वचा में लगभग ७२ किलोमीटर नर्वस होती है। 
  19. मनुष्य की आँख में लगभग 1200000 फाईबर होते है। 
  20. मनुष्य की आँख ही एकमात्र इस Multi Focuse Lens है जो मात्र २ मिली सेकंड में एडजेस्ट हो जाता है।
  21. सामान्य मनुष्य के कान ५०००० हर्ट्ज तक की ध्वनि को सुन सकते है। 
  22. एक नवजात शिशु एक मिनुत में ६० बार सास लेता है , एक किशोर एक मिनुत में २० बार सास लेता है और एक युवा एक मिनट में १६ बार सास लेता है
  23. एक सामान्य मनुष्य के शरीर में इतना आयरन होता है कि उससे एक इंच की लोहे की कील तैयार की जा सकती है। 
  24. क्या आपको पता है की मनुष्य की मौत हो जाने के बाद भी उसके नाख़ून और बाल बढ़ते रहते है।

सेन्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (Central Processing Unit) या C.P.U.

cpu, c.p.u., central processing unit, microprocessor, micro processer,सेन्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (Central Processing Unit) या C.P.U. कंप्यूटर  का एक बहुत ही मुख्य भाग है जिसके आभाव में कंप्यूटर की कल्पना करना असंभव है। सी० पी० यू० का मुख्य कार्य कंप्यूटर प्रोग्रामो को क्रियान्वित करना है। इसके साथ साथ C.P.U. कंप्यूटर के विभिन्न भागो जैसे - मेमोरी , इनपुट , और आउटपुट , डिवाइस के कार्यो को भी नियंत्रित करना है। प्रोग्राम और डाटा कंप्यूटर में C.P.U. के नियंत्रण में मेमोरी में संग्रहित होता है। इसे की नियंत्रण के द्वारा डाटा कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देता है और प्रिंटर पर प्रिंट भी होता है। माइक्रो कंप्यूटर में C.P.U. एक छोटा सा माइक्रोप्रोसेसर होता है। C.P.U. के माइक्रोप्रोसेसर पर तीन भागो का परिपथ होता है। जिन्हें हम CU, ALU, और REGISTER कहते है। माइक्रो प्रोसेसर के अविष्कार से पहले कंप्यूटर का परिपथ ट्रंजिस्टरो को संयोजित करके तैयार किया जाता था। कंप्यूटर को अधिक कार्यकुशल बनाने के लिए इन परिपथों में ट्रन्जेस्ट्रो की संख्या को अत्यधिक बढ़ाया गया। जिसके कारण ट्रंजिस्टरो का परिपथ जटिल होता गया और परिपथ में अधिक ताप उत्पन होने से इनके ख़राब होने की सम्भावना होने लगी। अतः अब एक ऐसी चिप की आवश्यकत हुई। जिसमे अनेक ट्रांजिस्टरों के तुल्य परिपथ हो। 
सबसे पहला माइक्रोप्रोसेसर सन 1970 में इंटेल कारपोरेशन (INTEL CORPORATION) ने Intel 4004 के रूप में तैयार किया Intel 4004 चिप में लगभग २३०० ट्रांजिस्टरों के बराबर क्षमता थी माइक्रो प्रोसेसर  आधे इंच का वर्गाकार सिलिकॉन पदार्थ का टुकड़ा होता है। जो एक छोटे खोल में छोटे छोटे कनेक्टर्स के साथ व्यवस्थित रहता है। इंटेल ४००४ चिप के बाद माइक्रोप्रोसेसर की तकनीक विकसित होती गयी। 
Intel 80286 में १३०००० ट्रांजिस्टर तथा Intel 80486 में १२०००० ट्रांजिस्टरों के बराबर परिपथ होते है। अब तो पेन्टियम 1, पेन्टियम 2, पेन्टियम 3, पेन्टियम 4, Dual Core, Core २ Due,Cuard Core, i3, i5 और i7 आदि उच्च क्षमता वाले माइक्रोप्रोसेसर विकसित हो चुके है।  

विचित्र पहेलियाँ भाग -3

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पहेली 1 : भिखारी नहीं पर भीख मांगता है, लड़की नहीं पर पर्स रखता है, पुजारी नहीं पर घंटी बजट है बताओ कौन है वो?
Bikhari nahi par bikh mangata hai, ladaki nahi par pars rakhta hai, pujari nahi hai par ghanti bajata hai.
batao kon hai wo?
उत्तर :- बस कंडक्टर (Bus Conductor)

पहेली 2 : दो सुन्दर लड़के दोनों एक रंग के, एक बिछड़ जाये तो दूसरा काम ना आये बताओ कौन है ये।
Do Sunder Ladke Dono ek hi Rang Ke, Agar Ek Bichad Jaye To Dusra Kaam Na Aaye
उत्तर : जूता (Shoes)

पहेली 3 : ऐसी कौन सी चीज है जिसे आगे से तो भगवन ने बनाया है और पीछे से इंसान ने ?
Aisi kon se chiz hai jise Aage se to bnaya hai bhagwan ne Or piche se insaan ne?
उत्तर : बैल गड्डी (Ball Gaddi)

पहेली 4 : एक गुफा के दो रखवाले दोनों लंबे दोनों काले बताओ कौन है ये ?
Ek Gufa ke Do Rakhwale. Dono Lambe Dono Kale kon hai ye? 
उत्तर : मूछ (Muche)

पहेली 5 : ऐसी कौन सी चीज है जो अधिक ठण्ड में भी पिंघलती है
Aisi kon si cheej hai Jo adhik thand Sardi me bhi pigalti hai?
उत्तर : मोमबत्ती (Candle)

पहेली 6 : पढ़ने में लिखने में दोनों में ही मैं आता काम पेन नही कागज नहीं बताओ क्या है मेरा नाम ?
Padhne me Likhne me Dono Me hi Main Aata Kaam. Pen Nhi Kagaj Nhi Btao jra kya hai Mera Naam?
उत्तर : चश्मा (Chasma)

कम्प्यूटर का वर्गीकरण (Classification of Computer in Hindi)

कंप्यूटर का प्रत्यक्ष रूप से सीधा वर्गीकरण (Direct Classification ) करना बहुत ही मुश्किल है। कम्प्यूटर का वर्गीकरण उनके काम काज, प्रयोग , और उद्देश्यों के आधार पर किया सकता है। इसलिए कंप्यूटर का वर्गीकरण हम तीन आधार पर करते है।
1. अनुप्रयोग के आधार पर (Application)
2. उद्देश्य के आधार पर (Purpose)
3. आकर के आधार पर (Size)

(1). अनुप्रयोग के आधार पर कम्प्यूटर का वर्गीकरण (Type of Computer Based on Application)
अनुप्रयोगों के आधार पर कंप्यूटर को तीन भागो में बाटा जा सकता है
(A) एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer )
(B) डिज़िटल कम्प्यूटर (Digital Computer)
(C) हाइब्रिड कम्प्यूटर (Hybrid Computer)

एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer)
इस श्रेणी में वे कंप्यूटर आते है जिनका प्रयोग भौतिक इकाइयों (दाब , तापमान , लंबाई ,आदि ) को मापकर उनको अंको में परिवर्तित करते है। ये कंप्यूटर किसी भी राशि का मापन तुलना के आधार पर करते है। जैसे की थर्मामीटर को गणना नहीं करता है। बल्कि पर के सम्बंधित प्रसार (Relative Expansion) की तुलना करके शरीर के तापमान को मापता है। एनालॉग कॉम्प्यूटर का प्रयोग मुख्य रूप से विज्ञानं और इंजीनरिंग के क्षेत्रो में किया जाता है। क्योकि इन क्षेत्रो में मात्राओ का अधिक प्रयोग किया जाता है। इस प्रकार के कंप्यूटर केवल अनुमानित अनुमान ही देते है।  जैसे - किसी पेट्रोल पंप पर लगा  एनालॉग कंप्यूटर पंप से निकलने वाले पेट्रोल की मात्रा को मापता है और लीटर में दिखता है। और उसके मूल्य की गणना करता है।
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 डिजिटल कॉम्प्यूटर (Digital Computer)
इस श्रेणी में वे कंप्यूटर आते है जो अंको की गणना करते है जब लोग कंप्यूटर के बारे में बाते करते है तो अधिकतर डिजिटल कंप्यूटर ही केंद्र बिंदु होता है। इस श्रेणी में वो कंप्यूटर आते है जो बाजार को चलते है , घरो का बजट तैयार करते है और अन्य सभी प्रकार के वे कार्य जो कंप्यूटर पर किये जा सकते है कर सकते है। इसलिए अधिकतर कंप्यूटर डिज़िटल कंप्यूटर के श्रेणी में ही आते है। डिजिटल कंप्यूटर डाटा और प्रोग्राम को 0 और 1 में परिवर्तित करके उसको इलेक्ट्रॉनिक रूप में ले जाते है।
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 हाइब्रिड कम्प्यूटर (Hybrid Computer)
ये कंप्यूटर अनेक गुणों से युक्त होते है इसलिए इन्हें हाइब्रिड कंप्यूटर कहा जाता है। इन कंप्यूटर्स में एनालॉग कंप्यूटर और डिजिटल कंप्यूटर दोनों के ही गुण विधमान होते है। ये कंप्यूटर अधिक विश्वशनीय होते है। उदहारण के लिए जब कंप्यूटर की एनालॉग डिवाइस किसी रोगी के लक्षणों जैसे तापमान या रक्तचाप आदि को मापती है तो ये माप बाद में डिजिटल भागो के द्वारा अंको में बदल दी जाती है। इस प्रकार से किसी रोगी के स्वास्थ्य में आये उत्तर चढ़ाव का तुरंत सही पता चल जाता है।
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(2) उद्देश्यों के आधार पर कंप्यूटर का वर्गीकरण (Type of Computers based on Purpose)
उद्देश्यों के आधार पर कंप्यूटर को हम दो भागो में बात सकते है।
(A) सामान्य उद्देश्य कंप्यूटर (General Purpose Computer)
(B) विशिष्ठ उद्देश्य कम्प्यूटर (Special Purpose Computer)

सामान्य उद्देश्य कंप्यूटर (General Purpose Computer)
इन कंप्यूटर्स में अनेक प्रकार के कार्य करने की क्षमता होती है लेकिन ये सभी कार्य सामान्य होते है किसी विशेष प्रकार के नहीं होते है। जैसे वर्ड प्रोसेसिंग से (Word Processing) लेटर लिखना। Document तैयार करना। दस्तावेजो को छापना , डाटाबेस बनाना। इन कंप्यूटर में लगे हुए C.P.U. की क्षमता भी काम होती है। इन कंप्यूटर में हम किसी विशिष्ट उद्देश्य के लिए कोई स्पेशल डिवाइस नहीं जोड़ सकते है। क्योकि इन की C.P.U. की कार्यक्षमता बहुत काम होती है।  इसलिए इन्हें केवल सामान्य उद्देश्य के लिए ही उपयोग किया जा सकता है।

विशिष्ठ उद्देश्य कम्प्यूटर (Special Purpose Computer) 
इन कम्प्यूटर को किसी विशेष कार्य के लिए बनाया जाता है इन कंप्यूटर के C.P.U. की क्षमता उस उस कार्य के अनुरूप होती है। जिस कार्य के लिए इस कंप्यूटर को बनाया जाता है। अगर इन कंप्यूटर एक से ज्यादा C.P.U. की आवश्यकता होती है तो इन कंप्यूटर की रचना अनेक C.P.U. वाली कर दी जाती है। जैसे - संगीत संपादन करने के लिए स्टूडियो में लगाया जाने वाला कंप्यूटर विशिष्ट प्रकार का कंप्यूटर होता है। इस कंप्यूटर में संगीत से सम्बंधित उपकरणों को जोड़ा जा सकता है।
इसके आलावा इन कंप्यूटर का प्रयोग आने क्षेत्रो में किया जाता है जैसे - अंतरिक्ष विज्ञानं ,मौसम विज्ञानं ,युद्ध के क्षेत्र , उपग्रह संचालन में ,चिकित्सा के क्षेत्र में, भौतिक रसायन में , यातायात नियंत्रण में ,समुन्दर विज्ञानं में , कृषि विज्ञानं में , इंजीनरिंग आदि क्षेत्रो में इन कंप्यूटर का प्रोयग किया जाता है।  

(3) आकार के आधार पर कंप्यूटर का वर्गीकरण (Types of Computers based on Size) 
 आकर के आधार पर कंप्यूटर को निम्नलिखित भागो में बाटा गया है।
(A) माइक्रो कंप्यूटर (Micro Computer)
(B) मिनी कम्प्यूटर (Mini Computer)
(C) मेनफ्रेम कम्प्यूटर (Mainframe Computer)
(D) सुपर कंप्यूटर (Super Computer)

माइक्रो कंप्यूटर (Micro Computer)
कंप्यूटर तकनीक के क्षेत्र में 1970 के दसक में एक बहुत बड़ा अविष्कार हुआ।  ये अविष्कार था माइक्रो प्रोसेसर का इस अविष्कार के साथ ही एक सस्ती और अच्छी कंप्यूटर प्रणाली बनना सम्भव हुआ। इस प्रकार निर्मित कंप्यूटर एक डेस्क पर या एक ब्रीफकेश में भी रखा जा सकता था। इन छोटे कंप्यूटर को ही माइक्रो कंप्यूटर कहते है। माइक्रो कंप्यूटर कीमत में काम और आकर में छोटे होते है। इन कंप्यूटर को व्यक्तिगत उपयोग के लिए घर या बाहर किसी भी कार्य क्षेत्र में लगाया जा सकता है। इन कंप्यूटर्स को पर्सनल कंप्यूटर (Personal Computer ) या P.C. भी कहते है। माइक्रो कंप्यूटर का व्यापर में बहुत महत्व है व्यापर बड़ा हो या छोटा ये हर प्रकार के व्यापर में प्रयोग किये जाते है। छोटे व्यापार में ये किये गए कार्य का ब्यौरा रखते है , पत्र व्यवहार के लिए पत्र तैयार करता है। उपभोग्ताओ के लिए बिल बना सकते है , एकाउंटिंग में प्रयोग कर सकते है , बड़े व्यापार में Word Processing और फाइलिंग प्रणाली के संचालन में उपयोगी है। माइक्रो कंप्यूटर में एक ही C.P.U. लगा होता है। आज वर्तमान में माइक्रो कंप्यूटर का विकास बहुत तेजी से हो रहा है। जिसके परिणाम सवरूप आज माइक्रो कंप्यूटर एक पुस्कत के आकर , फोन के आकर , और यहाँ तक की एक घडी के आकर में भी आने लगे है। 

 मिनी कम्प्यूटर (Mini Computer)
सबसे पहला मिनी कंप्यूटर पीडीपी-८ (PDP-8) एक रेफ्रिजरेटर के आकर का था जिसकी कीमत 18000 डॉलर थी जिसे डी.ई.सी. (DEC - Digital Equipment Corporation) ने 1965 में तैयार किया था। ये कम्प्यूटर माध्यम आकर के कंप्यूटर होत्ते है। ये कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर की तुलना में अधिक कार्यक्षमता वाले होते है। मिनी कंप्यूटर की कीमत माइक्रो कंप्यूटर से अधिक होती है। इन कंप्यूटर्स की व्यक्तिगत रूप से नहीं ख़रीदा जा सकता है। इन कंप्यूटर्स को छोटे और माध्यम आकर की कंपनिया प्रयोग में लेती है। इन कंप्यूटर पर एक साथ एक से अधिक व्यक्ति कार्य कर सकते है। मिनी कंप्यूटर्स में एक से अधिक C.P.U. होते है। इन कंप्यूटर्स के स्पीड माइक्रो कंप्यूटर से अधिक लेकिन मेनफ्रेम कंप्यूटर से कम होती है। माध्यम स्तर की कंपनियों में मिनी कंप्यूटर ही प्रयोग होते है। पार्टी व्यक्ति माइक्रो कंप्यूटर की अपेक्षा मिनी कंप्यूटर कंपनी में केंद्रीय कंप्यूटर के रूप में कार्य करता है। और इससे कंप्यूटर के संसाधनों का साझा हो जाता है। मिनी कंप्यूटर के उपयोग यातायात में यात्रियों के आरक्षण के लिए आरक्षण प्रणाली , बैंको में बैंकिंग के लिए , कर्मचारियों के वेतन के लिए पेरोल तैयार करना, वितीय खातों का रखरखाव रखना आदि। 

 मेनफ्रेम कम्प्यूटर (Mainframe Computer)
मेनफ्रेम कंप्यूटर आकर में बहुत छोटे होते है। तथा इनकी भण्डारण क्षमता भी अधिक होती है। इनमे अधिक मात्रा में बहुत ही तीव्र गति से डाटा को प्रेसेस करने की क्षमता होती है। इसलिए इनका प्रयोग बड़ी कंपनियों, बैंको , सरकरी विभागों में केंद्रीय कंप्यूटर के रूप में किया जाता है। ये कंप्यूटर 24 घंटे कार्य कर सकते है। इन कॉम्प्यूटेस पर सेकड़ो यूज़र्स एक साथ कार्य कर सकते है। मेनफ्रेम कंप्यूटर को एक नेटवर्क या माइक्रो कंप्यूटरो के साथ आपस में जोड़ा जा सकता है। इन कंप्यूटर्स का प्रयोग विभिन्न कार्यो की लिए किया जा सकता है। जैसे - उपभोग्ताओ द्वारा खरीद का ब्यौरा रखना, भुगतानों का ब्यौरा रखना , बिलो को भेजना ,नोटिस भेजना , कर्मचारियों का भुगतान करना , टेक्स का विस्तृत ब्यौरा रखना आदि। कुछ मेनफ्रेम कंप्यूटरो की नाम है - IBM 4381, ICL39 Series और  CDC Cyber Series.
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सुपर कंप्यूटर (Super Computer)
ये कंप्यूटर अन्य सभी श्रेणियों के कंप्यूटर की तुलना में सबसे बड़े , सबसे अधिक संग्रह क्षमता वाले , सबसे अधिक गति वाले होते है। इन कंप्यूटर्स में अनेक C.P.U. समान्तर क्रम में कार्य करते है। इस क्रिया को Parallel Processing कहते है। सुपर कम्प्यूटर नॉन-वॉन न्यूमेन सिद्धान्त (Non-Von Neumann Concept) के आधार पर तैयार किये जाते है सुपर कंप्यूटर में अनेक ए०एल०यू० (A.L.U.), सी० पी० यू० (C.P.U.) का एक भाग होता है। इनमे प्रत्येक ALU एक निश्चित कार्य के लिए होता है। सभी ALU एक समान्तर क्रिया करते है। सुपर कंप्यूटर्स का प्रयोग बड़े वैज्ञानिक और शोध प्रयोगशालाओ में शोध कार्यो में होता है, अंतरिक्ष यात्रा के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजना, मौसम की भविष्यवाणी करना, उच्च गुणवत्ता की एनीमेशन वाले चित्रो का निर्माण करना। इन सभी कार्यो में की जाने वाली गणना व प्रक्रिया जटिल व उच्चकोटि की शुद्धता वाली होती है। जिन्हें केवल सुपर कंप्यूटर ही कर सकता है। भारत के पर PARAM नाम का सुपर कंप्यूटर है। जिसे भारत के वेज्ञानिको ने भारत में ही तैयार किया है। परम कंप्यूटर का विकसित रूप PARAM-10000 है।  इसके आलावा अन्य सुपर कंप्यूटर भी है जैसे - CRAY-2, CRAY XMP-24 और NEC-500.
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